थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
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‘ थारु भाषाके पत्रकार आचारसंहिता जारी ’

पत्रकारितामार्फत थारु भाषा संस्कृति संरक्षण कैना जोड

पहुरा | २१ चैत्र २०७८, सोमबार
पत्रकारितामार्फत थारु भाषा संस्कृति संरक्षण कैना जोड

पहुरा समाचारदााता
घोराही, २१ चैत ।
प्रेस काउन्सिल नेपालसे थारु भाषाके पत्रकार आचारसंहिता पुस्तक जारी करल बा ।

प्रेस काउन्सिल नेपालसे सोम्मारके दाङके घोराहीमे थारु भाषाके पत्रकारिता ओ आचारसंहिता विषयक गोष्ठीमे उक्त थारु भाषाके पत्रकार आचारसंहिताके लोकार्पण करल हो । काउन्सिलके अध्यक्ष बालकृष्ण बस्नेतके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रमके बर्का पहुना घोराही उपमहानगरपालिकाके प्रमुख नरुलाल चौधरी रहल रहिट । काउन्सिल अध्यक्ष बस्नेत ओ नगरप्रमुख चौधरी उ आचारसंहिता पुस्तकके लोकार्पण करल रहिट ।

उहे कार्यक्रममे बोल्टी नगर प्रमुख चौधरी थारु भाषाके आभिन लेखपढके अभ्यास बह्राइ पर्ना आवश्यक रहल बटैलै । घोराही उपमहानरपालिकासे थारु भाषाहे कामकाजीके भाषा बनाके फेन व्यवहारमे लागु कैना चुनौती डेखल बटैलै । थारुहुक्रनके लेखपढमे अभ्यास नैहोके फेन थारु भाषा प्रयोगमे आइ नैसेकल उल्लेख करलै । उपमहानगरपालिकासे थारुभाषामे पाठ्यक्रम तयार पारल ओ आगामी शैक्षिक सत्रसे ऐच्छिकरुपमे पठनपाठनमे लन्ना तयारी रहल बटैलै । ओस्टके उहाँ थारु भाषाके संरक्षणमे थारु किल नैहोके अन्य समुदाय फेन चासो डेहे पर्ना बटैलै । थारु भाषा कला, संस्कृतिसे भरिपूर्ण रहल उल्लेख कैटी इहीहे पर्यटन प्रबद्र्धनसे फेन जोरे सेकजैना धारणा राखल रहिट ।

पत्रकारकारीता क्षेत्र समाजके ऐना रहल कहटी उहाँ यकर मर्म ओ धर्महे बचाइक लाग थारु भाषाके पत्रकार आचारसंहिता बरवार अर्थ रख्ना बटैलै । स्थानीय ओ राष्ट्रियरुपमे बोलजैना भाषाहे सबके बनैना आवश्यक रहल बटैलै ।

कार्यक्रममे दाङके प्रमुख जिल्ला अधिकारी हिरालाल रेग्मी भाषा संस्कृती हस्तान्तरण हुइटी जाइ पर्ना हुइल ओरसे फेन लोप हुइटी गैल डेखगैल बटैलै । बाह्य संस्कृतीके अनुशरण कैनासे फेन भाषा ओ संस्कृतीमे चुनौती थपल उहाँके कहाइ रहे । भाषा, कला संस्कृतीहे बचाइक लाग सञ्चार क्षेत्रके ढिउर भूमिका रहल उहाँ बटैलै । सम्बन्धित समुदायके भाषा, कला, संस्कृती, रहनसहन नै पहिचान रहल उहाँके कहाइ रहे । पत्रकार आचारसिंहता पालना कैना सक्कु पत्रकारहुक्रनके धर्म रहल कहटी इहीसे बिचलित होके समाजहे समेत असर पर्ना बटैलै ।

कार्यक्रममे बोल्टी प्रेस काउन्सिल नेपालके अध्यक्ष बालकृष्ण बस्नेत जिम्मेवार पत्रकारितासे किल समाजहे सहि मार्ग निर्देशन कैना बटैलै । पत्रकारिता मार्फत भाषा संस्कृतीके संरक्षण कैना ओ नागरिकहे सत्य सूचना डेना विषयमे सक्कु पत्रकार एवं सञ्चार माध्यम जिम्मेवार हुइ पर्ना उहाँके कहाइ बा । व्यक्ति विषेशसे फेन मुद्धामे केन्द्रित होके बहस ओ लेखनीहे प्राथमिकता डेहे पर्ना उहाँ बटैलै ।

