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पश्चिम सेती बन्लेसे सुदूरपश्चिम समृद्धः देउवा

पहुरा समाचारदाता | २० फाल्गुन २०७६, मंगलवार
पश्चिम सेती बन्लेसे सुदूरपश्चिम समृद्धः देउवा

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २० फागुन । नेपाली काँग्रेसके सभापति एवम् पूर्व प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा पश्चिमसेती जलविद्युत आयोजना बन्लेसे सुदूरपश्चिम समृद्ध हुइना बटैले बाटै ।
धनगढीमे आयोजित विश्व नेपाली साहित्य सम्मेलनके समापनमे बोल्टी पश्चिमसेती जलविद्युत आयोजनासे सुदूरपश्चिमहे हराभरा बनैना बटैलै ।
उहाँ कहलै– ‘पश्चिम सेती आयोजनासे उत्पादन हुइना विद्युत भारतहे बेचके हम्रे ढेर पैसा कमाई सेक्बी ।’ यी जलविद्युत आयोजनाहे १० वर्षभिटर बनाई सेक्ना उहाँक कहाई रहे ।
‘१७÷१८ मेगावाटके चमेलिया जलविद्युत आयोजना बनैना २१ वर्ष लागल, उहाँ कहलै– ‘मने, यी प्रदेशके सक्कु राजनीतिक दल साझा सहमति बनाके लग्लेसे १० वर्षभिटर पश्चिमसेतीहे बनाई सेक्जाई ।’ उहाँ पश्चिमसेती जलविद्युत आयोजना निर्माणके लाग सुदूरपश्चिमके नेताहुकनहे साझा सहमति कैना आह्वानसमेत करलै । ‘राजनीतिक रुपमे हम्रे फरक रहलेसेफे विकासके लाग साझा सहमति कैना मै सक्कु पार्टीके नेताहुकनहे आह्वान करटु,’ देउवा कहलै– ‘यी प्रदेशके राजनीतिक दलहक्रे सहमति करलेसेफे भर केन्दकेफे सहमति आवश्यक नइपरी ।’ उहाँ पश्चिमसेती आयोजना बनाइक लाग विदेशी सहयोगफे आवश्यक नइहुइना उल्लेख करटी लगानी करेक लाग सुदूरपश्चिममे जनता सक्षम रहल उल्लेख करलै  ।
‘यी प्रदेशके जनताफे पैसा दारेक लाग योग्य हुसेकल बाटै, उहाँ कहलै– ‘टबमारे नेपालीके अपने लगानीसे पश्चिमसेती बनैना ओ नेपाली फाइदा लेना वातावरण बनाई ।’ आयोजना निर्माणके लाग आवश्यक पर्ना जग्गा डेना जग्गा धनीहे शेयर वा पैसा डेहे सेक्ना उल्लेख करटी नेता देउवा पश्चिमसेती जलविद्युत आयोजना बन्लेसे भारी विकास हुइना बटैलै ।
विगतमे अपने डडेल्धुरासे धनगढीसम पैदल नेंग्ेक आइल स्मरण करटी उहाँ अब्बे ढेर विकास हुसेकल बटैलै । ‘अब्बे पहाडी जिल्लामासमेत एक्के दिनमे पुगे सेक्ना करके डगर विकास हुके सहजुल हुइल बा,’ उहाँ कहलै– ‘सक्कु जे एक हुके लग्लेसे यी प्रदेशके अभिन ढेर विकास करे सेक्जाई ।’
नेपाल बहुजातीय, बहुसांँस्कृतिक, बहुधार्मिक मुलुक रहलेसेफे सक्कु जे मिलके बैठल देउवा बटैलै । मुलुक भाषा ओ संस्कृतिमे धनी रहल मने कतिपय भाषा, संस्कृति लोप हुई लागल चर्चा करटी उहाँ भाषा, संस्कृति बचैना आवश्यक रहल औंल्यइलै ।
‘सुदूरपश्चिमके कतिपय भाषा हेरैटी गैल बा । ढेर जे आ–अपन भाषाहे बिस्रैटी जाई लागल बाटै, नेता देउवा आघे कहलै–‘भाषा अत्यन्त महŒवपूर्ण बाट हो । हम्रे कोई अपन भाषाहे छोरे नइपरल ।’ उहाँ नेपाली भाषाके उद्गम स्थल सुदूरपश्चिममे विश्व नेपाली साहित्य सम्मेलन हुके बहुट खुशी लागल बटैलै । ‘यी सम्मेलन अपन भाषा, संस्कृति जगेर्ना करे पर्ना जागृति नन्ले बा, देउवा कहलै ।
उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्तिमन्त्री लेखराज भट्ट सुदूरपश्चिमके कञ्चनपुरमे औद्योगिक क्षेत्र बनैना कार्य हाली हुइना बटैलै । उहाँ सुख्खा बन्दरगाह बनाइक लाग फे अपने पहल करटी आइल उल्लेख करलै ।
समापन कार्यक्रममे पूर्वमन्त्री एनपी साउँद, रमेश लेखक, गगन थापा, नेकपाके प्रदेश संयोजक कर्ण थापा लगायतके उपस्थिति रहल रहे ।
फागुन १४ गतेसे धनगढीके खुलामञ्चमो विश्व नेपाली साहित्य सम्मेलन सुरु हुइल रहे । सम्मेलनमे नेपालके टमान प्राज्ञिक व्यक्तित्व, साहित्यकारसहित टमान देशमे रहल नेपाली भाषी साहित्यकारहुकनके जमघट हुइल रहे ।

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