थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १७ अगहन २६४६, शनिच्चर ]
[ वि.सं १७ मंसिर २०७९, शनिबार ]
[ 03 Dec 2022, Saturday ]

‘ढेर द्वन्द्वपीडित अभिन न्यायसे बन्चित’

पहुरा | ९ आश्विन २०७७, शुक्रबार
‘ढेर द्वन्द्वपीडित अभिन न्यायसे बन्चित’

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ९ कुवाँर ।
स्थानीय तहसे आब द्वन्द्वपीडितके तथ्याङ्क रख्ना आवश्यक रहल रहल एक कार्यक्रमके सहभागीहुक्रे बटैले बाटै ।

सशस्त्र द्वन्द्वकालपाछे विस्तृत शान्ति सम्झौता हुइल १४ बरस पुरा हुइलेसेफे ढेर वास्तविक द्वन्द पीडित अभिन न्यायसे बन्चित रहल कहटी शुकके रोज धनगढीमे हुइल ‘द्वन्द पीडितके सवालमे स्थानीय तहके भूमिका विषयक जिल्ला स्तरीय सम्बाद’ कार्यक्रमके सहभागीहक्रे द्वन्द पीडितहुकनके तथ्याङक रख्ना जरुरी रहल बटैले रहिट । जिल्ला समन्वय समिति कैलालीके उपसंयोजक सुन्दरी देवी चौधरी द्वन्द्वकालमे वेपत्ता हुइल पीडितके रकम हिनामिना हुइल ओ विचोलिया लागल बटैली । उहाँ कहली द्वन्दकालमे ढेर जे राज्य पक्ष ओ विद्रोही पक्षसे पीडितहुइलै मने बोले नइसेक्ना पहुँचसे दुर रहुइया अभिनसम न्यायसे बन्चित रहल बटैली ।

गौरीगंगा नगरपालिका–५ के कुमारी नेपालीहे द्वन्दकालमे वेपत्ता बनाइल मने राहत डेहेबेर विचमे विचोलिया लागके उहाँक परिवारसे पाई पर्ना रकम नइपाइल उपसंयोजक सुन्दरी बटैली । द्वन्दकालमे अपन गोसियाफे नेपाली सेनाके पिटुवा पाके अभिनफे कान नइसुन्न, कानेम से पिव बहटी रना, झरकना, रिसैना हुइल मने क्षतिपूर्ति समेट नइपाइल उहाँ बटैली । द्वन्दकालमे कतिपयके सक्कु प्रमाण हेराइल ओरसे ढेर द्वन्दपीडित क्षति नइपाइल, गैर द्वन्दपीडित राहत लेहल उहाँ कहली ।

राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालयके अधिकृत नेत्र गौतम स्थानीय तहसे द्वन्दपीडितके तथ्याङक संकलन करके सहयोग करके द्वन्दपीडितहुकन सहयोग करेसेक्ना बटैलै । द्वन्दपीडित स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगारीसे बन्चित हुइल ओरसे स्थानीय तह तथ्याङ्क संकलन करके सिफारिस करके सहयोग सेक्ना उहाँ बटैलै ।

राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगमे ८ सय २० ठो उजरी परलमे ६ सय उजुरी नेपाल सरकारहे पठासेकल, २ सय उजरीमे ८० प्रतिशत द्वन्दकालिन यातना, हत्या ओ बलपूर्वक जबरजस्ती वेपत्ता बनाइल सम्बन्धी रहलमे अनुसन्धान हुइटी रहल अधिकृत गौतम बटैलै । एक सय ठो उजरी अनुसन्धान हुके केन्द्रीय कार्यालयमे पठैना तयारी रहल उहाँ जनैलै । ‘द्वन्दपीडितके हकमे प्रमाण संकलन कैना समस्या बा,’ उहाँ कहलै, –‘द्वन्दकालमे राज्यपक्ष ओ विद्रोही पक्षसे पीडित बनागिल रहे, सेनासे प्रमाण मग्लेसे नइडिही, डेहे पर्ना जरुरी हुइलेसे जंगी अडडा, रक्षा मन्त्रालयसम फाइल पुगाके ३ महिना अशरा लागे परी ।’ वेपत्ता छानविन आयोग, सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग गठन हुइल मने काम करे नइसेकल उहाँ आरोप लगैलै ।

