१३औं थारु होमस्टे गाउँ भादा महोत्सव सुरु
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १७ पुस । कैलाली जिल्लाके धनगढी उपमहानगरपालिका वडा नम्बर १६ स्थित भादा गाउँमे १३औँ थारू होमस्टे महोत्सव २०८२ विफेक रोजसे सुरु हुइल ।
थारू होमस्टे गाउँ भादा पर्यटन विकास तथा व्यवस्थापन समितिके आयोजनामे ’संरक्षण सम्वद्र्धन के लाग सक्कुजन करी काम, संस्कृति भेष भूषा राखी हमार पहिचान’ कना मूल नाराके साथ यी वर्षके महोत्सव पुस १७ गते विफेसे सुरु हुके २१ गतेसम (सन् २०२६ जनवरी १ से ५ सम) सञ्चालन हुइना बा ।

थारू होमस्टे गाउँ भादा पर्यटन विकास तथा व्यवस्थापन समितिके अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौधरीके अध्यक्षतामे हुइल महोत्सव उदघाटन सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके सामाजिक विकास मन्त्री मेघराज खडका करल रहिट । उदघाटन कार्यक्रममे सम्बोधन करटी उहाँ थारू होमस्टे गाउँ भादा पर्यटन विकासससँगे थारु समुदायके पहिचानहे जोगैनाके साथे प्रवद्र्धन करटी आइल बटैलै ।
उदघाटन कार्यक्रममे प्रदेश सभाके उपसभामुख कोइलीदेवी चौधरी, प्रदेश सदस्य डम्बरी महरा, सुदूरपश्चिम प्रदेशके प्रज्ञा प्रतिष्ठानके उपकुलपति डा. टिएन, धनगढी उपमहानगरपालिकाके नगर उपप्रमुख कन्दकला राना, प्रदेश नीति तथा योजना आयोगके सदस्य नृपबहादुर सुनार, वडा नम्बर १६ के वडा अध्यक्ष रामलाल चौधरी, वडा नम्बर ७ के वडा अध्यक्ष मोती रानाथारुलगायतसे मन्तव्य राखल रहिट ।
धनगढी–१६ स्थित श्री दीपेन्द्र चारपाते माध्यमिक विद्यालयके खेलमैदानमे हुइटी रहल महोत्सवहे व्यवस्थित रुपमे सभ्य ओ भव्य रूपमे सम्पन्न करेक लाग १ मूल आयोजक समिति, १ सल्लाहकार समिति ओ ९ ठो टमान उपसमिति गठन करल बा ।
महोत्सवके मुख्य उद्देश्य विशेष करके थारू समुदायके परम्परा, संस्कृति, खानपान, भेषभूषा ओ सीपकलाके संरक्षण तथा जगेर्ना कैना रहल समितिके अध्यक्ष जनैलै ।

साथे स्थानीय स्तरमे स्वरोजगारके अवसर सिर्जना कैना ओ थारू जातिके पहिचानहे पर्यटन व्यवसायमार्फत राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमे पुगैना लक्ष्य राखल बा ।
यी बरसके महोत्सवके प्रमुख आकर्षणमे महोत्सवमे अवलोकनकर्ताहुकनके लाग विविध सांस्कृतिक ओ मनोरञ्जनात्मक कार्यक्रम समावेश करल बा । सांस्कृतिक प्रस्तुतीमे प्रत्येक दिन स्थानीय तथा राष्ट्रिय कलाकारसे थारू नाँचगानके साथे डगौरा थारू, राना थारू, कठरिया थारू लगायत अन्य समुदायके सांस्कृतिक प्रस्तुति रना बा ।

खानपान ओ सीपमे दैनिक रूपमे थारू खानपानके परिकार ढिक्री, घोङ्गी, बरिया, फुलौरा, खेर्या, बंगुर ओ मुसके शिकार, गेंगटाके पकौरी, मच्छीक सिद्रा उपलब्ध हुइनाके साथे थारू सीपकला, भेषभूषा ओ प्रत्यक्ष हस्तकलाके प्रदर्शनी हुइटी बा ।
अवलोकन भ्रमणमे थारू देउथान, लहरूमे गाउँ ओ थारू संग्रहालयके अवलोकन भ्रमणके व्यवस्था मिलाइल बा । खेलकुद ओ मनोरञ्जनमे खुल्ला भलिबल प्रतियोगिता, रमाइलो मेला (काठे पिङ, शयर), फोटो प्रदर्शनी ओ कृषि प्रदर्शनी महोत्सवके थप आकर्षण हुइट ।
एक लाख दर्शकके अपेक्षा
थारू सामुदायिक होमस्टे गाउँ भादाके प्रचार–प्रसार कैना ओ टमान जातजाति तथा देश–विदेशके नागरिकबीच सामाजिक सद्भाव कायम कैना लक्ष्य लेहल यी महोत्सवमे करिब १ लाख जाने अवलोकनकर्ता सहभागी हुइना आयोजकके अपेक्षा बा ।
भादा गाउँके २० घरमे हाल होमस्टे सञ्चालनमे रहल बा । जेम्ने पाहुनाहुकनहे मौलिक थारू आतिथ्यता प्रदान कैजाइठ ।
कैलालीके भादा नेपालके उदाहरणीय थारु गाउँके रुपमे परिचित बा ।
भादासे अपन परम्परा, संस्कृति, भाषा ओ सभ्यताहे नम्मा समयसे जोगैटी रहल बा । लोप हुइटी गैल सखिया, छोक्रा, हुदङ्वा, झुम्रा, मघौटा, लठ्ठी, मुङग्रहुवा थारु नाँच हेरे सेक्जाइठ । थारु पहिरनमे सजके डेखैना यी नाँचके आकर्षण ओ महत्व अलग बा । थारु नाँच डेखैना सांस्कृतिक टोली बटै । पुराना पुस्तासे नयाँ पुस्तासे नाँच सिखे लागल बटै । २०६७ से होमस्टे सुरु हुइल भादामे माटीसे बनल घर बटै । यहाँ बास बैठे अइना पहुना पुरान रितिरिवाज, चलन, भेषभूषा ओ सरसामान डेखे पैठै ।


