इएससीआर छायाँ प्रतिवेदन तयारीबारे छलफल
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २१ पुस । संयूक्त राष्ट्र संघमे बुझैना आर्थिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक अधिकार आवधिक (इएससीआर छायाँ) प्रतिवेदनबारे सोम्मारके रोज धनगढीमे छलफल हुइल बा ।
अनौपचारिक सेवा केन्द्र (इन्सेक) सुदूरपश्चिम प्रदेशके आयोजनामे संयूक्त राष्ट्र संघमे बुझैना आर्थिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक अधिकार आवधिक (इएससीआर छायाँ) प्रतिवेदनबारे छलफल हुइल हो ।
इन्सेक प्रदेश संयोजक खडकराज जोशीके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रममे सम्झा श्रेष्ठ आर्थिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक अधिकार आवधिक (इएससीआर छायाँ) प्रतिवेदनबारे जानकारी डेहल रहिट । उ प्रतिवेदन सुरुमे १६ डिसेम्बर १९६६ मे संयुक्त राष्ट्र संघसे पारित करल रहे । ३ जनवरी १९७६ से लागु हुइल ओम्ने ५ खण्ड ओ ३१ धारामे विभाजित रहे । १४ मे १९९१ सनमे नेपालसे अनुमोदित करल, एक ठो ऐच्छिक प्रलेख (२००८), लागु हुइल ५ मे २०१३ सालमे हुइल रहे । नेपालसे १२ जुलाई २०११ सनमे हालसमके अन्तिम फेराक लाग प्रतिवेदन पठाइल रहे ।
यी अभिसन्धीमे समेटल अधिकारमे धारा १ से ५ मे आर्थिक, सामाजिक ओ सांस्कृतिक अधिकार कार्यान्वयन कैना राज्य पक्षके सामान्य कानूनी दायित्व प्रदान करठ । ओ यी अधिकारके उपभोगमे पुरुष ओ महिलाके समानताके सुनिश्चितता करल बा ।
धारा ६ से १५ मे आर्थिक, सामाजिक ओ सांस्कृतिक अधिकारके विशिष्ट सारभूत क्षेत्रगत अधिकार उल्लेख करल बा । धारा १६ से २५ मे राज्य रिपोटिङ प्रक्रियाके साथे देश समीक्षाके क्रममे इएससीआर समितिके भूमिका उल्लेख करल बा । धारा २६ से ३० मे महासन्धीके हस्ताक्षर, अनुमोदन ओ लागु हुइना प्रक्रियाके रुपरेखा प्रस्तुत करठ ।
धारा ९ मे सामाजिक सुरक्षाके अधिकार, सामाजिक वीमासहित, धारा १० मे परिवारके संरक्षण ओ सहयोग, धारा ११ मे जीवनयापनके पर्याप्त मापदण्डके अधिकार, धारा १२ मे उच्चतम मापदण्डके शारिरीक तथा मानसिक स्वास्थ्यके अधिकार सुनिश्चितता करल बा ।
ओस्टेक करके धारा १३ ओ १४ मे शिक्षाके अधिकार ओ अनिवार्य शिक्षाके अधिकार, धारा १५ मे सांस्कृतिक जीवन, वैज्ञानिक अनुसन्धान ओ रचनात्मक गतिविधिके अधिकार सुनिश्चितता करल बा ।
कार्यक्रममे अनुुुन्धानकर्ता तथा नीति विश्लेषक अधिवक्ता डा. विद्या चापागाई आर्थिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक अधिकार सम्बन्धी महासन्धी सरकारके प्रतिवेदन ओ नागरिक समाजके मुद्दाबारे प्रस्तुतीकरण करल रहिट । आर्थिक, सामाजिक, तथा सांस्कृतिक अधिकार सम्बन्धी अन्तर्राष्ट्रिय महासन्धीके धारा १ मे आत्मनिर्णयके अधिकार, धारा २ मे अधिकारके समान संरक्षण, धारा ३ मे महिला ओ पुरुषविच सामनता सुनिश्चिता करल बा ।
