थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
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[ वि.सं १७ मंसिर २०७९, शनिबार ]
[ 03 Dec 2022, Saturday ]

कोरोना कहरमे मेलमिलाप अभियान

पहुरा | ५ आश्विन २०७७, सोमबार
कोरोना कहरमे मेलमिलाप अभियान

कोभिड १९ अर्थात कोरोना भाईरसके कारण समग्र विश्व आक्रान्त बनल बा । चीनके बुहानसे सुरु हुइल यी महामारी हाल बिश्वक सक्कुहस मुलुकमे प्रवेश करसेकल बा । विश्व स्वास्थ्य संगठनके अनुसार सेप्टेम्वर १७, २०२० सममे विश्वभरमे कोरान संक्रमण फैलल २१६ ठो देश/क्षेत्रमे २,९८,९३,२९८ जाने  संक्रमित हुइल बाटै । जेम्नेसे ९,४१,३४५ जानेक मृत्यु हुइल बा । नेपालमेफे २०७७ कुवाँर १ समके आकडा हेर्ना हो कलेसे स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालयके अनुसार जमा ५९,५७३ संक्रमित पहिचान हुइलमे ४२,९४९ जाने कोरानामुक्त हुके ठिक हुइल बाटै कलेसे ३८३ जानेक कोरानाक कारण ज्यान गैल बा । कोरोनाके संक्रमणके दर दिनदिने बह्रटी गैल बा । नेपाल सरकारसे २०७६ चैत ११ गतेसे देशभर लागु करल लकडाउन ओ ओकरपाछेक निशेधाज्ञासेफे संक्रमण्नके दर घटल नइहो । कोरानाके कारण विश्व अर्थतन्त्रमे नइमजा असर परल बा । नेपालमेफे संक्रमणके दर सोचल अनुरुप नइघटलेसेफे करिव पाँच महिनाके लकडानके कारण यी कुछ सकारात्मक ओ नकारात्मक असर डेखेले बा । 

लकडाउन ओ निषेधाज्ञाके कारण सदा व्यस्त रहना मनै परिवारसंग समय विटाई पैले बा । शहर बजार केन्द्रीत हुइल बसोवास अब्बे आके मनै अपने गाउँमे लौटल बाटै । गाउँमे मानौ चाडपर्व आइल भान हुइल बा । जेकर फलस्वरुप यी बर्ष चार लाख हेक्टर ढेरमे रोपाई हुइल बाट समाचारमे आइल बा । सवारी साधान तथा कलकारखाना बन्द हुइनाके कारण वातवरणमे स्वच्छता आइल बा । विगतमे मौसमी रुघाखोकी आदिसे सटैना करलमे यी अवधिमे ओसिन अवस्था नइविल्गाइल । फजुल खर्चमे कमि आइल बा । प्रविधिके उच्चतम प्रयोग हुइल बा । गोष्ठी, बैठक, सेमिनार अनलाईन प्रविधिसे संचालनके कारण खर्चमे समेत कमि आइल बा । स्वास्थ्य सेवा थपल बा । गाउँ सुधार अभियानमे युवाहुकनके सक्रियता थपल बा । मनैनमे स्वदेशमे कुछ करी कना भावनाके विकास हुइल बा । क्वारेन्टाईन, आईसोलेसन, लकडाउन, सटडाउन आदिके बारेमे नइबुझल मै जैसिनहे यी ढेर बाट सिखैले बा । 

