थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १८ अगहन २६४३, बिफे ]
[ वि.सं १८ मंसिर २०७७, बिहीबार ]
[ 03 Dec 2020, Thursday ]

विश्व सूचीकृत पोषाक लेहंगाक् कारोबारमे प्रविधि

पहुरा | ११ आश्विन २०७७, आईतवार
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विश्व सूचीकृत पोषाक लेहंगाक् कारोबारमे प्रविधि

लखन चौधरी
धनगढी, ११ कुवाँर ।
आजकाल जौ फेन पेशाकर्मी, व्यवसायीहुकनके ढेब्रेम् झुुलल बाट रहठिन, ‘लकडाउन बर्बाद बनाडेहल । कारोबारे ठप्प होगिल । चौपट होगिल ।’

मने हमार समाजमे असिन व्यवसाय फेन बा, जौ सदावहार चल्टी बा । बरु, कोरोना महामारी जारी लकडाउन उ व्यवसायहे प्रविधिमय बनाडेले बा । उ हो, लेहंगा ओ चोलियाक् कारोबार ।

कैलालीके गौरीगंगा नगरपालिका–८, लिक्मास्थित स्मार्ट ग्रुपके सञ्चालक सदस्य कालुराम चौधरी कहठै, ‘पहिले–पहिले व्यवसायमे प्रविधिके ओत्रा प्रयोग नैरहे । जब लकडाउन सुरु हुइल, व्यापारके एक्के सहारा प्रविधि बनल । हम्रे प्रविधिके प्रयोग करके प्रविधिहे व्यवसायसे जोर्ली । फेसबुक पेजमे प्रचार प्रसार, विज्ञापन बह्रैली ओ अर्डर धमाधम हुइ लागल ।’

लेहंगा ओ चोलिया थारु जन्नी मनैनके प्रयोग कर्ना परम्परागत लोकप्रिय पहिरन हो । पछिल्का समय लेहंगा ओ चोलिया फेसनके रुप लेहलपाछे कारोबार फेन फष्टाइल बा । मेला, महोत्सव, उत्सवलगायत सक्कु औपचारिक तथा अनौपचारिक कार्यक्रममे थारु समुदायके छोटसे बुह्राइल जन्नी मनै लेहंगा ओ चोलियाके प्रयोग कर्ना रुचैठै । जौन कारण यकर कारोबार चम्कल बा ।

स्थानीय ७ युवाहुुक्रे मिलके गठन करल स्मार्ट ग्रुपके कारोबार फेन चम्कल बा । कालुराम कहठै, ‘हम्रे ‘स्मार्ट बजार’ नाउक् फेसबुक पेज चलैले बाटी । जौन पेजसे प्रवद्र्धनके काम कर्ठी । अर्डर आइलपाछे होम डेलिभरी कर्ठी ।’

उ स्मार्ट ग्रुप पछिल्का ३ बरससे लेंहगालगायतके कारोबार करटी आइल बा । टमान उद्यमी जन्नी मनैनसे लेहंगा संकलन करके बिक्रि वितरण करटी आइल बा । प्रति लेहंगा ३५ सयसे ८ हजार रुपैयाँसममे बिक्रि करटी आइल उ ग्रुप कञ्चनपुर, कैलाली, बर्दिया, बाँके ओ दाङ जिल्लासम होम डेलिभरीके काम करटी आइल कालुराम बटैठै ।

उ ग्रुप व्यावसायिक रुपमे लेहंगा संलकन करलपाछे उ ग्रुपसे जोरल ८ जाने जन्नी मनै लेहंगा किल बनैना काम करटी आइल बाटै । २ जाने चोलिया किल ओ ३ जाने लेहंगामे प्रयोग हुइना फुलरा किल बनैटी आइल बाटै । लेहंगा संकलनके काम हुइ लागलपाछे १३ जान लेहंगा सिना कामहे आपन पेशा बनासेकल कालुराम बटैठै ।

