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अपराधिक समूह बल्गर हुके मानव अधिकार रक्षक जोखिममे

पहुरा | १ आश्विन २०७७, बिहीबार
अपराधिक समूह बल्गर हुके मानव अधिकार रक्षक जोखिममे

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ०१ कुँवार ।
राज्य पक्षसे अपराधिक समूह बल्गर हुइलपाछे मानव अधिकार रक्षकहुक्रे जोखिममे परल एक कार्यक्रमके सहभागीहुक्रे बटैले बाटै ।

इन्सेक प्रदेश कार्यालय ओ राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके सयूक्त आयोजना तथा डिसिएके सहयोगमे बुधके रोज धनगढीमे हुइल ‘मानवअधिकार रक्षकहुकनके संरक्षण ओ सम्बद्र्धनमे प्रदेश सरकारके भूमिका विषयक अन्तर संवाद कार्यक्रमके सहभागीहुक्रे मानव अधिकार रक्षकहुकनके अधिकारके संरक्षणमे राज्य गम्भीर हुइना आग्रह करल रहिट ।

दलित महिला अधिकार मञ्चके अध्यक्ष सावित्रा घिमिरे राज्य पक्षसे अपराधिक समुह बल्गर हुइलपाछे मानव अधिकार रक्षकहुक्रे जोखिममे परल बटैली । उहाँ कहली–‘महिला मानव अधिकार रक्षक सबसे ढेर जोखिम मोल्न बाध्य बाटै, हत्या, धम्की ओ कुटपिटसे पीडित हुइल अवस्थामे बोलेबेर राजनितिक दलसे अपराधके पक्षपोषण हुइना, कतिपय मुद्दा प्रहरीसे सुनुवाई नइहुइल कारण पीडकके मनोवल बह्रल बा । मानव अधिकारके क्षेत्रमे प्रदेश सरकारसे नीति नियम बनाई कलेसे कार्यान्वयन करैना जरुरी रहल उहाँ कहली ।

ओरेक नेपालके कार्यक्रम संयोजक गीता चौधरी लकबन्दीके बेला ढेर महिला हिंसामे परल बटैली । ओरेक नेपालमे दर्ता हुइल बलात्कार घटनाके पीडकहे प्रशासन पक्राउ करे नइसेकल कारण पीडितहुक्रे न्यायसे बन्चित हुइल बटैली । कोभिड–१९ के कारण महिला हिंसामे घटनामे बृद्धि हुइल ओ हिंसामे परल महिलाहुकन धारेक लाग ठाउँ समेटके अभाव हुइल ओरसे प्रदेश सरकारसे ओकर व्यवस्था करेक लाग बजेट विनियोजना कैना उहाँ आग्रह करल रहिट ।

अन्तर संवाद कार्यक्रममे सुदुरपश्चिम प्रदेशके अर्थ विकास तथा प्राकृतिक स्रोत समितिके सभापति हर्कबहादुर रावल संविधानके पूर्ण कार्यान्वयन नइहुके मानव अधिकार रक्षकहुक्रनके अधिकार ओझेलमे परल बटैलै । लोकतान्त्रिक संविधान अब्बे कार्यान्वयनके क्रममे बा, नियम कानूनके पूर्ण पालन नइहुके समस्या हुइल उहाँ कहलै ।

प्रदेशसभा सदस्य भरतबहादुर खडका राज्यके मुल प्रवाहीकरणसे पाछे परल जाती वर्ग समुदायहे अधिकार सम्पन्न बनैना जरुरी रहल बटैलै । देशमे ढेर आयोग रहल मने निर्वाचन आयोग, राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग, अख्तियार आयोग ओ लोकसेवा आयोग बाहेकके औरके काम नइरहल उहाँक कहाई बा ।

प्रदेश सरकार कानूनी राज्यके पक्षमे रहल प्रदेशसभा सदस्य महेशदत्त जोशीके कहाई बा । यहाँके हरेक नागरिकके सुरक्षा डेना सरकारसे दायित्व रहल उहाँ बटैलै । संचारकर्मीनहे दल–दलमे गिलेसे विवाद बह्रना कहटी नाराद जैसिन निष्पक्षहुके काम कैना आग्रह करलै ।

पूर्व मन्त्री तथा प्रदेशसभा सदस्य दिर्घ सोडारी अब्बेक संविधान मानव अधिकार मैत्री, महिलामैत्री रहल मने कार्यान्वयन नइहुइल बटैलै । संचारकर्मीनहे आस्थाके कारण आक्रमण कैना ओ दोषीहे संरक्षण डेना गलत बाट रहल उहाँ बटैलै । प्रदेशसभा सदस्य पूर्णा जोशी, अक्कल बहादुर रावल, अमर साउद, बल बहादुर सोडारी प्रदेशसभासे जनताके पक्षमे कानूून बनैनामे लागल बटैलै ।

कार्यक्रमके सहजीकरण करटी इन्सेक प्रदेश संयोजक खडकराज जोशी राजनीतिक पूर्वग्राह, सत्य तथ्य सूचना बाहेर नाने नइसेकल अवस्था रहल बटैलै । मानव अधिकार रक्षकहुकनके अवस्था हत्या, धम्की ओ कुटपिटसे पीडित हुई परल बटैलै । राजनिीतिक दलसे अपराधके पक्षपोषण कैना, खुला दिलसे बोले, लिखे, प्रकाशन कैना गाह्रो रहल ओ जीउधनके सुरक्षा सम्वेदनशील रहलफे उहाँ बटैलै ।

इन्सेकसे मानवअधिकार रक्षकहुकनके अधिकार सम्बन्धी अन्तर्राष्ट्रिय तथा राष्ट्रिय प्रावधानबारे चेतनामुलक कार्यक्रम, मानव अधिकार रक्षकहुकनके मानव अधिकार हनन तथा उल्लंघनके घटनाके प्रलेखिकरण तथा सरोकारवालाके ध्यानाकर्षण, मानव अधिकार रक्षकहुकनके अधिकार ओ दायित्व समावेश करके मोडल कानूनके मस्यौदा तयार करटी आइल संयोजक जोशी बटैलै ।

कार्यक्रमके अध्यक्ष तथा राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके प्रदेश संयोजक झंकर रावल मानव अधिकार रक्षक अपन दायित्वमे पूण कैना क्रममे राजनितिक गन्ध, जाती, धर्म, पक्षविपक्ष नइलेके सक्कुुहुनके हित हुइना काम कैना बटैलै । कार्यक्रममे राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके प्रकृति सिंह ओ नेपाल पत्रकार महासंघ प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन शाहफे मानव अधिकार रक्षकहुकनके संरक्षण ओ सम्बद्र्धनमे प्रदेश सरकारके भूमिका बहुट महत्वपूर्ण रहल बटैले रहिट ।

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