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कैलालीम पर्यटकीय क्षेत्र सञ्चालन कैना तयारी

पहुरा | १६ आश्विन २०७७, शुक्रबार
कैलालीम पर्यटकीय क्षेत्र सञ्चालन कैना तयारी

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १६ कुवाँर ।
छ महिना लम्मा बन्दाबन्दीसे थला परल पर्यटन क्षेत्रहे सञ्चालनके लाग स्थानीय तह काम सुरु करले बाटै । कोरोना भाइरसके सङ्क्रमण रोकथाम तथा नियन्त्रणके लाग सरकारसे २०७६ चैत ११ गतेसे करल बन्दाबन्दीके कारण बन्द पर्यटन क्षेत्रमे स्थानीय तह आन्तरिक पर्यटकके लाग आवश्यक पूर्वाधारके मर्मतसम्भारसहितके काम शुरु करल हो ।

कैलालीके पूर्वी तथा दक्षिण पूर्वी क्षेत्रमे पर्ना पर्यटकीय क्षेत्रमे बन्दाबन्दी खुला हुइलसंगे सार्वजनिक यातायातके साधन शुरु हुइलपाछे स्थानीय नागरिक, होटल व्यवसायी फेन पर्यटकीय क्षेत्र सञ्चालन करे पर्ना कहिके स्थानीय सरकारसे समन्वयमे जुटल बाटै ।

टीकापुर नगरपालिकास्थित टीकापुर उद्यान छ महिनासे पूर्णरूपमे बन्द बा । लावा बरसके समयमे आन्तरिक पर्यटकके भीड ठेगे नाइ सेक्ना अवस्था रहना टीकापुर उद्यान यी बरस सुनसान रहल । बरसभर आन्तरिक पर्यटकके भीडभाड रहना उद्यानके प्रवेशद्वार आभिन खुला हुइल नाइहो । उद्यानके वनस्पति पतझडमे परिणत हुइल बावै ।

उद्यानमे आन्तरिक पर्यटक अइना करलेसे फेन प्रवेशद्वार बन्द होके वहाँसे पर्यटक अइना करल उद्यान व्यवस्थापनमे खटल कर्मचारी विनोद चौधरी बटैलै । नगरपालिकाके आन्तरिक राजश्वके मुख्य हिस्सा ओगटल टीकापुर उद्यान अपनेमे फेन टीकापुर क्षेत्रके गौरव हो । “चैत ११ गतेसे ढोका बन्द बा । कुछ आन्तरिक पर्यटक अइना करल बाटै मने हम्रे उहाँहुक्रनहे प्रवेशद्वारसे घुमाडेठी”, चौधरी कहलै, “कार्यरत कर्मचारी नियमितरूपमे उद्यानमे अइठी ओ, जैठी ।”

सरकारसे पर्यटकीय क्षेत्र खुला कैना तयारी करलसंगे टीकापुर नगरपालिकासे फेन पर्यटकीय क्षेत्रके मर्मतसम्भारके काम शुरु करले बा । लम्मा समयसे उजाड बन्टी आइल टीकापुर उद्यानमे ४० कामदार सरसफाइके काम करटी आइल बाटै । “हम्रे सरसफाइके कामहे निरन्तरता डेले बाटी”, चौधरी कहलै, “नगरपालिकासे टिकट खुला कैना आदेश नाइ डेहटसम सरसफाइ हुइलेसे फेन अवलोकनके लाग कुहीहे फेन उद्यानभिट्टर प्रवेश कराइ सेकजैना अवस्था नाइहो ।”

आर्थिक बरस २०७५/७६ मे टीकापुर उद्यानसे पर्यटक प्रवेश करल टिकटवापत करीब रु ४८ लाख राजश्व संकलन करलमे गत बरस करीब रु ३६ लाख किल राजश्व संकलन हुइल जनाइल बा । ओस्टके पर्यटकके लाग महत्वपूर्ण मानजैना डल्फिन क्षेत्रमे फेन पर्यटकके आवागमन बह्रे लागल बा ।

