थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १८ अगहन २६४३, बिफे ]
[ वि.सं १८ मंसिर २०७७, बिहीबार ]
[ 03 Dec 2020, Thursday ]

आज ढिकरहुवा, काल्ह पिट्रहुवा

पहुरा | ८ कार्तिक २०७७, शनिबार
  • 973
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    973
    Shares
आज ढिकरहुवा, काल्ह पिट्रहुवा

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ८ कार्तिक ।
पश्चिमा थारु समुदायमे आज डसियाके ढिकरहुवाक् दिन परल बा । शुकके रोज फूलपाती संगे आदिवासी थारू समुदायमे पैनस्टोपी धोइना अर्थात् ढिकरहुवाके लाग तयारी कर्ना दिन परल रहे ।

थारु बृद्धिजीवीहुकनके अनुसार पैनस्टोपीके दिन ढिकरी बनाइक लाग चाहना लौव धानक् चाउरके पिठा पसैना, ढिकरी उसिनेक् लाग प्रयोग हुइना पैनलगायत सामग्री धोइना दिन परल हो ।

तयारीपाछे आज शनिच्चरके रोज डसियाके महत्त्वपूर्व दिनके रुपमे मानजिना ढिकरहुवा परल हो । थारू समुदायमे लौव धानेक् चाउरसे बनाइल ढिकरीहे प्रसादके रुपमे देउ दुर्गाहुकन चह्राके पूजापाठ कर्ना प्रचलन रहटी आइल बा । ढिकरी चह्राके पूजापाठ कर्ना दिनहे भव्यतापूर्वक ढिकरहुवाके रुपमे मनैना प्रचलन रहटी आइल हो ।

डसियाके एक प्रमुख दिनके रुपमे मानजिना ढिकरहुवाके दिन कौनो फेन घरके घरमुली तथा कुलदेउताहुकनके पूजा कर्ना मनै दिनभर निराहार व्रत बैठल रठै । साँझ्याके विधिपूर्वक पूजापाठ करलपाछे किल उहाँहुक्रे प्रसाद स्वरुप ढिकरी ओ अन्य परिकार खैठै ।

थारू बुद्धिजीवीहुकनके अनुसार यी दिन पूजापाठ कर्ना मनै तथा पुजेह्रुहुक्रे विहानके लहाखोरके लाठिक् बोझा, पौवा, गुलेरुवालगायत टमान आकार प्रकारके ढिकरी बनैठै । साठे लग्गेक् बनुवा मन्से बेलुक डाँढ, कुश, भेलाक् पटिया पूजाके लाग नन्ठै । ओकरपाछे बनुवा मन्से नानल बेलुक काँटामे ढिक्रि झलरमलर गस्काके विधिपूर्वक घरेक कुल देवताहुकनके पूजापाठ कर्ना थारू समुदायके संस्कार रहल थारू बुद्धिजीवी दिलबहादुर चौधरी जानकारी डेलै ।

थारू समुदायमे ढिकरहुवाक् दिनहे उत्सवके रुपमे मनैना प्रचलन फेन चल्टी आइल बा । ढिकरहुवाक् पाछे अर्थात् कार्तिक ९ गते पिट््रहुवा, पिट्टर अस्रैना दिन परल बा । कलेसे ११ गते डसियाके टीका परल हो । यहेबीच हिन्दूधर्मालम्बीहुक्रे शुकके रोज डसियाके फूलपातीके रुपमे मनागिल बा । धुमधामके साथ विधिपूर्वक घर–घरमे फूलपाती भित्र्याइना फेन करजाइठ ।

घरघरमे गन्ना, अदुवा, केराक् बोट, धानेक् बाल, बेलुक पट्टा, दारिम, जयन्ती ओ अशोकके फूल तथा अन्य लौव फुंगीसमेत विधिपूर्वक फूलपाती भित्र्याइना प्रचलन बा । फूलपातीके रूपमे साँझ्याके उ चीज घटस्थापनाके दिन स्थापना करल डसियाया घरमे राख जाइठ । आजके दिन डसिया घरमे पूजारीसहित फूलपाती नन्ना ओ भित्र्याइना फेन करजाइठ ।

  • 973
    Shares

जनाअवजको टिप्पणीहरू