धनगढी उप–महानगरपालिकाके प्रवक्ता तथा वडा नम्बर १ के अध्यक्ष सन्तोष मुडभरी द्वन्द पीडितके नाउँमे गैरद्वन्द पीडित फाइदा लेहल बटैलै । ‘नगरपालिकासे द्वन्दपीडितहुकनके बालिकाबालिकाहे स्वास्थ्य शिक्षा रोजगारमे सहयोग करटी आइल बा,’ प्रवक्ता मुडभरी कहलै, ‘कोई न्यायसे बन्चित रहल बा कलेसे द्वन्दपीडितके प्रमाण स्वरुप स्थानीय तहमे सम्पर्क करलेसे अभिनफे सहयोग करे सेक्जाई ।’ अपराधिक क्रियाकलाप करुइयाहेफे द्वन्दपीडितमे मिलाइल उहाँ कहलै ।

इन्सेकके प्रलेख अधिकृत कृष्ण विक विस्तृत शान्ति सम्झौता हुके टमान आयोग गठन हुइल मने द्वन्दपीडितके सवालहे सम्बोधन करे नइसेकल आरोप लगैलै । उहाँ कहलै द्वन्दपीडितके तथ्याङक संकलन कैना मने काम नइकरके विचमे हेरैना परिपाटीके विकास हुइल बा ।

कार्यक्रममे धनगढी उपमहानगरपालिका वडा–८ के अध्यक्ष नारायण बराल, टीपीओके मनोविमर्शकर्ता विमला बुढाथोकी, लगायत वेपत्ता छानविन आयोग, सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोगहे निकम्मा बैठनासेफे द्वन्दपीडितहे न्याय डेहुवाइक लाग काम कार्वाही आघे बह्रैना आग्रह करल रहिट ।

समावेशी संक्रमणकालिन न्याय मेलमिलाप तथा द्वन्द समाधानका लागि जिल्ला संजाल कैलालीके संयोजक गणेश मल्ल पीडितके न्यायके लाग कहटी नेपाल सरकारसे सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग ओ बेपत्ता पारल व्यक्तिके छानविन आयोग गठन करलेसे टमान कारणसे ओकर प्रभावकारी काम करे नइसेक्के शान्ति प्रक्रियासे पूर्णता पाई नइसेकल बटैलै । उहाँ कहलै, सरकार ओ तत्कालिन नेकपा (माओवादी) बीच २०६३ साल अगहन ५ गते विस्तृत शान्ति सम्झौतामे हस्ताक्षर हुइलपाछे शान्ति प्रक्रियाके शुरुवात हुके नयाँ संविधान बन्लेसेफे द्वन्दकालिन पीडितहुक्रे न्याय पाई नइसेकल हुइट, संक्रमणकालिन न्याय प्रक्रिया टुंगोमे पुगे नइसेक्के पीडितसे वास्तविक रुपमे शान्तिके महशुस करे नइपाइल हुइट ।’

महिला कानून र विकास मञ्चके संयोजक तथा अधिवक्ता रेणुप्रधान श्रेष्ठ स्वागत मन्तव्य व्यक्त करटी राज्यसे अपन पहिले प्रतिवद्धताहे हाली कार्यान्वयनके पहल करके संक्रमणकालिन न्याय संयन्त्र ओ यी सम्बन्धी विद्यमान कानूनी व्यवस्थाहे अन्तर्राष्ट्रिय मापदण्ड ओ सर्वोच्च अदालतके आदेश बमोजिम सम्बोधन करके पीडितमैत्री आयोगके गठन मार्फत पीडितके सत्य, न्याय ओ परिपुरण प्राप्त कैना अधिकार सुनिश्चित करैना जरुरी रहल बटैली ।

कार्यक्रमके संचालन अधिवक्त इन्द्र प्रसाद लेखक करले रहिट । ‘द्वन्द पीडितके सवालमे स्थानीय तहके भूमिका विषयक जिल्ला स्तरीय सम्बाद’ कार्यक्रमके आयोजना समावेशी संक्रमणकालिन न्याय मेलमिलाप तथा द्वन्द समाधानका लागि जिल्ला संजाल कैलाली, इन्टर नेशलन अलर्ट, महिला कानून र विकास मञ्च संयूक्त रुपमे करले रहे ।

जनाअवजको टिप्पणीहरू