उहाँ आघे कहलै, ‘सुरुमे हम्रे लेंहगा सिना जन्नी मनैन खोज्ली । उहाँहुकन कहली, अप्नेहुक्रे लेहंगा सिल्डि, हम्रे अप्नेन्के लेहंगा बिक्रीवितरण करडेब । ओकरपाछे काम सुरुवात करल हुइटी ।’
उहाँके अनुसार एक जाने पेशवर लेहंगा सिल्न जन्नी मनै महिनामे ५० हजारसम कमाइ करटी आइल बाटै । कलेसे, उ स्मार्ट ग्रुप महिनामे १ सयसे ढिउर लेहंगा विक्रि वितरण करके महिनामे ५ लाख रुप्यासम कारोबार करटी आइल हो ।

थारु सांस्कृतिक पहिरनके रुपमे रहल लेहंगाहे एक मेरके हस्तकलाके रुपमे फेन लेजाइठ । जेकर दक्षता फेन आवश्यक पर्ना बटाजाइठ । एकठो सिर्जल लेहंगा बनाइक लाग टमान भाग जोरेक पर्नाके साथे टमान कलात्मक फूलबुट्टासे सजाइक परठ ।

लम्मा समयसे लेहंगा सिल्ना काम करटी आइल धगढी उपमहानगरपालिका–८, बुद्धचौकके सावित्री चौधरी कहली, ‘लेहंगा बनैना फेन एकमेरके सीप ओ हस्तकला हो । एकठो लेहंगा तयार पारेक लाग टमान खण्ड–खण्ड जोरेक परठ । लेहंगाके उप्परसे टरेसम गुम्टी, नेफा, लेहंगा, पट्टी, कचौटी, गोठ, पट्टी, जिभ्भा, छुट्की गोठलगायत भागहे जोरेक परठ । जेहिहे आउर आकर्षक बनाइक लाग सितारा, ऐना, नुरी, फुलरा, मोती, पथ्थरलगायत चीज टाँसेक परठ ।’

टरटिहुवार लच्क्याइल संगे यकर कारोबार फेन बह्रल बा । जौनकारण लेहंगा सिल्न मनैनहे भ्याइनभ्याई हुइल बा । लम्मा समयसे धनगढीमे लेहंगा सिल्टी आइल जोरी सीता ओ विजय चौधरी कहठै, ‘सिजन सुरु होगिल बा, आजकाल लेहंगा, चोलिया, बिलाउज सिनामे समय बिटठ । आजकाल हम्रे लौव लौव डिजाइन अप्नहि सिर्जना करके लेहंगा बनैटी आइल बाटी ।’

पछिल्का समय थारु समुदायमे किल नाई गैरथारु युवतीहुकनमे फेन लेहंगाक् क्रेज बा । जौनकारण फेसनके बजारमे लेहंगा आपने स्थान जमासेकल बा ।

कैलालीके पत्रकार उन्नती चौधरी कहठी, ‘कौनो कार्यक्रम होए या टरटिहुवारमे लेहंगा लगैनाके मज्जा अलग्गे लागठ । लेहंगा लगैना फेसन जस्टे होगिल बा । जेहिसे एक ओहोर सांस्कृतिक संरक्षण हुइटा कलेसे डोसर ओहोर व्यवसायकरण होके रोजगारी सिर्जना हुइना सुन्दर पक्ष हो ।’

विश्वके उत्कृष्ट सूचीकृत पोषक

पछिल्का समय थारु किल नाई गैरथारु समुदायमे फेन रोजाइके पहिरन बनलपाछे लेहंगा अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमे मजा पोषाकके रुपमे आपन दर्जा बनासेक्ले बा ।

सन् २०१७ मे जेनेभा कन्फ्रेन्ससे संसारके सबसे मजा ड्रेसके उपाधीके रुपमे लेहंगा परल बटाइठ ।

थारु कल्याणकारिणी सभा कैलालीके पूर्व अध्यक्ष प्रभातकुमार चौधरी थारु लेहंगा ओ चोलिया विश्व सुचिकृत पोषाक रहल बटैठै ।

उहाँ कहठै, ‘सन २०१६ ओ २०१७ मे जेनेभा कन्फ्रेन्समे नेपालसे सहभागी हुइल आदिवासीहुक्रे थारु लेहंगाके बारेमे जानकारी डेटी ड्रेस प्रर्दशन करल रहिट ।’

कन्फ्रेन्समे टमान देशके सहभागिहुकनके ड्रेस मध्ये थारु लेहंगा ओ चोलिया सबसे मजा रहल ओ छनौट हुइना सफल हुइल उहाँके कहाइ बा ।

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