थारु राष्ट्रिय दैनिक
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यूवाहे स्वदेशमे रोजगारी खै ?

पहुरा | २६ कार्तिक २०७७, बुधबार
यूवाहे स्वदेशमे रोजगारी खै ?

विश्वभर कोरोना भाइरस (कोभिड–१९) महामारीके रुप लेहे लागलपाछे गैल बरसके चैतसे लाखौ नेपाली यूवा स्वदेश लौटलै । स्वदेश लौटेबेर बहुट कष्ट पाइल नेपाली यूवा जिन्गीमे आब कबुफे औरे देश नइजैना मनमने बाचा कसम खैलै । और देशके सीमासे नेपाल प्रवेश करके २१ दिन, १४ दिन, सात दिन क्वारेन्टाइनमे गोरु भैस जस्टे कोचके बैठाइल ओ अपने समाज, परिवारसे समेत नइमजा दृष्टिसे हेरुवा पाइलपाछे ओइनके मन कटरा दुःखल हुई । जे भोगल ओइनहे केल पत्ता बा । ‘मरे मरौला, अब केही सानो काम भएनि आफनो देशमै गरौला’ ओइने कहिट । ढेर जैसिन यूवा मजा–मजा काम छोरके स्वदेश अइलै, विदेशमे पह्रे गैल विद्यार्थीफे परीक्षा छोरके अपन जलम भूमि देश अइलै ।

नेपाल सरकार गैल बरसके चैत ११ गतेसे लकबन्दी सुरु करल । लकबन्दी कैना आघे ओ करलपाछेफे विदेशसे हजारौं यूवा सीमा हुइटी स्वदेश लौटलै, सरकार आब ओइनहे अपने देशमे स्वरोजगार बनैना कहल, मने ६ महिना विटलेसेफे आवश्यक नीति नानके रोजगारीके व्यवस्था करे नाइसेकलपाछे भुखे पेट फेरसे नेपाली यूवाहुकन रोजगारीके लाग और देश जाई पर्ना बाध्यता आइल बा ।

लकबन्दीके बेला सीमा हुइटी नेपाल प्रवेश करुइयाके भीड रहे कलेसे अब्बे भारत लगायत औरे देश जउइयनके भीड बह्रल बा । अपने देशमे रोजगारीके व्यवस्था करब कहुइया सरकार कहाँ गैल अब्बे ? नेपालमे कूल जनसख्याके ४०.३५ प्रतिशत युवाके जनसंख्या (१ करोड ७ लाख) रहल बा । युवा विकास सूचाङकमे नेपाल विश्वमे ७७ औं नम्बरमे रहल, १९.२ प्रतिशत युवा पूर्ण वेरोजगार रहल, कृषिमे युवाहुकनके संलग्नता ५०.२ प्रतिशत रहल ओ २६.१ प्रतिशत युवा स्नातक पास करकेफे बेरोजगार बैठे परल अवस्था विद्यमान बा ।

बेरोजगारीके कारण युवा प्रतिवर्ष ५,३८,००० रोजगारीके लाग विदेश जाइपरल ओ यी मन्से ७४ प्रतिशत अदक्ष, २४ प्रतिशत अर्धदक्ष ओ केवल २ प्रतिशत केल दक्ष जनशक्तिके रुपमे रहल बाटै । श्रम रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मन्त्रालयके तथ्याङ्कमे विदेश जैनाके संख्यामे कुछ कमी आइल ओ यी संख्या वार्षिक ३ लाख २३ हजार केल रहल विल्गाइल बा । युवा विकास उद्यमशिलता ओ स्वरोजगारके लाग सरकारी गैरसरकारी तथा निजी स्तरसे करल प्रयासके कारण यी विदेश जैना युवाके संख्यामे कमी आइल बा ।

वैदेशिक रोजगारीमे गैल युवा विदेशमे काम करके कमाइल रकम रेमिटेन्सके रुपमे नेपाल भिटरठ । जेकर राष्ट्रिय अर्थतन्त्रमे २९ प्रतिशत योगदान बा । सीप ओ प्रविधिके अभावमे खाडी मुलुकमे काम करे जैना युवा अधिकाँश अदक्ष श्रमिकके रुपमे रहल ओरसे जोखिमपूर्ण काम करे परटी रहल बा । जिहीसे ओइनके जीवन ठप जोखिमपूर्ण बन्टी रहल तीतो सत्य आजके यथार्थता हो । यी बारेमे सम्वद्ध पक्षके गम्भिर ध्यान जैना जरुरीफे विल्गाइठ ।

युवा शक्ति कौनोफे देशके, आर्थिक, सामाजिक ओ राजनैतिक परिवर्तनके संवाहक हुइट । यी समूह सर्वाधिक सक्रिय, ऊर्जावान ओ गतिशिल मानव संसाधन विकासके प्रमुख साधन हो । युवा राष्ट्रिय विकासके प्रमुख मानव स्रोत ओ साधन हुइल ओरसे युवकनके विकास नइहुके देशके विकास असम्भव बा । टबमारे अब्बे औरे देशमे रोजगारके लाग दैनिक रुपमे जैटी रहल हजारौ यूवाहुकन रोक्के यिहे स्वरोजगारके व्यवस्था मिलैनाओर सरकारके ध्यान नितान्त जरुरी बा ।

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