थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १७ अगहन २६४६, शनिच्चर ]
[ वि.सं १७ मंसिर २०७९, शनिबार ]
[ 03 Dec 2022, Saturday ]

सुदूरपश्चिमके ग्रामीण सडक पहिरोके उच्च जोखिममे

पहुरा | २६ असार २०७७, शुक्रबार
सुदूरपश्चिमके ग्रामीण सडक पहिरोके उच्च जोखिममे

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २६ असार ।
अविरल वर्षाके कारण देशभर बाढ ओ पहिरोके घटनासे धनजनके क्षति हुइटी रहल बेला सुदूरपश्चिम प्रदेशके पहाडी जिल्लाके टमान ग्रामीण सडकखण्ड पहिरोके उच्च जोखिममे रहल बा ।
पहाडी जिल्ला बाजुराके टमान स्थानीय तहके ग्रामीण सडकखण्डमे ठाउँ–ठाउँमे पहिरो जाके यातायात ठप्प हुइल बा कलेसे बैतडीके आठ स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिममे रहल बा । अविरल वर्षाके कारण टमान स्थानीय तहमे पुग्न सडकके ठाउँ–ठाउँमे पहिरो जाके सडक अवरुद्ध हुइलसंगे यातायातके साधन बन्द हुइल बा । पूर्वी उत्तरी क्षेत्र जोरना मार्तडी–कोल्टी सडक, मार्तडीसे गौमूल गाउँपालिका घटमुना, मार्तडीसे छेडेदह गाउँपालिका डोगडी, बाम्काबजारसे त्रिवेणी नगरपालिका तोली, बाम्का बजारसे डोगडीलगायत क्षेत्र जैना ग्रामीण सडक अवरुद्ध बनल जिल्ला प्रहरी कार्यालय बाजुरा जनैले बा । ओस्टेक और ग्रामीण क्षेत्रमे निर्माण करल सडकफे अवरुद्ध बन्टी गैल बाटै ।
सदरमुकाम मार्तडीसे गौमूल गाउँपालिकाके केन्द्र घट्मुना जैना डगरसमेत अवरुद्ध हुके स्थानीयवासीहे आवतजावत कैना समस्या हुइल गाउँपालिका उपाध्यक्ष सीता थापा बटैली । ‘सक्कु डगर अवरुद्ध हुसेकल, गाडी चल्न अवस्था नइहो, आब जिल्ला सदरमुकाम अइना एक दिनके पैदल यात्रामे नेगे परठ । डगर बनैना गाउँपालिकासे प्रयास करलेसेफे वर्षा नियमित हुइल कारण सेकल नइहो’ उपाध्यक्ष थापाके कहाई बा ।
मार्तडी–कोल्टी सडक अवरुद्ध हुके पूर्वी उत्तरी क्षेत्रके स्थानीयवासीहे ढेर समस्या हुइल बा । सडक टमान ठाउँमे भत्कलपाछे अप्ठ्यारो डगरमे पैदल यात्रा कैनासमेत बहुट कठिन हुइना करल स्थानीय तह जनैले बा ।
मार्तडीसे पाण्डुसैनसमके सडक पूर्ण रुपमे अवरुद्ध हुइल ओ पाण्डुसैनसे दानसागुसम फाटफुट रुपमे छोट जीप सञ्चाल हुइटी रहल स्थानीय व्यापारी वीरेन्द्र कार्की जानकारी डेलै ।
जथाभावी रुपमे खोदल सडकसे जिल्लामे पहिरोके उच्च जोखिम रहल जिल्ला दैवीप्रकोप उद्धार समिति जनैले बा । जिल्लाके नौ स्थानीय तहमे साधारण मार्ग केल खोलल ओ वर्षायाम शुरु हुइटीकी पूर्ण बन्द हुइना करल बाटै । ग्रामीण सडकके अवस्था दयनीय हुके जिल्लाके नौ स्थानीय तहमे स्थानीयवासी जोखिपूर्ण यात्रा कैना बाध्य बाटै ।
प्राविधिक रुपमे जाँच नइकरके काटल सडक पहिरो निम्त्यइना हुइलपाछे जिल्लाबासी त्रसित बन्टी गैल बाटै । सडक बन्द हुइलपाछे नम्मा ओ छोट दूरीके सवारी साधन बन्द हुइल बाटै ।

