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लकडाउनमे फुले लागल लौव जातके बेमाैसमी बेम्टी

पहुरा | २० बैशाख २०७७, शनिबार
लकडाउनमे फुले लागल लौव जातके बेमाैसमी बेम्टी

लखन चौधरी
धनगढी, २० वैशाख ।
कोरोना कहरकेबीच कैलालीके एक च्याउ (बेम्टी) प्रशोधन उद्योग नेपालमे लौव तथा बैमौसमी बेम्टी खेती सुरु कर्ले बा ।

सुदूरपश्चिम प्रदेशके सबसे बरवार रहल धनगढी उपमहानगरपालिका–१२ जुगेडा बी गाउँस्थित ओम केदार च्याउ तथा तरकारी फर्म कोरोनाके कहर संग लड्टी बेम्टीक् प्रशोधन, बीउ उत्पादन ओ लौव–लौव प्रजाति तथा बैमौसमी बेम्टीक् खेतीमे जुटल हो ।

फर्म्रके सञ्चालक कमल घर्तिमगर लकडाउनके कारण बजार पुगे नैसेकल बेम्टी प्रशोधन करके प्याकेजिङ करे लागल बा । केन्द्र हालसम बेम्टीक् आचार, पक्ली ओ गोब्रे बेम्टीक् क्यान तयार करके भण्डारण कर्ले बा । लकडाउनपाछे बजार पुगैना समय हेरके बैठल सञ्चालक घर्तिमगर बटैठै ।

‘कोरोना महामारी ओ लकडाउनसे असर नैपरल क्षेत्र सायद नैहुई । कारोबारमे गिरावट अइलेसे फेन काम भर रोक्ले नाई हुई । सामाजिक दुरी कायम करके हुइलेसे फेन काम जारी राख्ले बाटी’, उहाँ कहलै–‘संकटकेबीच सम्भावनाके खोजीमे बाटी ।’

कन्ये, गोबे्र, ग्यानो डोर्म, मिल्की, पराले करके ५ प्रजातिक बेम्टीक् बिया उत्पादन सुरु करल ओ उ प्रशोधन केन्द्र नेपालमे पहिल बार ग्यानो डोर्म, मिल्की, पराले करके ३ प्रजातिके बेम्टीक् बिया उत्पादन संगे खेती फेन सुरु करल हो ।


नेपालके तराई क्षेत्रमे खासकैके कुवारसे चैत्रसम कन्ये ओ गोब्रे प्रजातिके बेम्टी करजाइठ । मने उ प्रशोधन केन्द्र गर्मी समयमे उत्पादन हुइना बेम्टी खेती सुरु करल हो । गर्मी मौसममे खेती कर्ना ग्यानो डोर्म, पराले ओ मिल्की प्रजातिके बेम्टी खेती करे लागल सञ्चालक घर्तिमगर बटैठै ।


‘सक्कु प्रजतिके बेम्टी कल्चर करके बिया उत्पादनमे सफल हुइल बाटी । आब खेती फेन सुरुवात करल हुइटी’, लौव प्रजातिके बेम्टीक् वारे जनैटी उहाँ कहलै–‘ग्यानो डोर्म प्रजातिके बेम्टी खैना योग्य रहलेसे फेन खासकैके औषधी निर्माणमे प्रयोग हुइठ । प्रतिकेजी ८ हजारसममे बिक्रि हुइठ । जौन कठुवाक् बुसीमे तयार करजाइठ ।’

उहाँ गर्मी मौसममे उत्पादन हुइना खैना योग्य पराले ओ मिल्की प्रजातिके बेम्टीक् खेती हुई लागल बटैठै ।
मुलुकके नमूना बेम्टी उद्योग
२०७१ सालमे २० लाखके लगानीमे सञ्चालनमे आइल फर्ममे एसियाली विकास बैंकके सहयोग रहल साना तथा मझौला कृषक आयस्तर बृद्धि परियोजना (रिज्म एफपी) ओ आपन करके १ करोड ८ लाख सुरुवाती लगानी रहल बा । उ फर्ममे हालसम साढे २ करोडसे ढिउर लगानी पुगल जनागिल बा ।
‘नेपालमे हालसम भारत ओ चीनसे क्यानिङ करल ग्रोबे बेम्टी आयात हुइटी आइल बा । हालसम यहाँ बाहेक मुलुकके कौनो ठाउँमे बेम्टीक् क्यानिङ ओ पाउडर बनैना आधुनिक प्रविधि नैहो । जुौनकारण हमार प्रतिपर्धा भारत ओ चाइनासे किल होे’, सञ्चालक घर्मिमगर कहठै–‘हाल प्याकेजिंग करल गोब्रे बेम्टीक् क्यान अन्तर्राष्ट्रिय ब्राण्डके बावै ।’

उ उद्योगके प्रति घण्टा साढे २ क्वीन्टल बेम्टी सुख्वाई सेक्ना ओ प्रति घण्टा ५ क्वीन्टल गोब्रे बेम्टीक् क्यानिङ करे सेक्ना क्षमता रहल बटागिल बा ।
उ फर्म बेम्टीक् बजार उत्साहजनक रहल जनैले बा । सुदूरपश्चिम प्रदेशके नौ जिल्लासहित नेपालगञ्ज बजारमे समेत आपूर्ति करटी आइल हो । मने माग अनुसार अभिनसम आपूर्ति करे नैसेकल फर्मके व्यवस्थापक राजु पुनमगर बटैठै ।

२ विघा क्षेत्रफलमे फैलल उ उद्योग चालु बरस १५ टन कन्ये ओ १० टन गोब्रे बेम्टी उत्पादन कर्ले बा । पछिल्का समय बेम्टी मानव स्वास्थ्यके लाग लाभदायिक रहल चेतनाके विकाससे बेम्टी पराखीहुकनके संख्या बह्रल ओ बेम्टीक् बजार बह्रटी गैल सञ्चालक घर्तिमगर अनुभव सुनैठै ।
फर्ममे कुवारसे चैतसम बेम्टीक् खेती करेक लाग बनाइल टनेलके स्थानमे आजकाल तरकारी खेती करगिल बा ।

फर्ममे २० जहनसे ढिउर जाने नियमित रोगजारी पैले बाटै ।

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