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द्वन्द्वपीडित महिला नेपाली कागज बनैटी

पहुरा | २३ कार्तिक २०७७, आईतवार
द्वन्द्वपीडित महिला नेपाली कागज बनैटी

टीकापुर, २३ कार्तिक । कैलालीके टीकापुर–६, आम्बासामे सशस्त्र द्वन्द्वके पीडित महिला नेपाली कागज बनाइ लागल बाटै । महिला केराके थामसे नेपाली कागज निर्माण करे लागल हुइट ।

द्वन्द्व प्रभावित महिला समूहमार्फत कागज निर्माण कार्य सुरु करल हुइट । टीकापुरमे ३९ सदस्यीय द्वन्द्वपीडित महिला सञ्जाल निर्माण हुइल बा । सञ्जालसे घाहिल तथा अन्य काम करे नाइ सेक्ना १० जाने महिलाहे उद्योगमे रोजगार डेहल बा । आम्वासके कृष्णादेवी चौधरी अब्बे घरसे नेपाली कागजके लिफाफा अथवा खाम बेच्ठी । गाउँमे पैना केराके थामसे नेपाली कागज उत्पादन कैके खाम तयार करल उहाँ घरसे बेच्टी आइल बाटी । ‘हम्रे १० जाने महिला काम करठी । अन्य व्यवस्थापनके काम सञ्जाल करठ्,’ कृष्णादेवी कहली, ‘बजारके चिन्ता नाइहो, खाम ओ कागज किनुइया घरे पुग्ठै, अन्य ठाउँसे फेन माग आइ लागल बा ।’

कागज बनाइक लाग गाउँघरमे सहजरुपमे पैना केराके थाम, बावियो ओ लोक्ताके प्रयोग करजाइठ् । प्रशोधनसहित महिला गाउँमे नेपाली कागज उत्पादन करटी रहल बाटै । अन्य रोजगार करे नाइ सेक्ना घाहिल महिला सामूहिक रुपमे नेपाली कागज उत्पादन कैना कार्य करटी रहल द्वन्द्व पीडित महिला आशा चौधरी बटैली । ‘महिलानसे उत्पादन करल कागज ओ खामसे बजार सहज पैटी रहल बा,’ चौधरी कहली, ‘कैलालीके ढिउर जैसिन सरकारी कार्यालयसे यहैसे कागज ओ खाम खरिद करे लागल बाटै । कागजके बजार खोज्न तनाव नाइहो ।’

टीकापुर नगरपालिकासे प्रभावित महिलाके लाग पाँच लाख सहयोग करलपाछे उहाँहुक्रे उद्योग खोलल् हुइट । महिलासे विसं २०७६ वैशाख १० गतेसे तालिमपाछे उद्योग सञ्चालन करल हुइट । नगरपालिकासे महिला व्यवसाय सञ्चालन करल ओरसे थप सहयोग कैना बटाइल बा । ‘उहाँहुक्रे मजा काम करले बाटै । हम्रे थप मेसिन आवश्यक हुइलेसे सहयोग करब,’ नगरप्रमुख तपेन्द्रबहादुर रावल कहलै, ‘उत्पादित कागजके बजारीकरणके लाग फेन हम्रे सहयोग करब ।’ उद्योगमे आवद्ध महिला अइसीक गाउँमे काम करेब पाके घर खर्च चलैना सहज हुइना बटैले बाटै ।

स्थानीय स्रोत साधनके प्रयोग हुइना, गाउँघरमे स्वरोजगारके अवसर प्राप्त हुइना हुइल ओरसे स्थानीय उत्पादनहे प्रवद्र्धन कैना उद्योगसे सहयोग पुगाइल स्थानीय गणेश क्षेत्री बटैठै । ‘केराके उत्पादन लेहलपाछे विकारके रुपमे केराके थामहे फेक्ना करजाइठ् । मने उहे केराके थामहे प्रयोग कैके आम्वासके महिला आम्दानीके स्रोतके रुपमे विकास करटी गैल बाटै,’ क्षेत्री कहलै, ‘बहुउपयोगी केरा खेतीहे यिहीसे प्रवद्र्धन करी । महिलाहे आर्थिक रुपमे बलगर बनैना सहयोग कैले बा ।’

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