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इण्डियक् सीप स्वदेशमे व्यवसाय

पहुरा | १३ आश्विन २०७७, मंगलवार
इण्डियक् सीप स्वदेशमे व्यवसाय

प्रेम चाैधरी
धनगढी, १३ कुवाँर ।
कामके खोजीमे विवस चौधरी ६ बरस पहिले इण्डियाके मुम्बई शहर पुगल रहिट । एक होटलमे हेल्परके कामसे नोकरी सुरुवात करल उहाँ थर्डकोमी, सेकेन्ड कोमी, फस्टकोमी हुइटी डिसिडिपीसे लेके सीडिपी सेप सम बनलै । हेल्परके काम सुरु करेबेर उहाँहे महिनक टन्खा पाँच हजार केल रहे, काम सिख्टी जैना क्रममे पद फे बढुवा हुके महिनक टन्खामे बृद्धि हुके २२ हजार भारु पुगल रहिन ।

कैलाली जिल्लाके कैलारी गाउँपालिका–७, भुइयाफाँटा निवासी विवस चौधरी लकडाउन हुइना आघे पछिल्का चरणमे मुम्बईके एक प्रतिष्ठित तीनतारे होटलमे सीडिपी सेप पदमे पुगके काम करटी रहिट ।

होटलमे खैना, बैठना मजा सेवासुविधा रहे, कोरोना भाइरसके महामारी आइल सुन्के सबजे अपन–अपन देश लौटे लागलपाछे हम्रेफे नोकरी छोरके स्वदेश लौटन बाध्य हुइल विवस कहलै ।

‘इण्डियामे लगटार ५÷६ बरस काम कैना शिलशिलामे कुकके काम सिख्गैल, स्वदेश लौटलपाछे उहे सीप यहाँ काम लागल,’ विवस कहलै– ‘अब्बे अपनही मालिक हुके काम करटी, सुरुवाट करल व्यवसायसे घरखर्च भरिक आम्दानी हुजाइठ ।’

धनगढीके मोतीचोकमे विवस फस्टफुड एण्ड सुप सेन्टर संचालन करल व्यवसायसे दैनिक आठ सयसे १५ सयसम विक्री हुइटी रहल उहाँ बटैलै । उहाँ कहलै, ‘अभिन लगानीके क्रममे बाटी, लकडाउन, कोरोना भाइरसके कारण खासे फाइदा नइहो, ग्राहक बन्टी गैलेसे ढिरे–ढिरे आम्दानीफे बढे सेकी ।’

विवस चौधरी एक लाख ४० हजार रुप्या लगानीमे फस्टफुड एण्ड सुप सेन्टर संचालन करटी अपनही मालिका बाटै । पहिले और अन्डरमे काम करजाए, अब्बे स्वतन्त्र हुके काम करके खुशी हुइल बटैठै । उहाँ कहलै, अभिनफे कोरोना भाइरस संक्रमणके डर परली बा, ओकरे डरके मारे हम्रे इण्डियासे यहाँ अइली, ढेर जैसिन युवा फेरसे कामके खोजीमे इण्डिया जैटी रहल सुनगैल बा, मने करे सेक्लेसे स्वदेशमेफे पैसा कमाई सेकजाई । व्यवसाय कैना वातावरण बन्लेसे आब इण्डिया नइजाके यिहे व्यवसाय करटी रहना विवस बटैठै ।

विवसके जस्टे कैलारी गाउँपालिका–७, भुइयाफाँटाके उमेश चौधरीफे इण्डियामे १३ बरस होटलमे काम सिखके लकडाउनपाछे घर लौटके धनगढीके मोतीचोकमे मेडिओन चाइनिजकर्ण पसल संचालन करले बाटै ।

इण्डियाके मुम्बईमे होटलमे हेल्परके काम सुरुवाटी करेबेर थर्डकोमी, सेकेन्ड कोमी, फस्टकोमी हुइटी डिसिडिपी से लेके सीडिपी सेप सम बनल रहिट । हेल्परके काम सुरु करेबेर उहाँहे महिनक टन्खा जम्मा तीन हजार केल रहे, काम सिख्टी जैना क्रममे पद फे बढुवा हुके टन्खामे बृद्धि हुके २५ हजार भारु पुगल रहिन ।

सक्कु देशमे लकडाउन हुइ लागलपाछे उहाँफे घर लौटना बाध्य हुइल बटैठै । उहाँ कहलै, कोरोनासे ज्यान जोगाइक लाग यहाँ अइली, खाली बैठनासेफे इण्डियामे सिखल सीप यहाँ सदुपयोग करटी ।

इण्डियामे औरेक नोकरहुके काम करली, यहाँ अपने व्यवसाय बा, कम हुइलेसे व्यवसायमे सन्तुष्ट बाटी ।’ इण्डियामे ढेर काम करलेसफे सोचल जटरा टन्खा नइरहे, यहाँ छोट व्यवसाय हुइलेसेफे लगानी अनुसारके आम्दानी उठजाइठ, घरपरिवारहे समय डेहे मिलल उमेश बटैठै ।

पछिल्का २० दिनमे दुई हजार ६६४ जाने महिला, ११ हजार ७३३ जाने पुरुष ओ दुई हजार ३६३ जाने बालबालिका करके १६ हजार ५१४ जाने नेपाली रोजगारीके लाग फेरसे भारत गैल जिल्ला प्रशासन कार्यालय कञ्चनपुर जनैले बा । उहे अवधिमे २ हजार ८१३ जाने महिला, ६ हजार ४४९ जाने पुरुष ओ १ हजार ६१६ जाने बालबालिका करके १० हजार ८७० जाने स्वदेश लौटल बाटै ।

अब्बे दैनिक करिब एक हजारसे ढेर नेपाली भारत जाई लागल बाटै । जिल्ला प्रशासन कार्यालय, कञ्चनपुरके अनुसार बिफेक रोज १ हजार १०६ जाने नेपाली रोजगारीके लागफेरसे भारत गैल बाटै । कलेसे ४ सय ८ जाने नेपाली स्वदेश लौटल बाटै ।

कुवाँर ७ गते एक हजार ४०४ जाने नेपाली धनगढीके त्रिनगर भन्सार नाका ओ भीमदत्तनगरके गड्डा चौकी नाकासे रोजगारीके लाग भारत गैल जिल्ला प्रशासन कार्यालय, कञ्चनपुर जनैले बा । उ दिन भारतसे ४ सय १७ जाने नेपाली स्वदेश लौटल रहिट ।

ओस्टेक कुवाँर ६ गते १ हजार ७२९ जाने नेपाली भारत गिनै कलेसे ३ सय १२ स्वदेश लौटलै । कुवाँर ५ गते १ हजार २१९ जाने नेपाली भारत गैल रहिट कलेसे ४ सय १७ जो लौटल रहिट ।

जिल्ला प्रशासन कार्यालय, कञ्चनपुरके अनुसार कुवाँर ४ ओ ३ गते क्रमशः १ हजार ११६ ओ १ हजार ९६ जाने नेपाली कैलाली, कञ्चनपुर नाका हुइटी भारत गैल रहिट कलेसे क्रमशः ३ सय ८१ ओ ४ सय ८२ जाने नेपाली घर लौटल रहिट ।

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