गौरासे मौलिक संस्कृति ओ परम्पराके संरक्षणः प्रदेश प्रमुख मियाँ

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १५ भदौ । सुदूरपश्चिम प्रदेशके प्रदेश प्रमुख नजिर मियाँ गौरा पर्वसे नेपालके मौलिक संस्कृति, परम्पराके संरक्षण, संवद्र्धन ओ विकासमे टेवा पुगैटी रहल बटैले बटै ।
गौरा पर्वके अवसरमे शुभकामना सन्देश डेटी उहाँ गौरासे आपसी प्रेम ओ सद्भावहे प्रगाढ बनैना महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कैना समेत बटैले बटै ।
पर्वसे सामाजिक सद्भावसहित सक्कु नेपालीबीच भावनात्मक एकता ओ आपसी भाईचारा अभिवृद्धि करटी नयाँ उमंग ओ हौसलाके साथ मुलुकके प्रगतिमे अग्रसर हुइना प्रेरणा प्रदान करे कना अपेक्षा प्रदेश प्रमुख मियाँ व्यक्त करले बटै । घरपरिवारसे दुर रहल आफन्तहुक्रे समेत यी पर्वमे अपन घर लौटना हुइल ओरसे पारिवारिक मिलनमेफे यी पर्वके विशेष महत्व रहल प्रदेश प्रमुखके कहाई बा ।
उहाँ स्वदेश तथा विदेशमे रहल सक्कु नेपाली डिडीबहिनी तथा डाडुभैयाहुकनमे सुख, शान्ति, समृद्धि, उत्तरोत्तर प्रगति, सुस्वास्थ्य एवम् दीर्घायुके मंगलमय शुभकामना व्यक्त करले बटै ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशमे मनैना गौरापर्वके मुख्य दिन अँटवार दुर्वाष्टमी अर्थात् अठ्यावाली मनागैल बा । शनिच्चर साँझ गौराघरमे भित्रयाइल गौराहे अँटवार बर्तालु महिलासे गौरा मन्दिरके गौराखला (आँगन)मे लैजाके पूजा कैना चलन रहटी आइल बा । यिहेबीच, गौरापर्वके अवसरमे सुदूरपश्चिम प्रदेशमे अँटवार ओ सोम्मार सार्वजनिक बिदा डेहल बा ।
