थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं २४ माघ २०७९, मंगलवार ]
[ 07 Feb 2023, Tuesday ]

थारु समुदायमे माघ टिहुवारके रौनक

पहुरा | ३० पुष २०७९, शनिबार
थारु समुदायमे माघ टिहुवारके रौनक

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३० पुस ।
पुस महिनाके अन्तिम दिनसे पश्चिम नेपालके थारु वस्तीमे माघक् रौनक बह्रल बा । दाङसे कञ्चनपुरसमके थारु वस्तीमे बिशेष रौनक छाइल हो ।
ओइसिक टे आमनेपालीहुक्रे माघ १ गते माघे तथा मकर संक्रान्तिके रुपमे आ–अप्ने रिती संस्कृति अनुसार मनैलेसे फेन थारु समुदायमे लौव अध्याय अर्थात लावा सालके सुरुवात हुइना टिहुवारके रुपमे हर्षोल्लासके साथ मनैटी आगिल बा ।
कामके शिलशिलामे घरसे दुर–दुर रहल डाडुभैया टिहुवार मनाइक लाग गाउँघरमे जम्मा हुइल बाटै । चेलीबेटीहुक्रे लैहर घर पुगल बाटै । गाउँक् नेतृत्वकर्ता अर्थात बर्घर, भल्मन्सा, देशबन्धिया, गुरुवा, भर्रालगायत चयन माघ महिना मन्से चयन हुइना हुइलओरसे नेतृत्व चयनके बहस सुरु हुइटी रहल बा । यत्रहि किल नाई थारुवस्तीमे माघौटा नाच, सखिया नाच, झुमरा नाच, लाठी नाच, ढमारलगायत लोक गीत संगे डफ ओ मन्ड्राके आवाज फेन गाउँघर गुन्जे लागल बा ।

तीन दिनसम मनैना टिहुवारके सुरुवात पुसके अन्तिम दिन अर्थात आज (शनिच्चर) के रोजसे सुरु हुइल बा । माघ १ गते लग्गेक् लडिया, टलुवा, पोखरीमे लहैना ओ आ–आपन नातपातहुकनहे भेटघाट कर्र्ना, आपन उमेरसे बरवार मनैनसे अर्शिवाद लेना ओ छोट मनैन्हे अर्शिवाद डेना प्रचलन रहल बा । यी दिन फेन आपन घरमे रहल ढिकरी लगायतके पाकवान खैना ओ खवाइना चलन रहल फेन थारु बुढापाकाहुकनके कहाई बा ।

मकर संक्रान्तिके दिन लहैलेसे बरसभरिक करल पाप वा नैमजा काम, कुकर्म, वैमनष्यता धो जिना ओ पूण्य प्राप्त हुइना धार्मिक जनविश्वास रहल बा । यी दिन पशुपक्षी बध नैकरेक पर्ना धार्मिक मान्यता बा । यी दिनहे थारु समुदायमे लौ बरसके रुपमे मानजाइठ ।

माघ टिहुवारके टेसर दिन (माघ २ गते) हे खिच्रहवा कहिजाइठ । यी दिनसे माघी देवानी तथा खोजनी बोजनी सुरु हुइना थारु बुद्धिजीवीहुक्रे बटैठै । थारु नागरिक समाज कैलाली संयोजक दिलबहादुर चौधरीके अनुसार माघ टिहुवार पुस ओराइल दिनसे सुरु हुइना हुइलओरसे माघ २ गतेहे टिहुवारके टेसर दिन मानेक पर्ना बटैठै । जौन दिनसे थारु गाउँ–गाउँमे लावा नेतृत्वकर्ता एंव भल्मन्सा, बरघर, देशबन्धिया, अघरिया, भर्रालगायत चयन कर्ना या अनुमोदन करजाइठ । असिक नेतृत्व छान्न कामहे ‘माघी देवानी’ कहिजाइठ । असिन प्रचलन दाङसे पश्चिउ कञ्चनपुरसम रहल बा ।

एकठो परिवारके सक्कु सदस्यहुक्रे एकजुट होके अइना दिन पारिवारिक गतिविधि कसिक आघे बह्रैनावारे फेन छलफल करजाइठ । इहीहे ‘खोजनीबोजनी’ फेन कहिजाइठ । ‘खोजनीबोजनीमे आघेक बरस परिवारमे करल गतिविधि, आर्थिक हरहिसाबबारे फेन छलफल करजाइठ’, संयोजक चौधरी कहलै–‘छलफलसे अगामी दिनके लाग परिवारके योजना तर्जुमा फेन करजाइठ ।’

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