‘चैतन्य दुसरा विद्यार्थी महोत्सव २०८२’ हुइना
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २० पुस । धनगढीमे ‘चैतन्य द्ुसरा विद्यार्थी महोत्सव २०८२’ हुइना बा ।
विज्ञान–प्रविधि, खेलकुद, कला–संस्कृति, सिर्जनशीलता ओ मनोरञ्जनके संगमके रूपमे आयोजना हुई लागल चैतन्य दुसरा विद्यार्थी महोत्सव २०८२ यिहे पुस २२ गतेसे २९ गतेसम आयोजना हुइना बा ।
पाठशाला अँटवार पत्रकार सम्मेलन मार्फत महोत्सवबारे जानकारी डेहल बा । पाठशालाके अध्यक्ष गणेशप्रसाद जोशीसे ‘ज्ञानके जागरण, संस्कृतिके सम्मान, नवप्रवर्तनके प्रवाह’ कना मूल भावके साथ महोत्सव आयोजना हुइ लागल बटैलै ।
महोत्सवसे विद्यार्थीनके शैक्षिक, बौद्धिक, वैज्ञानिक, सिर्जनशील तथा सांस्कृतिक प्रतिभाहे उजागर कैना लक्ष्य लेहल बा । कक्षा कोठामे सीमित शिक्षासे बाहेर व्यावहारिक, जीवनोपयोगी ओ मूल्यपरक सिकाइके अनुभव प्रदान कैना आयोजकके विश्वास रहल बा ।
महोत्सवके मुख्य उद्देश्यमे विद्यार्थीनके अन्तरनिहित प्रतिभाके पहिचान, विकास ओ प्रोत्साहन, बौद्धिक, सृजनात्मक, सांस्कृतिक तथा व्यवहारिक सीप विकास, आत्म विश्वास, नेतृत्व क्षमता ओ सार्वजनिक अभिव्यक्ति सुद्धृढीकरण रहल बा ।
ओस्टेक करके संस्कार, मूल्य ओ नैतिक शिक्षाहे व्यहारसँग जोरटी जीवनोपयोगी शिक्षा प्रवद्र्धन, भाषा साहित्य, संस्कृति तथा स्थानीय पहिचानके संरक्षण ओ प्रवद्र्धन, उद्यमशीलता, नवप्रर्वतन ओ समस्या समाधानके क्षमता विकास लगायत रहल बा ।
महोत्सवसे विद्यार्थीहुकनके आत्मविश्वास, आत्म अनुशासन ओ नेतृत्व क्षमताके विकास, सैद्धान्तिक ज्ञानहे व्यवहारसँग जोरना अवसर प्राप्त, सिर्जनशिल सोच, अनुसन्धान प्रवित्ति ओ नवप्रवर्तनशील क्षमताके विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व, सहकार्य ओ सेवाभावके सबलीकरण, सांस्कृतिक पहिचानप्रति गर्व ओ संरक्षणके चेतना अभिवृद्धि हुइना जनाइल बा ।
यकर साथे सार्वजनिक प्रस्तुती, संवाद ओ आलोचनाम्क सोचमे दक्षता, अभिभावक शिक्षक विद्यार्थी बिच सकारत्मक सम्बन्धके सुद्धृढीकरण, विद्यालय ओ समुदाय बिच दीर्घकालिन सहकार्यके आधार निर्माण ओ विद्यार्थीके समग्र व्यक्तित्व विकासमे योगदान पुग्न जनाइल बा ।
महोत्सवके आकार्षणमे विद्यार्थी प्रतिभा ओ प्रस्तुतीमे प्लेन उडान परीक्षण, ड्रोन उडान, विज्ञान अन्वेषण ओ प्रविधि प्रस्तुती, अन्तर विद्यालय प्रतियोगिता, योग तथा ध्यान कार्यक्रम, रमाइलो तथा शैक्षिक खेल, सामुदायिक सेवा तथा रक्तदान कार्यक्रम, स्थानीय परिकार प्रर्दशनी, स्टिम प्रदर्शनी, नाटक मञ्चन ओ प्राज्ञिक बहस, मौलिक तथा सांस्कृतिक प्रस्तुती रना जनाइल बा ।
पत्रकार सम्मेलनके कार्यक्रम निर्देशक कटकबहादुर सिंह, ओ धन्यावाद प्रधानाध्यापक प्रेमनिधि ओझा रहल रहिट ।