कोभिड १९ महामारीके सन्त्राससे पश्चिमा संस्कृतिमे ढल्कटी करल हमार समाजहे अपन संस्कृति बैज्ञानिक रहल ओ अगल्न प्रेरित करले बा । हात मिलैनाके सट्टा नमस्कारके परिपाटीहे उजागर करले बा । वैदिक कालमे धर्म संस्कृति ओ जीवनशैलीमे अब्बे जैसिन बिरोधाभाष नइरहे । धर्म संस्कृति ओ जीवनशैली एक्के रहे । पूर्विय दर्शनसे विकास ओ विस्तार करल भान्सा संस्कृति अनुसार भान्सेसे लहाके कपडा फेरके खाना बनैना । खाना खाईबेर लहाके ढोटी फेरके खैना । बाहेरसे आइलपाछे हात गोरा ढोके केल भिटर पैठना । अन्तेष्टी (मृत्यु संस्कार) तेह्र दिन सम किरिया बैठना । मलामीसे लौटलपाछे लहाके गहुँत छिटना । आकशओर लौटके हाच्छीउ नइकैना । मेलापातसे आइलपाछे आगी पानी छोके केल बालबच्चा छुना  लगायतके संस्कृति रहे । खैना चिज मजासे पकाके केल खैना । बेसार, लसुन, अदुवा, मरिच लगायतके मसलाके नियमित प्रयोग कैना, बासी खाना नइखैना हहमार चलनहे आज विश्वके टमान देश चासो डेखाइल केल नाही अनुशरण समेत करे लागल बाटै । कोरानापाछे यिहीसे बच्न उपायहे हेर्ना हो कलेसे करिब करिब सक्कुहुन यी उपायहे अँगाली कहल हम्रे पैठी ।

यी हुइटी–हुइटीफे यी माहामारीके कारण विश्व अर्थतन्त्रमे नइमजा असर परल बा । विश्वव्यापि रुपमे आर्थिक मन्दी छइना विल्गाइल बा । नेपालमेफे यातायातके साधन, कलकारखाना, हवाईसेवा, ब्यापार व्यवसाय ठप्प रहल अवस्था बा । टमान मनै रोजगारी गुमैले बाटै । मनै से मनै डरैना अवस्थाके सृजना हुइल बा । कोरोना संक्रमित हुइटी की अछुतके व्यवहार हुइल, सामाजिक वहिस्करणमे परल टमान समाचार हम्रे सुन्टी रहल बाटी । संक्रमितके घरमे मनै ताला लगाडेहल, मलामी नइपाके जैसिन टमान  ज्वलन्त उदाहरण हमार माझ बाटै । समुदाय विचमे नयाँ पकृतिके विवाद विल्गाई लागल बा । वेरोजगार अवस्थाके कारण चोरी लुटपाटके घटनाफे बढटी रहल बा । मनै मनोसामाजिक समस्या समेत डेखा परे थालल बटै । पारिवारिक कलह तथा घरेलु हिंसाके घटना दिन प्रतिदिन बढटी रहल बाटै । आर्थिक अवस्था तथा व्यक्ति व्यक्ति विचमे मन फाटल कारण हत्या आत्महत्या जैसिन घटना बढटी रहल बाटै । करिव २००० से ढेर मनै यी महामारीके अवधिमे आत्महत्या करल विवरण प्रकासनमे आइल बाटै ।

समाजमे डेखा परल टमान विवाद समाधानके लाग स्थापना हुइल सर्वोच्च अदालत लगायत देशभरके उच्च तथा जिल्ला अदालत लकडाउके बखत बन्द हुइल रहे । अर्धन्यायिक निकाय तथा कानूनसे अख्तियार प्राप्त निकायमे समेत अत्यावश्यक सेवा बाहेकके और सेवा बन्द रहल बाटै । आम मनै विच हुइल विवाद समाधान अत्यावश्यक सेवामे परल नएहो । सर्वोच्च अदालतसे लकडाउनके अवधिहे शून्य अवधि मन्ले बा । स्थानीय तहमे रहल कतिपय न्यायिक समितिसेफे न्यायिक काम कारवाहीहे स्थगन करले बाटै । यी  दुःखके घडीमे मठ मन्दिर लगायतके धार्मिक स्थल बन्द हुइल बाटै । पिर मार्का परलेसे गुहर्ना प्रायः जैसिन ठाउँ बन्द हुइलेसेफे मेलमिलापकर्ताहुक्रे भर याी कोरोनाके कहरमे फे दिनहुँ दिन मेलमिलाप करैना प्रक्रियामे सहजीकरण करटी बाटै । महोत्तरी जिल्ला गौशाला नगरपालिका वडा नं.११ के मेलमिलापकर्ता द्वय श्री रामइश्वर राय ओ श्री ललितकुमार महत्तो कहाई अनुसार औरहे लकडाउन लग्लसेफे हम्रे मेलमिलापकर्ताहुकनहे लकडाउन नइलगाठ लकडाउन कहिके घर बैठे नइपाजाइठ । दिनहुँ कौनो न कौनो विवादमे सहजिकरण करटी रहल बटैठै । गाउँघरमे रहल फाटल मन सिना डाक्टरहुक्रे अर्थात मेलमिलापकर्ताहुक्रे अपन सहयोग जारी राखल बाटै । 

