थारु राष्ट्रिय दैनिक
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मुक्तकमैया पुनर्स्थापनामे सरकारके उदासिनता कहे ?

पहुरा | २ श्रावण २०७७, शुक्रबार
मुक्तकमैया पुनर्स्थापनामे सरकारके उदासिनता कहे ?

मुक्त कमैयाहुकनके संख्यात्मक तथ्यांकसे शतप्रतिशत मुक्त कमैयाहुक्रे थारु जातिके रहल डेखाइठ । थारु जाति यी क्षेत्रके आदिवासी फेन हुइट । कमैया कना शब्द जमिन तथा खेतीपातीसंग सम्बन्धित बा । समयके एक कालखण्डमे हाल घना रुपमे बसोवास रहल तराईके भू–भागमे थारुहुकनके बाहुल्यता रहे । उ बेला कमैया शब्द जमिनमे कडा परिश्रम करना व्यक्तिके रुपमे बुझजाए । कालान्तरमे थारु जनजाति चनाकनके अतिक्रमणमे पर्न ओ चरमशोषकके कारण जग्गा विहिनताके स्थितिमे पुगलै । जग्गा जमिन विहिन अवस्थामे अपन तथा अपन परिवारके गुजाराके लाग जमिनवालाके जग्गा कमा डेहेक लाग स–परिवार बैठ्ना प्रथामे चलल । ऋण, सौंकी तिरे नैसेकके सन्तान दर सन्तान जमिनदारन्के कमैया बैठ्ना अमानवीय कुप्रथा बैठल । अपन ऋण असूल करना कमैया तथा निजके घर परिवारके कौनो फेन सदस्यहे औरे जमिनदारहे बेच्ना काम समेत हुइ लागल । यिहे सौंकीवाला कमैया आजीवन तथा पुस्ता वधुवा मजदूरके रुपमे काम करेपरना वाध्यताके स्थिति सिर्जना हुइल । कमैयाहुक्रे संगठित हुइटी आन्दोलन सुरु करलपाछे सरकार २०५७ साल सावन २ गते कमैया मुक्तिके घोषणा करल मने न्यायिक पुनस्र्थापना करे नाइसेकल कारण अभिनफे ढेर मुक्तकमैया जग्गा विहिन अलपत्र अवस्थामे बाटै ।

अभिनफे कमैयाके छावा, छाई, गोसिनियाके श्रम शोषण किल नइहो अन्य प्रकारके शोषण समेत हुइटी बा । कौनो कमैयाहुक्रे मालिकके अन्यायपूर्ण व्यवहारसे उत्पन्न पीडा खेपे नैसेक्के अन्यत्र जाके लुकके बैठ्ना अवस्था समेत सिर्जना हइल । कमैया मुक्तिके २० वर्ष पूरा हुइल बा । प्रत्येक वर्ष मुक्त कमैयाहुक्रे दासताके जञ्जिरसे मुक्त हुइल कहल सावन २ गते नाचगान ओ खुशियाली मनाइटी मुक्ति दिवस मनाइटी आइल रहिट । अशौक साल कोरोना भाईरसके कारण सडक संघर्ष कार्यक्रम नइकरके प्रदेशके मुख्यमन्त्री कार्यालय, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मन्त्रालय ओ जिल्ला प्रशासन कार्यालयमे ज्ञापनपत्र बुझैना कार्यक्रम रहल बाटीन । उचित गाँस, बास ओ कपासके लाग १९ बरससे आन्दोलन करलसेफे हालसम न्यायिक पुनर्स्थापना हुइ नइसेक्के मुक्तकमैया अवस्था झन जरजर बन्टी गैल बा । जौन संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहहे सोचेपरना अवस्था बा ।

२०७० साल जेठ २४ गते कमलरी प्रथम उन्मूलनके लाग संयुक्त संघर्ष समिति ओ नेपाल सरकार बीच १० बुँदे सहमतिपत्रमे हस्ताक्षर हुइल । उ सहमतिपत्रमे कमलरी मुक्ति, परिचयपत्र, पुनस्र्थापना लगायतके १० ठो बुँदा रहल रहे । उ सहमतिपत्र समेतहे दृष्टिगत करके मिति २०७०/३/१३ नेपाल सरकार मन्त्री परिषदके बैठक निम्नअनुसारके निर्णय करल । कमलरी प्रथम उन्मूलनके लाग संयुक्त संघर्ष समिति ओ नेपाल सरकार बीच १० बुँदे सहमतिपत्रमे हस्ताक्षर हुइल मने पुरा नइहुइल हो । कैलाली, कञ्चनपुर, बाँके, बर्दिया ओ दाङ करके अभिनफे ६ सय ४८ जाने मुक्तकमैया पुनस्र्थापना हुइना बाँकी बाटै । बहुट मुक्तकमैया परिचयपत्र पैनासे वञ्चित, बहुट मुक्तकमैयाके सट्टा भर्ना बाँकी बा मने सरकारके पुनर्स्थापना कैनामे उदाशिनता डेखल बा ।

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