थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १८ मंसिर २०७७, बिहीबार ]
[ 03 Dec 2020, Thursday ]

प्रशासनसे सामूहिक छठ मनैना रोक

पहुरा | ५ मंसिर २०७७, शुक्रबार
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प्रशासनसे सामूहिक छठ मनैना रोक

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ५ अगहन ।
कोरोना संक्रमण तथा जोखिमहे मध्यनजर करटी यी बरस सुदूरपश्चिम प्रदेशके तराईके बासिन्दा सामूहिक रुपमे छठ मनाइ नाइ पैना हुइल बाटै ।

कोरोना संक्रमणके जोखिमहे ध्यानमे राखके सामूहिक रुपमे भेला होके छठ पर्व मनैना रोक लगाइल सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रहरी कार्यालयके प्रवक्ता प्रहरी वरिष्ठ उपरीक्षक मुकेशकुमार सिंह बटैलै । ‘कोरोना संक्रमणके जोखिमके कारण लड्या तथा पोखरीमे सामूहिक जमघट हुइना रोक लगैले बाटी,’ वरिष्ठ प्रहरी उपरीक्षक सिंह कहलै, ‘घरमे सुरक्षित रहीके छठ पर्व मनैना आग्रह करल बा ।’

सामूहिक रुपमे छठ नाइ मनैना हुइलपाछे तराई मधेसमे उल्लासके साथ मनैना छठ पर्वके अवसरमे दुलही हसक सजाजैना धनगढीके मोहना घाट यी बरस सुनसान बनल बा ।
छठ पर्व सुरु नाइ हुइटी मोहना लडियाहे सिंगार्न सुरु कैना स्थानीय यी बरस कोरोना संक्रमणके कारण सामूहिक छठ नाइ मनैना निर्णय करले बाटै । जेकर कारण मोहना लडियाके तटीय क्षेत्रहे नाइ सिंगारले धनगढीके जयप्रकाश चौधरी बटैलै । कोरोना संक्रमणहे मध्यनजर कैके यी बरस भिडभाड नाइ कैके छठ मनैना निर्णय करल छठ पूजा व्यवस्थापन समिति धनगढीके संयोजक सन्तोष मण्डल बटैलै ।

जिल्ला प्रशासन कार्यालय कैलालीसे फेन यी बरस अन्य पर्व हस छठ पर्वहे सामूहिक रुपमे नाइ मनैना आग्रह करल बा । ‘सामूहिक रुपमे पर्व मनाइबर कोरोना संक्रमण बर्हना जोखिम रहठ्,’ प्रमुख जिल्ला अधिकारी यज्ञराज बोहरा कहलै, ‘ओहेमारे यी बरस सुरक्षित रहीके पर्व मनैना आग्रह करल बा ।’ कात्तिक शुक्ल चतुर्थी (चौथी)से सप्तमीसम चार दिन टमान विधि साथ छठ पर्व मनैना करजाइठ् ।

सूर्यदेवके उपासना करजैना यी पर्वमे पहिल दिन ब्रतालु हातगोडाके नोह काटके स्नान करटी चोखोनितो खाके व्रत संकल्प करठै ।

ओस्टके दुसरा दिन पञ्चमी तिथिमे दिनभर निराहार व्रत उपासना कैके रातके सक्खर डारके पकाइल अरवा चाउरके खिर किल इष्टदेवहे चह्राके परिवारजनसहित प्रसादस्वरुप खैना करठै । दुसरा दिनके यी विधिहे मिथिलामे ‘खरना’ कहिजाइठ् ।

पर्वके मुख्य दिन षष्ठी तिथिके दिन निराहार व्रत बैठ्क साँझपख पवित्र जलाशयमे बनाइल घाटमे स्नान करटी सूर्यदेवहे अर्घ्य डेजाइठ् । यी क्रममे ठकुवा, भुसुवा (कसार), अन्य मिष्ठान्न परिकार, केरा, दही सहितके सामग्री सूर्यहे डेखाजाइठ् ।

षष्ठीके रात सूर्यदेव ओ षष्ठीमाता (सूर्यदेवके पत्नी) के आराधना करटी घाटमे रात बिटैना चलन बा । मने यी सालभर कोरोना संक्रमणके जोखिमसे ब्रतालु घर आँगनमे व्रत विधि सम्पन्न कैना तयारी करले बाटै । पर्वके अन्तिम अर्थात सप्तमी तिथिके दिन उठ्टी रहल सूर्यहे अर्घ डेके छठ पर्व विधिवत सम्पन्न करजाइठ् ।

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