विवाद समाधानके लाग स्थानीयस्तरमे कार्यरत मेलमिलापकर्ताहुक्रे गाउँघरमे डेखा परल विवादहे मेलमिलापके माध्यमसे समाधान करके शान्ति निर्माण कार्यमे अग्रसर विल्गाइल बाटै । विवादमे सहजीकरणके साथे स्थानीय तहमे संक्रमितहुकनके व्यस्थापनमे समेत मेलमिलापकर्ताहुक्रे सहयोग करटी रहल बाटै । मेलममिलाप केन्द्रमे रहिके व्यवस्थित रुपमे काम करे नइसेक्लेसेफे समुदायमे रहिके  मेलमिलापकर्ताहुक्रे सहयोग करटी रहल अवस्था बा । नेपाल सरकार लगायत टमान निकाय कोरोना महामारीके कारण प्रभावग्रस्त टमान क्षेत्रके पहिचान टे करले बा मने, मेलमिलापके क्षेत्र भर उपेक्षित बनल बा ।

नेपालके संविधानके भाग–४ राज्यके निर्देशक सिद्धान्त, नीति तथा दायित्वके धारा ५१ (ट) मे न्याय ओ दण्ड व्यवस्था सम्बन्धी नीति अन्र्तगत सामान्य प्रकृतिके विवाद समाधानके लाग मेलमिलाप, मध्यस्थता जैसिन वैकल्पिक उपाय अवलम्बन कैना कना प्रावधान रहल बा । ओस्टेक करके नेपालके संविधान २०७२ के धारा २१७ मे व्यवस्था हुइलेसेफे अनुसार ७५३ स्थानीय सरकारमे न्यायिक समिति गठन हुइल बा । गाँउपालिकाके उपाध्यक्ष तथा नगरपालिकाके उप–प्रमूखके संयोजकत्वमे तीन सदस्यीय न्यायिक समिति रहल बा । मेलमिलापकर्ताहुक्रे स्थानीय तहमे शान्ति स्थापनाके लाग न्यायिक समितिके सहयोगीके रुपमे काम करटी रहल बाटै । स्थानीय सरकार सञ्चालन ऐन २०७४ के दफा ४७ मे व्यवस्था हुइल अनुसार कानुनतः मेलमिलाप कराई मिल्न विवाद न्यायिक समिति ओ वडाके मेलमिलाप केन्द्रमे दर्ता हुइना करठ । मेलमिलाप कराई पैना अधिकार केवल मेलमिलापकर्ताहे केल रहल बा । न्यायिक समितिसे निरुपण कैना विवादमे समेत सम्भव हुइटसम मेलमिलापसे समाधान कैना प्रयास करे परठ कहिके स्थानीय सरकार संचालन ऐनमे उल्लेख करल बा । हरेक वडामे गठन करल मेलमिलाप केन्द्रमे मेलमिलाप परिषद्से स्वीकृत पाठ्यक्रम अनुसार तालिम प्राप्त करल मेलमिलापकर्ताहुक्रे मेलमिलाप सेवा प्रदान करठै । नेपालके संविधान २०७२ के अनुसूचि ८ मे स्थानीय तहमे मेलमिलाप तथा मध्यस्थताके व्यवस्थापन स्थानीय तहके अधिकारक्षेत्र भिटर राखल बा । मने मेलमिलाप प्रक्रिया कैसिन हुइना ? तालिम संचालन कैसिक ओ किहीसे हुइना ? मेलमिलापकर्ताके योग्यता कैसिन हुइना ? कना सन्दर्भमे मेलमिलाप सम्वन्धी ऐन २०६८ ओ नियमावली २०७० से निर्दिष्ट करले बा ।

