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दिगो शान्तिके लाग दीप प्रज्वलन

पहुरा | ५ आश्विन २०७७, सोमबार
दिगो शान्तिके लाग दीप प्रज्वलन

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ५ कुवाँर ।
मानव अधिकारके क्षेत्रमे काम करटी आइल टमान संघ, संस्थासे सोम्मारके रोज ३९ औ अन्न्तर्राष्टिय शान्ति दिवसके अवसरमे धनगढीके पार्क चोक दिप प्रज्वलन करले बा । ‘दिगो शान्तिके लाग न्याय’ मुल नाराके साथ दिप प्रज्वलन करल हो ।

इन्टर नेशनल अलर्ट, अविभेद र समानताकाका लागि कार्यरत, समावेसी संक्रमणकालिन न्याय, मेलमिलाप तथा द्वन्द्व समाधानका लागी जिल्ला संजाल कैलाली, मानव अधिकारका लागि महिला एकल महिला समूह सुदूरपश्चिम प्रदेश धनगढीके संयूक्त आयोजनामे दिप प्रज्वलन करल कैगिल रहे । कार्यक्रममे वडका पहुना धनगढी उपमहानगरपालिकाके उपप्रमुख सुशिला मिश्रभट्ट नेपालके नक्सामे मोमवत्ती सुङगाके कार्यक्रमके उदघाटन करल रहिट । कार्यक्रममे बोल्टी विश्वहे शान्ति बनाइक लाग अपनहे शान्ति बनाइ पर्ना बटैली ।

कार्यक्रमके अध्यक्षता समावेसी संक्रमणकालिन न्याय, मेलमिलाप तथा द्वन्द्व समाधानका लागी जिल्ला संजाल कैलाली संयोजक गणेश मल्ल सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग गठन हुइल मने ढेर व्यक्ती वेपत्ता रहल ओ क्षतिपूर्तिसे बन्चित हुइल बटैलै । कार्यक्रममे संचालन महिला कानून र विकास मञ्चके संयोजक तथा अधिवक्ता रेणुप्रधान श्रेष्ठ करले रही ।

ओस्टेक करके समावेसी संक्रमणकालिन न्याय, मेलमिलाप तथा द्वन्द्व समाधानका लागी जिल्ला संजाल कैलालीसे दिगो शान्तिके लागी न्यायके सुनिश्चिता कैना माग करले बा ।

विश्व शान्ति दिवसके अवसरमे सोम्मारके रोज संजाल कैलालीके संयोजक गणेश मल्लसे हस्तक्षेरित विज्ञप्ती मार्फत उ माग करल हो । पीडितके न्यायके लाग कहटी नेपाल सरकारसे सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग ओ बेपत्ता पारल व्यक्तिके छानविन आयोग गठन करलेसे टमान कारणसे ओकर प्रभावकारी काम करे नइसेक्के शान्ति प्रक्रियासे पूर्णता पाई नइसेकल विज्ञप्तीमे कहल बा ।

नेपालके सन्दर्भमे सरकार ओ तत्कालिन नेकपा (माओवादी) बीच २०६३ साल अगहन ५ गते विस्तृत शान्ति सम्झौतामे हस्ताक्षर हुइलपाछे शान्ति प्रक्रियाके शुरुवात हुके नयाँ संविधान बन्लेसेफे द्वन्दकालिन पीडितहुक्रे न्याय पाई नइसेकल हुइट, संक्रमणकालिन न्याय प्रक्रिया टुंगोमे पुगे नइसेक्के पीडितसे वास्तविक रुपमे शान्तिके महशुस करे नइपाइल संजाल कैलाली जनैले बा ।

विश्वमे हिंसा न्यूनिकरण हुई नइसेक्नाके खास कारण हिंसा हुइनाके कारणके सम्बोधन हुई नइसेक्ना हो । शान्ति, अहिंसा, मानव अधिकार ओ लोकतन्त्र एकापसमे पृथक रहे नइसेक्ना ओरसे मानव अधिकार ओ प्रजातन्त्रके जगमे शान्ति स्थापना हुइठ कना बाटमे सरोकारवालाके ध्यान पुग्न जरुरी रहल विज्ञप्तीमे उल्लेख बा ।

