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कानून कार्यान्वयन फितलोः मुख्यमन्त्री भट्ट

पहुरा समाचारदाता | २२ फाल्गुन २०७६, बिहीबार
कानून कार्यान्वयन फितलोः मुख्यमन्त्री भट्ट

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २२ फागुन । सुदूरपश्चिम प्रदेशके मुख्यमन्त्री त्रिलोचन भट्ट संविधानमे सुनिश्चित कैगिल अधिकारसे जनता बन्चित हुइल बटैले बाटै ।
बुधके रोज मधेशी आयोगसे धनगढीमे आयोजित ‘कैलाली कञ्चनपुर जिल्लाके स्थानीय तहमे मधेशी समुदाय लक्षित कार्यक्रम सम्बन्धी’ अन्तरक्रिया कार्यक्रममे उहाँ संविधानमे ढेर हक अधिकार सुनिश्चित हुइल मने कानून, ऐन कार्यान्वयनमे फितलो डेखल बटैले रहिट ।
‘जनता सहअस्तित्व सहित बाँचे पैना चाहना रख्ठै,’ मुख्यमन्त्री भट्ट कहलै–‘प्रशासनमे बैठके प्रशासनिक काम करुइयाहुक्रे अपने डेहे पर्ना सेवा सर्वसुलभ तरिकासे डैदेहे परठ, सुनिश्चित कैगिल सेवा सुविधा नइपैलेसे जहाँफे समस्य सृजना हुइठ ।’ उहाँ कहलै, हम्रे बोल्नामे बहुट आघे बाटी, मने कैनामे बहुट पाछे बाटी, के का बोल्टा जनता सक्कु वाच करटी रठै, झुठा आश्वसन डेनासेफे करे सेक्ना बाँचा कैना उहाँ आग्रह करलै ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशके सभामुख अर्जुन थापा नीति, कानून, ऐन बनैना सहजुल रहल मने कार्यान्वयनमे समस्या आइल बटैलै । उहाँ कहलै, पहिले टमान ऐन, कानून बनल, संविधानमे ढेर चिज समेटगिल बा, ओटरा केल नाही संघ, प्रदेश ओ स्थानीय सरकारफे आ–अपन क्षेत्रसे विद्येयक, ऐन, कानून बनैटी बा, मने कटरा लागु हुइठ हेर्ना बाँकी बा । बनाइल ऐन कानून कार्यान्वयन हुइलेसे समाजमे विकृति विसंगति, समस्या अपनही दुर हुइटी जैना सभामुख थापा कहलै ।
प्रदेशसभा सदस्य रतन थापा, मुख्यन्यायधिवक्ता कुलानन्द उपाध्यक्ष जनताके लाग बनाइल विद्येयक, ऐन, कानून ओइनु अभिनसम अनुभूति करे नइपाइल बटैलै । कार्यक्रममे राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रमुख झंकरबहादुर रावल सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली ओ कञ्चनपुर जिल्लामे बसोवास कैना सिमान्तकृत तथा मधेशी समुदायके मानव अधिकारके अवस्थाबारे कार्यपत्र प्रस्तुत करले रहिट । उहाँक कार्यपत्रमे बालबालिका गरिबीसे विद्यालय छोरना, छोट उमेरमे भोज कैके बच्चा जलमैना, राज्यके वितरण प्रणाली प्रभावकारी नइहुइना, गरिबी, बाध्यता, श्रमशोषण, बालमजदुर, यौंनहिंसामे पर्ना, बेचबिखन, मानव अंग तस्करी, युवामे बह्रटी नैरास्यता, कुलतमे फस्ना, अप्राविधिक शिक्षा प्रणाली, वेरोजगारी बह्रना रहल बटैलै ।
संघीय ईकाई प्रहरी कार्याल धनगढी, आयोगके सुरक्षा शाखा प्रतिवेदन ओ पत्रपत्रिकाके तथ्याङक अनुसार सिमान्तकृत तथा मधेशी समुदायके मानव अधिकारके अवस्था हेरेबेर ज्यानसम्बन्धी, जबरजस्ती करणी, आत्महत्या, घरेलुहिँसा, मानव बेचविखन सम्बन्धी आर्थिक बर्ष २०७३/०७४ मे ८२७, आर्थिक बर्ष २०७४/०७५ सालमे १०३४ रहल घटना डेखल प्रदेश प्रमुख रावल बटैलै ।
नेपाल प्रहरीके २०७५ के तथ्याङक अनुसार महिला तथा बालबालिकासंग सम्बन्धित घटना नौ जिल्लामे १ सय ८२ ठो रहल, जेम्ने कैलालीमे सबसे ढेर १ सय १३ ठो
रहल उहाँ जनैलै । जिल्ला अदालतके २०७५ साल तथ्याङक अनुसार विचाराधिन मुद्दा २ सय ४ ठो रहल जनागिल बा ।
कार्यक्रममे टिप्पणीकर्ता इन्सेक प्रदेश प्रमुख खडकराज जोशी गलत परम्परा अंगललके कारण संरचनात्मक ह्रिसा बह्रल बटैलै ।
उहाँ कहलै, आयोग जागिरे केल नइहोके अपन उद्देश्यअनुसार भूमिका निभाई पर्ना जरुरी बा । टिप्पणीकर्ता पत्रकार उमिदबागचन्द सिमान्तकृत समुदायके माग सरकार कबु सम्बोधन करे नइसेकल बटैलै । उहाँ कहलै, ऐन, कानून बनाके कार्यान्यवन नइकरलेसे ओकर औचित्य नइरही । मधेशी आयोग स्थानीय तहसे समन्वय करके योजना बनैना उहाँ सुझाव डेलै ।
कार्यक्रममे मधेशी समुदायके हक, हित प्रवद्र्धनके लाग मधेशी आयोगके भूमिका ओ मधेशी समुदायके थर सूचीकरण सम्बन्धी कार्यप्रगतिफे प्रस्तुत कैगिल रहे ।
मधेशी आयोगके अध्यक्ष विजयकुमार दत्तके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रममे आयोगके सचिव खडक बहादुर कार्की कार्यक्रमके उदेश्य ओ स्वागत मन्तव्य व्यक्त करले रहिट ।
ओस्टेक टिप्पणीकर्ता दिनेश यादव, मारवाडी सेवा समाजके अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, वेलौरी नगरपालिकाके उपप्रमुख चित्रा चौधरी, धनगढी उपमहानगरपालिकाके समाजिक विकास शाखा विकास अधिकृत टंक विष्ट, भजनी नगरपालिकाके समाजिक विकास शाखा अधिकृत चन्द्रदेव भट्ट स्थानीय तहमे कैगिल मधेशी समुदाय लक्षित कार्यक्रमबारे जानकारी डेहल रहिट । कार्यक्रमके संचालन आयोगके शाखा अधिकृत सुरेश प्रसाद जैशी करले रहिट ।

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