                विवादके पक्षबीच सहमति कायम करके विवादके समाधान कैना निष्पक्ष तटस्थ टिसरा पक्षसे सहजकर्ताके भूमिका निर्वाह करके सञ्चालन कैना संवाद ओ वार्ताके स्वेच्छिक ओ गोपनीय प्रक्रिया मेलमिलाप प्रक्रिया हो । न्यायिक प्रक्रियामे समुदायके सहभागिता कायम करके सामाजिक मूल्य मान्यताके आधारमे विवादके समाधान हुई परठ कना मान्यताहे यी अवधारणासे आत्मसात् करले बा । येम्ने विवादके पक्ष मेलमिलापकर्ताके सहयोगमे विवाद समाधानके लाग सकारात्मक दृष्टिकोण धारके छलफल करठै । मेलमिलापसे दुनु पक्षहहे आपसी खुला छलफल एवं सहमतिसे विवादहे समझदारीमे पुगैना डगरमे डो¥यइठ । यी प्रक्रियामे पक्षसे उचित विकल्प अपनही खोजके खुल्ला छलफल करके सहमतिमे पुगठ । मेलमिलाप कौनो अदालती सुनुवाइ नइहो । यी प्रक्रियामे साक्षी, प्रमाण आदि कौनोफे खासे आवश्यकता नइरहठ । यी  कौनो “दोषी” वा “निर्दोषी” ठह¥यइना अथवा “ठीक” ओ “बेठीक” छुट्टयइना प्रक्रियाफे नइहो । यी प्रक्रियामे न्यायग्राहीसे आ–अपन अडानसे ठोरिक पर सरके सहमतिके विन्दुमे पुगके विवादके समाधान करेबेर विवादके समाधान सहज, सरल, छरितो, कम खर्चिलो ओ दीर्घकालीन रहठ । यिहीसे अपने स्वीकार करल परिणाम प्राप्ती हुइना ओरसे मनोवैज्ञानिक सन्तुष्टि समेत रहठ । विवादके पक्षहुकनहे सहयोग कैना टिसरा पक्षके उपस्थिति रहठ जिहीहे मेलमिलापकर्ता कहिजाइठ । मेलमिलापकर्ताके भूमिका विवादके पक्षबीच सहजकर्ताके रुपमे केल रहठ मने बाध्यात्मक भूमिका नइरहठ ।

विवादके कारण विभाजित समाजहे आपसी सम्बन्ध ओ विश्वासहे मजवुत परटी दिगो शान्ति कायम करेक लाग मेलमिलाप बहुट महत्वपूर्ण औजार हो । गाउँगाउँमे खुलल मेलमिलाप केन्द्र फाटल मन सिना अस्पताल हुइट कलेसे मेलमिलापकर्ताहुक्रे फाटल मन सिना डाक्टर हुइट । हरेक मनैनके जीवन ओ सम्वृद्धिसंग जोरल आपसी मेलमिलाप ओ शान्तिके क्षेत्रमे काम कैना दक्ष जनशक्ति कहल मेलमिलापकर्ता हुइट ।

                मेलमिलापकर्ताहुक्रे समुदायसंग प्रत्यक्ष सरोकार रख्ना हुइल ओरसे कोरोनाके महामारीमे मेलमिलापहे  कैसिक प्रभावकारी ढंगसे आघे बढाई सेक्जाइठ कहिके मेलमिलाप परिषद् ओ स्थानीय सरकारसे सोचे पर्ना बेला हुइल बा । यी काहेफे जरुरी बा कलेसे यी अवस्था कब्बु समान्य बनठ कुहीहे फे पत्ता नइहो । मने  विवादके संख्या दिन प्रतिदिन बढटी रहल बाटै । गाउँघरमे खुलल मेलमिलाप केन्द्र विवाद समाधानके पहिल खुट्किलोके रुपमे विकशित हुइटी गैल बाटै । टबमारे, स्वास्थ्य क्षेत्रके विस्तार तथा व्यवस्थापनसंगे फाटल मन सिना अस्पताल तथा यकर डाक्टर समेतके उचित व्यवस्थापन हुइना जरुरी विल्गाइल बा । मेलमिलापकर्ताहुकनमे परल प्रभावके लेखाजोखा कैना स्थानीय सरकार ओ मेलमिलाप परिषद्के प्रमुख दायित्व हुई आइल बा । साथे मेलमिलाप कार्य संचालनमे लाग परल परिषद्मे सुचिकृत संस्थासेफे मेलमिलापकर्ता एवं मेलमिलापकर्ताके व्यवस्थापन तथा अइना दिनके डगरके सम्वन्धमे परामर्श बैठक कैना एकदम जरुरी विल्गाइल बा । प्रत्येक मेलमिलाप केन्द्रमा व्यक्तिगत सुरक्षाके सामाग्रीके व्यवस्था कैनाके साथे भौतिक दुरी कायम कैना करके छलफलके वातावरण तय हुइना खालके संरचना निर्माण करे पर्ना विल्गाइल बा । अनलाईन प्रविधिके माध्यमसे मेलमिलाप प्रक्रिया संचालनके सम्भाव्यता अध्ययन कैना जरुरी रहल बा । 