ओस्टेक धारा ४ मे सार्वजनिक संकटकालमे आर्थिक, सामाजिक ओ सांस्कृतिक अधिकारमे सीमितता, धारा ६ मे रोजगार ओ श्रम अधिकार, धारा ७ मे न्यायपूर्ण ओ अनुकुल कार्य सर्तके अधिकार सुनिश्तित करल बा ।
धारा ८ मे टे«ेड यूनियन गठन तथा सामुहिक वार्गेनिङ अधिकार, धारा ९ मे सामाजिक सुरक्षाके अधिकार, धारा १० मे परिवार, डाई ओ बालबालिकाके संरक्षण तथा सहयोग, धारा १३ मे शिक्षाके अधिकार, धारा १४ मे अनिवार्य शिक्षाके व्यवस्था ओ धारा १५ मे सांस्कृतिक जीवन, वैज्ञानिक अनुसन्धान ओ सृजनशीलताके अधिकार सुनिश्चितता करल डा. चापागाई जनैली ।
सन २०१४ मे जारी करल सिफारिसमे आदिवासी जनजातीके अधिकार, शरणार्थीके अधिकार, जातीय विभेद, लैङिगकता समानता, परम्परागत हानिकारक प्रथा, अनौपचारिक अर्थव्यवस्थामे कामके वातावरण, न्युनतम ज्याला, पूर्व बधुवा मजदुर, वैदेशिक महिला अधिकार जबरजस्ती निकाला ओ वासस्थानके अधिकार, घरेलु हिंसा, बालबालिकाके आर्थिक शोषण, बालबालिका तथा मानव बेचविखन, गरिबी, खाद्य अधिकार, जेष्ठ नागरिक, प्राथमिक शिक्षा ओ बालिकाके पढाई छोरना दर, मातृमृत्यु दर ओ यौन प्रजनन स्वास्थ्य, सांस्कृतिक अधिकार ओ अन्य सिफारिस करल रहे ।
कार्यक्रममे गैसस महासंघ प्रदेश अध्यक्ष देवी खनाल मुक्तकमैया, कमलरी, हलिया मुक्ती घोषणा हुकेफे प्ुनस्र्थापना हुईनैसेलक, लालपुर्जा पाकेफे जग्गाके भोगचलन करेनैपाइल बटैलै ।
अधिवक्ता पुष्प विक्रम शाही घरेलु हिंसा न्युनिकरण नैहुइल बाल सुधार गृहमे क्षमतासे ढेर धारेपर्ना, वालिका सुधार गृह नैरहल बटैलै । आरडिएनके केन्द्रीय सदस्य प्रेम विक सामानुपातिक सहभागिता कहल मने सुरुमे खस आर्यके धारे दलित, आदिवासी जनजाती पिछडा वर्गके सहभागिता हुइनैेकल बटैलै ।
ओरेक नेपालके विष्णु रेग्मी यौन हिंसामे परल महिलाहे न्याय नैपाइल बटैली । मानव अधिकारका लागि महिला एकल महिला समुहके शान्ति महत एकल महिलासे सम्पतिके हकसे बञ्चित हुइल, सामाजिक तथा सुभकार्यमे उपस्थिति हुई नैपाइल बटैली । अम्बिका ताम्राकार सामुदायिक विद्यालयमे मावि तहसम निशुुल्क शिक्षा कहल मने लागु नैहुइल बटैली । गरिबीके कारण नेपालीहुक्रे भारतमे रोजगारी करेपर्ना बाध्यता रहल बटैली ।
राष्ट्रिय अपाङ महासंघ प्रदेश सचिव नरदिप धामी भौतिक संरक्षण अपाङता मैत्री नैहुके अपाङता रहल व्यक्तिहुकनहे सेवा लेना समस्या हुइल बटैलै । निरङ चौधरी यौनिक तथा लैङिगक अल्पसंख्यक समुदायसे पहिचानके आधारमे नागरिक नैपाइल बटैलै ।
गैसस महासंघ जिल्ला अध्यक्ष चेतमान साउद योजना बनाईबेर अनउत्पादक क्षेत्रमे लगानी करल, मुक्तकमैया, कमलरी, हलिया पु्नस्र्थापनामे खासे ध्यान नैगिल बटैलै ।
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके प्रदेश प्रमुख झंकरबहादुर रावल मानव अधिकार सुनिश्चितताके लाग आवाज उठैटी रना जरुरी रहल बटैलै । कार्यक्रमके सञ्चालन इन्सेकके प्रलेख अधिकृत कृष्ण विक करले रहैं ।


