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मल नइपाके गोहुँ बुइनी ढिला

पहुरा | २५ कार्तिक २०७७, मंगलवार
मल नइपाके गोहुँ बुइनी ढिला

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २५ कार्तिक ।
एक महिना आघे खेटुवा मन्से धान ओसारसेकल किसान जगतराम चौधरी मल नइपाके गोहुँ बोई नइपैले हुइट ।

गोदवारी नगरपालिका–९, सेहरीके किसान जगतराम एक अठुवार आघे खेतुवा जोतके सपारल, मने रसायानिक मलके आशमे बुइनी ढिला हुईल कहटी चिन्तित बटै । ‘आने साल कार्तिक २० गतेसम सक्कु बुइनी ओरुवा डारी’, उहाँ कहलै, ‘यी सालभर मलके आशमे अभिनसम गोहुँ बुई नइपैले हुई, बुइनी ढिला हुइलेसे एक ओर खेतुवक ओड जाई सेक्ना, दुसर ओर खेती पछेल्ना डर रहल बा ।’

धनगढी उपमहानगरपालिका–८, धनगढी गाउँक किसान रामसागर चौधरी रसायानिक मलके लाग ढेर जैसिन सहकारीमे दौडधुप करलै, मल पैना आशमे लाइनफे लागल मने कुछ विकल्प नइपाइलपाछे खिस्याइल जिउ इण्डियाके मल नानके गोहुँ बुइटी रहल बटैलै । ‘नेपाली मलखादके आशमे एक अठुवार ढिला हुगिनु उहाँ कहलै, ‘भर्खर बुइनी सुरुवाट हुइल बा, अभिन एक विघा गोहुँ बुइना बाँकी बा, कहाँसे मल नन्ना हो ।’ मलके आशमे बुइनी बाँकी रहल खेतुवक ओड सुखलपाछे पानी डारके फेरसे जोटाई करपाछे दोहोरो खर्च व्यहोरे परल किसान रामसागर पीडा सुनैलै । उहाँ कहलै, किसान जबफे मर्कामे परल कारण हरडम पछगुरे परठ ।

कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर ५ के किसान वीरकुमार चौधरी मलके आशमे खेतुवक ओड सुखलपाछे पानी डारके जोतेबेर दोहोरो खर्च बैठल बटैठै । ‘आलु ओ लाही बोईबेर जेहोर टेहोरसे जोहो करके बुइली’, उहाँ कहलै ‘आवश्यकता अन्सार मल नइपाके गोहँु बुइनी बाँकी बा ।’

धनगढी उपमहानगरपालिका–११, बाँसखेडाके किसान रोहितकुमार चौधरी हिउँदेबाली लाही बिना खादके छिटक्वाई परल बटैलै । ‘गोहुँ भर धानखेती कैके बचल एक बोरा मलसे सरा खेतुवामे ठोर–ठोर डारके बुइनु’, उहाँ कहलै, ‘युरिया मल नइपैलेसे उत्पादन मजा नइहुइना डर बा ।’ सरकारके पूर्व तयारी नइहुइल कारणसे किसान जबसे मलके समस्या भोगे परल उहाँ कहलै । किसानके उत्पादन करल धान गोहुँके मोल निर्धारण बहुट कम कैना, मल चाही पैसा टिरकेफे नइपाइनाके कारण किसान दोहोरो मारमे परल किसान रोहितकुमार बटैलै ।

धनगढी उपमहानगरपालिका वडा नम्बर ८ धनगढी गाउँस्थित गोहुँ बोइटी रहल स्थानीय किसान । फोटुः पहुरा दैनिक

कैलारी गाउँपालिका वडा नम्बर २ बसौटीके किसान लक्ष्मीनारायण चौधरीफे समयमे आवश्यकता अन्सार मल नइपाके खेती पछगुरल बटैलै । उहाँ कहलै, ‘नेपाली मल पाइक लाग सहकारीके शेयर सदस्य हुई पर्ना, लाइन लग्लेसेफे आवश्यकता अन्सार मलफे नइमिल्ना अवस्था बा ।’ इण्डियासे मल नन्लेसे कोरोना भाइरसके डर, दुसर ओर नेपाल प्रहरीके रोक लगाइल ओरसे कैसिक गोहुँ हुइना चिन्तित रहल चौधरी बटैठै ।

सुदूरपश्चिम प्रदेशमे सरकारके अनुदानके मल बिक्री वितरणके जिम्मा पाइल कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड ओ साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेड धनगढीमे मलके मौज्दात ओराइलपाछे मलके अभाव सिर्जना हुइल बा । सरकारी अनुदानके मलमध्ये ७० प्रतिशत कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड ओ ३० प्रतिशत मल साल्ट टे«डिङ कर्पोरेशन लिमिटेड अपन अधिकृत बिक्रेतामार्फत बिक्री वितरण करटी आइल बटै ।