साथे भाषा संस्कृती जोगैना फेन पत्रकारिता पहिले बचे पर्ना उहाँके कहाइ रहल बा । पत्रकार आचारसंहिताके अक्षरस पालना कैना ओ समाजहे सहि सूचना डेना कर्मसे बिचलित नैहुइना समेत उहाँके आग्रह रहल बा ।

कार्यक्रममे नेपाल पत्रकार महासंघके केन्द्रिय अध्यक्ष विपुल पोख्रेल सञ्चार माध्यमसे भाषा संस्कृतीके संरक्षण हुइना बटैलै । लक्षित वर्ग ओ समूहसम पुग्ना फेन भाषागत विषयहे प्रभावकारी बनैना आवश्यक पर्ना उहाँके कहाइ बा । पत्रकार आचारसंहिता पालनासे किल पत्रकार ओ संचार माध्यमके विश्वस्नीयता कायम रहल उल्लेख करलै ।

प्रेस काउन्सील नेपालसे थारु भाषा सहित डोटेली ओ भोजपुरीमे समेत आचारसंहिता बनैले बा । डोटेली ओ भोजपुरी भाषामे तयार पारल पत्रकार आचारसंहिताहे हाली सार्वजनिक करजैना काउन्सील जनैले बा ।

इहीसे आघे काउन्सीलसे नेपाली, मैथली ओ नेपाल (नेवारी) भाषामे आचारसंहिता जारी करसेकल बाब । इहे बिच थारु भाषाके सञ्चार माध्यम चुनौतीपूर्ण अवस्थामे रहल डेखाइल बा ।

गोष्ठीमे थारु भाषा साहित्यके अध्येता डा. कृष्णराज सर्वहारी थारु भाषाके पत्रकारितामे युवाहुक्रनके आकर्षण बह्रटी गैल मने बर्षौ पहिलेसे सञ्चालनमे रहल पत्रिका बन्द हुइना क्रम फेन नैरुकल उल्लेख करलै ।

अब्बेसम थारु भाषाके समाचार मूलक २३ ठो पत्रिकाहरु प्रकाशित हुइलेसे फेन १७ ठो बन्द रहल, ४ अनियमित रहल, २ नियमति ओ एकठो अनलाईनमे रुपान्तरण हुइल उहाँ जानकारी डेलै ।

ओस्टके साहित्यमूलक ३ ठो पत्रिका रहल ओ एकठो बन्द रहल बा कलेसे २ ठो नियमित रहल बावै । २ सयसे ढिउर थारु पत्रकार रहलेसे फेन उहाँहुक्रनसे सञ्चालन कैटी आइल थारु भाषाके सञ्चारमाध्यम सामुहिकतामे जाइ नैसेकके चुनौति थपल सर्वाहारीके कहाइ बा ।

उहाँ थारु भाषाके कला, संस्कृती संरक्षण कैना विद्यालय तहसे थारुभाषाके पह्राइहे अनिवार्यता करे पर्ना आवश्यकता रहल औल्याइल रहिट । थारुभषाके पत्रिका ओ अनलाइन समाचार, साहित्य, बिचार प्रकाशित कैटी अइलेसे फेन थारुभाषाके मुद्धाहे ओझेलमे पर्ना करल टिप्पणी करलै ।

डा. सर्वाहारी कार्यपत्रमे थारु भाषाके सञ्चार माध्यमसे समाचार, साहित्यक, आलेख मार्फत भाषा, कला, संस्कार, संस्कृतीके प्रबद्र्धन करे पर्नामे जोड डेलै ।

कार्यक्रममे लक्की चौधरीसे तयार पारल थारु भाषाके पत्रकारिता ओ पत्रकार आचारसंहिताके कार्यपत्र प्रेस काउन्सिल नेपालके सदस्य शरद अधिकारी प्रस्तुत करल रहिट ।

उक्त कार्यपत्रमे थारु पत्रकार ओ मिडिया बिरुद्ध प्रेस काउन्सिलमे अब्बेसम कौनो उजुरी नैपरल, काउन्सिलके ओरसे फेन स्वअनुगमनसे कार्वाही नैहुइल, आचारसंहिता उल्लघंन हुइल बिषयमे उजुरी डेहे परठ् कना बिषयमे चेतना बह्राइ पर्ना उल्लेख रहल बा ।

डा. सर्वाहारीके कार्यपत्रउपर महेन्द्र बहुमुखी क्याम्पसके सहायक प्रमुख केवी चौधरी टिप्पणी कैटी कार्यपत्रसे थारु पत्रकारिताके इतिहाससे वर्तमानसमके उपलब्धीहे समेटे सेकल बटैलै । साथे आगामी कार्यदिशाहे स्पष्ट पर्ना थप परिमार्जन कैना आवश्यक रहल उल्लेख करलै ।