प्रत्येक वर्ष विश्वशान्ति दिवस २१ सेप्टेम्बरके दिन संसारभर मनाजाइठ । संयुक्त राष्ट्रके साधारण सभासे अहिंसा ओ युद्धविराम अवलोकन करके शान्तिके आदर्शहे बल्गर बनैना समर्पित दिनके रूपमे विश्वशान्ति दिवसहे घोषणा करल हो ।

युद्ध शान्तिके लाग सबसे भारी सत्रु ओ अवरोध हो । सेप्टेम्बर २१, सन् १९८१ मे संयुक्त राष्ट्र संघके महासभासे आह्वान करल अनुरूप सन् १९८२ से यी दिवस मनैना सुरु करल हो । सन् २००१ सम सेप्टेम्बरके टिसरा मंगर मनैटी आइल यी दिवस २००२ से सेप्टेम्बर २१ मे मनाई लागल हो । नेपालमे यी दिवस २०६५ से मनैना सुरु करल हो । देशमे १० वर्षसम चलल सशस्त्र द्वन्द्वके विश्रामसंगे २०६३ अगहन ५ मे हुइल विस्तृत शान्ति सम्झौताके भावना ओ मर्महे आत्मसात करटी नेपालसे यी दिवसहे निरन्तरता डेटी आइल बा ।

दुसरा विश्वयुद्धपश्चात् १९४५ मे जारी संयुक्त राष्ट्र संघके बडापत्रके खास उद्देश्य ‘युद्ध रोक्के शान्ति स्थापना कैना कहल रहे । मानव अधिकारके विश्वव्यापी घोषणापत्र, १९४८ के प्रस्तावनामे ‘अधिकारके मान्यता न्याय ओ शान्तिके स्थापना कैना रहल’ कहिके शान्तिहे जोड डेहल बा ।

संयुक्त राष्ट्र संघसे बेलाबेलामे शान्ति ओ और विषयगत अधिकारहे संगे जोरके घोषणापत्र जारी करटी आइल बा । पछिल्का बार जारी करल शान्तिके अधिकारसम्बन्धी घोषणापत्र, १९८४ मे जनताके शान्तिपूर्ण अधिकारके रक्षा कैना राज्यके कर्तव्य हुइना, जनताहे शान्तिके अधिकार हुइना ओ विवादके समाधान शान्तिपूर्ण तरिकासे करे पर्ना बाट उल्लेख बा । यी घोषणापत्रसे शान्तिहे यी धर्तीके बासिन्दाके महत्वपूर्ण ओ पवित्र अधिकारके रूपमे चित्रण करले बा ।

विज्ञप्तीमे कहल बा,–‘बिश्व शान्ति दिवसके सन्दर्भमे न्याय विना दिगो शान्ति कायम नइहुइना ओरसे संक्रमणकालके सिघ्र अन्त ओ दिगो शान्तिके लाग संक्रमणकालिन न्याय प्रक्रियाहे तार्किक निष्कर्षमे पुगाके पीडितहे न्यायके अनुभुति डेहुवइना जरुरी बा ।’

राज्यसे अपन उल्लेखित पूर्र्व प्रतिवद्धताहे हाली कार्यान्वयनके पहल करके संक्रमणकालिन न्याय संयन्त्र ओ यी सम्बन्धी विद्यमान कानूनी व्यवस्थाहे अन्तर्राष्ट्रिय मापदण्ड ओ सर्वोच्च अदालतके आदेश बमोजिम सम्बोधन करके पीडितमैत्री आयोगके गठन मार्फत पीडितके सत्य, न्याय ओ परिपुरण प्राप्त कैना अधिकार सुनिश्चित करैना जरुरी रहल संयोजक मल्ल विज्ञप्ती मार्फत कहले बाटै ।

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