धनगढीस्थित साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेडके नायव महाप्रबन्धक केशवप्रसाद पाण्डे प्रदेशमे वार्षिक कटरा मल चाही, कौन जिल्लाके गाउँपालिका, नगरपालिकामे कटरा मल चाही, कौन–कौन मल चाही कहिके यकिन तथ्याङ्क नइहुइटसम आपूर्ति वितरणमे समस्या अइना बटैलै ।

लिमिटेडके नायव महाप्रबन्धक पाण्डे कहलै, ‘हमार भागमे ३० प्रतिशत केल अनुदानके मल नन्ना कहल बा, हम्रे निरन्तर रुपमे मल नन्टी बाटी, ७० प्रतिशत मल नन्ना जिम्मेबारी पाइल कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड सक्कु मल नन्लेसे मलके अभाव सिर्जना नैहुई ।’

उहाँ कहलै, ‘जथाभावी रुपमे अन्धाधुन्ध रुपमे युरिया ओ डिएपी मल प्रयोग कैना प्रवृत्तिसे मलके खपतफे बह्रके यिहीसे माटिम बह्रल अम्लियपनसे उत्पादनमेफे प्रतिकूल असर पुग्टी बा ।’
साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेड अपने पाइल जिम्मेबारी अन्सार मल नन्टी रहल दाबी करटी सावनसे कार्तिकसम अनुदानित मल ४ हजार ४ सय ७७ मेट्रिकटन ओ गैरअनुदानित मल ३२ सय २२ मेट्रिकटन मल नानके निरन्तर विक्री वितरण करटी रहल उहाँ जनैलै । सरकार मलखादके समस्या समाधान करेक लाग मलखाद निर्देशिका २०७७ जारी करल, जौन अगहन ७ गतेसे लागु हुइना बा । निर्देशिका पालना हुइलेसे किसानहुकनहे मलखादके समस्या भोगे नइपर्ना उहाँ कहलै ।

साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेड डिएपी मलके विकल्पमे प्रयोग करे सेक्ना सिङल सुपर फस्पेट (एसएसपी) दुई हजार ८३८ मेट्रिकटन बिक्री करले बा । हाल कार्यालयसंग युरिया ओ डिएपी मलके मौज्दात शून्य रहलमे एसएसपी मल ५२७ मेट्रिकटन मौज्दात रहल बा ।

कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड धनगढीके प्रमुख नवलसिंह बोगटी गोहुँबालीके लाग दुई÷चार दिनमे डिएपी मल धनगढीसम आपुग्ना बटैलै । ‘चीनसे अइटी रहल मल दुई/चार दिन भैरहुवा पुग्ना लागजाई’, उहाँ कहलै, ‘भैरहुवा पुग्टीकी धनगढी एक दिनमे पुगाई सेक्जाई ।’

पहिल लटमे ६ सय मेट्रिकटन डिएपी मल केल अइटी रहल ओ यूरिया भर अगहन दुसरा अठुवार आई, प्रमुख बोगटी कहलै । प्रदेशभर वार्षिक ३५ से ५० हजार मेट्रिकटन मल चाहठ, आजकाल्ह धानगोहुँ संगे टिना, मकै, केरा खेती लगायत टमान व्यवसासयिक खेती बह्रटी गैलपाछे मलके आवश्यकताफे बह्रटी गैल उहाँ कहलै । कृषि सामग्री कम्पनीके धनगढी कार्यालयमार्फत चालू वर्षके हालसम डिएपी ७३०, पोटास १० मेट्रिकटन बिक्री करल ओ हाल मलके मौज्दात शुन्य रहल बा ।
तोकल कोटा अन्सारके मल समयमे आपूर्तिके व्यवस्थापन कैनामे हुइटी रहल कमी कमजोरीसे मल अभावकर चरम अभाव हुइना करल बा ।

सरकारसे मलखाद बिक्री वितरणके लाग जारी करल निर्देशिका २०७७ मे नगरपालिका/गाउँपालिकाके उपप्रमुख/उपाध्यक्षके संयोजकत्वमे मलखाद आपूर्ति समिति गठनके व्यवस्था करले बा । उ समिति डिलरके छनौट, मलके आवश्यकता निर्धारण, मोल निर्धारण ओ अनुगमनफे कैना कहल बा । साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेशन लिमिटेड ओ कृषि सामग्री कम्पनी लिमिटेड सम्बन्धित विक्रेताहे मल केल उपलब्ध कैना कहल बा ।

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