ओस्टके लक्की चौधरीके कार्यपत्रउपर नेपाल पत्रकार महासंघ बाँकेके पूर्व अध्यक्ष ठाकुरसिंह थारु पत्रकारिता आचारसंहिता सबके लाग समान हुइना बटैलै । पत्रकारहुक्रे अपनहे अनुशासित हुइ पर्नामे उहाँ जोड डेलै । पत्रकार आचारसंहिताके धज्जी उराइ लागलपाछे समाजमे फेन ओस्टहे मेरके सूचना ओ समाचार ढिउर बिक्ना करल टिप्पणी करल रहिट । पत्रकारिताके धर्महे भुलके आवेग ओ आक्रोशके पत्रकारितासे स्रोता पाठकके ध्यान टन्लेसे फेन अन्तत समाजमे गलत सन्देश डेहल बटैलै ।

कार्यक्रममे थारु भाषाके सञ्चार माध्यम चलैटी आइल पत्रकार राज्यके फेन प्रबद्र्धन कैना आवश्यक रहल बटाइल रहिट । कार्यक्रममे प्रेस चौतारी नेपालके केन्द्रिय उपाध्यक्ष सविन प्रियासन, सामुदायिक रेडियो प्रशारक संघ लुम्बिनी प्रदेशके पूर्व अध्यक्ष केपी घिमिरे, थारु पत्रकार संघके केन्द्रिय अध्यक्ष सन्तोष दहित, रेडियो गुरुबाबाके स्टेशन म्यानेजर पुष्पा चौधरी, राप्ती साहित्य परिषद्के केन्द्रिय अध्यक्ष टीकाराम उदासी लगायत पत्रकारिता आचारसंहिता पालनासे किल समाजहे सत्य सन्देश डेना बटाइल रहिट ।

प्रेस काउन्सील नेपालके सदस्य शरद अधिकारी स्वागत मन्तव्य राखल रहिट । कार्यक्रमके सहजिकरण काउन्सिलके प्रबक्ता दीपक खनाल करल रहिट । कार्यक्रममे दाङ सहित रुपन्देही, बाँके, बर्दिया, कैलाली, कञ्चनपुरके क्रियाशिल पत्रकारहुक्रनके सहभागिता रहल रहे ।

सात बुँदे घोषणा पत्र जारी

गोष्ठीसे सात बुँदे घोषणा पत्र जारी फेन करले बा । उ घोषणा पत्रमे काउन्सिलसे थारु भाषामे पत्रकार आचारसंहिता जारी करल प्रति आभार व्यक्त कैटी यकर प्रभावकारी कार्यान्वयनके लाग थारु पत्रकारहुक्रे प्रतिबद्ध बाटी कहल बा ।

मातृभाषा संरक्षण ओ विकासके लाग तोकल हकअधिकार ओ अवसरहे सदुपयोग कैटी थारु भाषाके सञ्चार माध्यमसे थारु भाषा, साहित्य, कला संस्कृतिके प्रवर्धनके लाग भूमिका खेल्ना, थारु भाषाके सञ्चार माध्यम दिगो बने नैसेकल अवस्थामे पुनः सुचारु कैना ओ आगामी दिनमे सञ्चार माध्यम सहज रुपमे निरन्तर चल्ना वातावरण बनैना सरकारसे आवश्यक पहल करे पर्र्ना माग कैटी थारु पत्रकार फेन सक्रिय होके लग्ना घोषणा पत्रमे उल्लेख करल बा ।

ओस्टके थारु भाषाके सञ्चार माध्यममे लोक कल्याणकारिणी विज्ञापन थारु भाषामे प्रकाशन ओ प्रसारणके लाग विज्ञापन बोर्डसे थारु भाषामे विज्ञापन नमुना उपलब्ध कराइ पर्ना ध्यानाकर्षण करैटी ओ थारु भाषामे प्रकाशन ओ प्रशारण कैना, थारुभाषके सञ्चार गृहके स्तरवृद्धि तथा निरन्तरताके प्रेस काउन्सिलसे वर्गीकरणमे विशेष प्राथामिकतामे ध्यान डेहे पर्ना ओ राज्यसे अनुदान, सहुलियत ऋण उपलब्ध करैना माग कैटी थारुनके भाषा, साहित्यके संरक्षण ओ प्रवद्र्धनके लाग थारु भाषामे लेख, रचना, कविता लिख्ना, थारु भाषाके पत्रपत्रिका तथा पुस्तक, उपन्यास प्रकाशन प्रशारण कैना लगायत रहल बा ।

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