वर्षायामके समयमे ढिउर भीडभाड हुइना डल्फिन क्षेत्रमे गत बरस जैसिन पर्यटकके चहलपहल डेखल नाइहो । डल्फिन जलचर तथा जैविक विविधता संरक्षण नेपालके अध्यक्ष भोजराज ढुंगाना बन्दाबन्दीके समयमे फेन फ्रान्स, नेदरल्याण्डस, बेलायत ओ अमेरिकाके पाँच पर्यटक डल्फिन क्षेत्रके अवलोकन करल बटैलै । “गैल बरस ४० विदेशी पर्यटक डल्फिन क्षेत्रके अवलोकनके लाग आइल रहिट”, अध्यक्ष ढुंगना कहलै, “यी बरस कोरोनाके कारण आन्तरिक पर्यटक अवलोकनके लाग अइलेसे फेन विदेशी पर्यटकके संख्यामे कमी आइल बा ।”

कन्द्रा, पथरैया, मोहना ओ काँढा लडयाके संगमस्थल डल्फिन क्षेत्रमे यी बरस पानीके बहाव बह्रलसंगे गैल बरसके तुलनामे ढिउर डल्फिन डेखगैल अध्यक्ष ढुंगना बटैलै । “गैल बरस ४० से ४५ ठो डल्फिनके गणना करल रही”, ढुुंगाना कहलै, “यी बरस १३ बच्चासहित ६० ठो डल्फिन गणना हुइल बा ।”

सुदूरपश्चिमके मुख्य प्रवेशद्वारके रूपमे रहल कर्णाली चिसापानीमे फेन आन्तरिक पर्यटक बह्रे लागल बाटै । लम्मा समय बन्दके कारण व्यापार, व्यवसाय ठप्प होके चिसापानी क्षेत्रमे व्यापारी पुराने अवस्थामे फर्कना विश्वासमे बाटै ।

होटल व्यवसाय करटी आइल प्रवीण शाह कोरोनाके त्राससे सक्कु क्षेत्र बन्द कैनासे कोरोनासे लरे सिके पर्ना बटैलै । “कोरोनासे अधिकांश क्षेत्र चौपट हुइल बावै । आभिन बन्द हुइलेसे उहीसे ठेगे सेक्ना अवस्था नाइहो”, शाह कहलै, “सुरक्षाके मापदण्ड अपनाके सक्कु क्षेत्रहे चलायमान बनौनाके विकल्प नाइहो । सरकारसे पर्यटकीय गन्तव्यके लाग विशेष प्याकेज लन्ना आवश्यक बा ।”

टीकापुर–७ के वडाध्यक्ष रामलाल डगौरा थारू पर्यटन क्षेत्रहे व्यवस्थित कैना काममे स्थानीय सरकार जुटल ओ ढिरेसे सक्कु क्षेत्रहे पुराने अवस्थामे अइना आवश्यक रहल बटैलै । ओहकान अनुसार सत्तीमे रहल पदमप्रकाशेश्वर मन्दिर, बिपी कुञ्ज, ओजहुवा ताललगायत पर्यटकीय गन्तव्यहे पुनःसञ्चालनके लाग प्रक्रिया शुरु हुइल बा ।

डल्फिन क्षेत्रमे घडियाल ओ मगर गोह

डल्फिन क्षेत्रमे यी बरस घडियाल ओ मगर गोहीसमेत फेला परल बाटै । विगत बरसमे डल्फिन किल डेखे पैना उक्त क्षेत्रमे लोपोन्मुख घडियाल फेन डेख परलपाछे संरक्षणमे स्थानीय संरक्षणकर्मी जुटल संरक्षण नेपालके महासचिव जयप्रसाद ढुंगाना बटैलै ।

“यिहीसे आघेक बरसमे डल्फिन किल डेखजाइठ् मने यी बरस घडियाल ओ मगर गोह फेन डेखपरल बाटै”, महासचिव ढुंगाना कहलै, “यी बरस अत्यधिक वर्षा हुइल ओरसे फेन कर्णाली लड्या हुइटी घडियाल ओ मगर गोह आइल हुइ सेकठ् । यी पर्यटकके लाग थप आकर्षण बन्ना हुइल बा ।”

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