मेलमिलापकर्ता बन्न मेलमिलाप सम्वन्धी आधारभुत तालिम लेहल व्यक्ति हुई पर्ना व्यवस्था रहल बा । ओ उ तालिमके सम्वन्धमे मेलमिलाप परिषद्से ४८ घण्टे आठ दिवशिय आवाशिय तलिमके प्रावधान राखले बा । तालिम संचालनके सम्वन्धमे मेलमिलाप सम्वन्धी नियमावली २०७० के नियम ४६ बमोजिम परिषद्से तोकल संस्थासे केल तालिम संचालन करे पैना व्यवस्था करले बा । हालके यी अवस्थामे आवश्यक दक्ष जन शक्ति उत्पादनके लाग तालिम संचालन हुइल नइहो ।

अइना दिनमेफे तोकल समयके आवाशिय तालिम कैना  अवस्था नइविल्गाइठ । मने ढेर जैसिन स्थानीय सरकारमे अभिनफे चाहल जटराके मेलमिलापकर्ताहुक्रे उत्पादन हुइल नइहो । मेलमिलापकेन्द्रहुक्रेफे खुल्न प्रक्रियामे रहल बाटै । टबमारे, तालिमके समयावधी परिमार्जनके सम्वन्धमे अथवा अनलाईन प्रविधिके प्रयोग करके तालिम संचालन करे सेक्ना बारेमे परिषद् तथा स्थानीय सरकारसे सोच्न जरुरी रहल बा । अनलाईन प्रविधिसे तालिम संचालन करल बखत उ तामिलके मान्यता हुइना कि नइहुइना ? अथवा अनलाइन तालिम संचालनके निर्देशिका मेलमिलाप परिषद्से तयार कैना एकदमे जरुरी विल्गाइल बा ।

अन्त्यमे, मनैनके विचके तिक्तता मेटैना ओ फाटल मनहे आपसी संवादके सियोसे सिई विश्वासके धागासे  टाँका लगाके सम्वन्ध सुधार सहित समाजमे दिगो शान्ति कायम करेक लाग मेलमिलापकार्ताके भुमिका अपरिहार्य हुइल बा । कोरोना कहरमे टे झन समुदायहे एकढिक्का बनाके यी महामारीके विरुद्ध सकारात्मक उर्जा सहित लड्न मेलमिलापकर्ताके काधमे थप जिम्मेवारी ठपल बा । टबमारे मेलमिलाप क्षेत्रके उचित ब्यवस्थापन ओ प्राथमिकताके विषय बनाके दिगो विकासके लक्ष्य मध्ये लक्ष्य १६ (दिगो विकासके लाग शान्तिपूर्ण तथा समावेशी समाजहे बढावा डेना, न्यायमे सक्कुहुनहे पहुँच डेना ओ सक्कु तहमे प्रभावकारी, जिम्मेवार तथा समावेशी संस्था निर्माण कैना) प्राप्तिके लाग सम्वन्धित तह निकाय ओ सक्कु सरोकारवालाहुक्रे समयमे ध्यान डेना आजके आवश्यकता हुइल बा । यिहे समयके माग हो । जय मेलमिलाप ।

 (लेखक प्राकृतिक स्रोत द्वन्द्व रुपान्तरण केन्द्र नेपालके वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकृत हुइट ।)

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