साँफे–मार्तडी सडक बन्द

लगातार परल वर्षाके कारण साँफे–मार्तडी सडक एक हप्तासे अवरुद्ध हुइल बा । बूढीगगा नगरपालिका १ मे पर्ना द्वारी क्षेत्रके सडकमे तरे ओ उप्परसे पहिरो बहे लागलपाछे सडक पूर्णरुपमे अवरुद्ध बनल सडक डिभिजन कार्यालय अछाम जनैले बा ।  
पहिरोसंगे बूढीगगा लडियक तीव्र कटानके कारण सडक चार मिटर तरे भास सेकल प्रमुख जिल्ला अधिकारी कृष्ण गैरे बटैलै । तत्काल हटाई सेक्ना अवस्था नइरहल उहाँक कहाई बा । लगातार वर्षाके कारण लडिक कटान ओ उप्परके पहिरो अइना क्रम नइरोकल ओरसे सडक तत्काल बनैना अवस्थासमेत नइहो । मौसम सफा हुइटी की सडक मर्मत कैना प्रजिअ गैरे बटैलै । 

बैतडीके आठ स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिममे

जिल्ला विपद् व्यवस्थापन समितिसे तयार पारल विपद् पूर्वतयारी तथा प्रतिकार्य योजनाअनुसार आठ ठो स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिममे रहल बाटै मेलौली नगरपालिका, दोगडाकेदार गाउँपालिका, पुरचौँडी नगरपालिका, सिगास गाउँपालिका, शिवनाथ गाउँपालिका, पञ्चेश्वर गाउँपालिका, दशरथचन्द नगरपालिका ओ डिलाशैनी गाउँपालिका पहिरोके उच्च जोखिममे रहल बाटै । टमान प्रकोपके हिसाब जिल्लाके और स्थानीय तहमे जोखिम रहल हुइलेसेफे आठ ठो स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिम रहल सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी लोकेन्द्रसिंह नेगी बटैलै ।
अभिनसम पहिरोसे पुगाइल क्षति, प्रकोपके स्तरीकरण ओ सम्भावित जोखिमके विश्लेषण करेबेर आठ ठो स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिममे रहल नेपाल रेडक्रस सोसाइटी शाखा बैतडीके कार्यक्रम संयोजक तेजप्रसाद पाण्डेय बटैलै । उहाँ कहलै, ‘सुर्नया ओ पाटनबाहेक और स्थानीय तह पहिरोके उच्च जोखिममे बाटै, यी दुई स्थानीय तहमे फे जोखिम कायमे बा ।’

जिल्लामे टमान मेरके प्रकोपके जोखिम रहल ओ उ प्रकोपसे हुइना क्षति न्यूनीकरणके लाग विपद् पूर्वतयारी तथा प्रतिकार्य योजनाहे अद्यावधिक करल सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी नेगी बटैलै । उहाँ विगतके वर्षमे बाढपहिरोसे कराइल क्षति ओ अभिन सम्भावना रहल आधारमे उच्च जोखिममे राखल बटैलै ।
जिल्लाके डिलाशैनी गाउँपालिकाके बाङगाबगर, गोकुलेश्वर, रुद्रेश्वर, साउनगाउँ, देवगाउँ, ल्वारी खेतलगायतके ठाउँ पहिरोके उच्च जोखिममे बाटै कलेसे दोगडाकेदार गाउँपालिकाके सित्तड ओ न्वाली पहिरोके उच्च जोखिममे बाटै । ओस्टेक जिल्लाके पुरर्चौंडी नगरपालिकाके मल्लादेही क्षेत्र ओ मेलौली नगरपालिकाके विशालपुर क्षेत्रफे पहिरोके उच्च जोखिममे बाटै ।
मल्लादेहीके लामुनी पहिरोके कारण प्रत्येक वर्ष धनजनके क्षति हुइना करल स्थानीय नरेन्द्र साउँद बटैलै । उहाँ कहलै, ‘हरेक वर्ष पहिरो नियन्त्रण कहिके बजेट अइना करल हुइलेसेफे पहिरो नियन्त्रण हुइ सेकल नइहो ।’

जनाअवजको टिप्पणीहरू