रेशम चौधरीके उम्मेदवारी खारेज
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ८ माघ । निर्वाचन आयोगसे कैलाली क्षेत्र नं. १ से रेशम चौधरीके उम्मेदवारी खारेज करले बा ।
आगामी फागुन २१ गते हुइना प्रतिनिधिसभा सदस्यके निर्वाचनके लाग मनोनयन पत्र दर्ता करल उम्मेदवारउप्पर परल उजुरी जाँचबुझ करेबेर कैलाली क्षेत्र नम्बर १ से मनोनयन पत्र दर्ता करल रेशम चौधरीके उम्मेदवारी खारेज हुइल निर्वाचन आयोग जनैले बा ।
विफेक रोज साँझ ५ बजेसम उजुरीउप्पर जाँचबुझ करल हो । माघ ९ गते शुकके सकारे १० बजेसे दुपहर १ बजेसम उम्मेदवारसे नाम फिर्ता लेना समय तोकल बा ।
देशभरके ७७ मुख्य निर्वाचन अधिकृत ओ ८ निर्वाचन अधिकृतके कार्यालयसे आयोगमे प्राप्त जानकारीअनुसार पुरुष ३०८, महिला ३९६ ओ टिसरा लिङ्गी एक करके तीन हजार ४८६ के उम्मेदवारी कायम हुइल आयोग जनैले बा । यीमध्ये चार जिल्लाके पाँच उम्मेदवारउप्पर उजुरी परल रहे ।
रेशम चौधरीके उम्मेदवारी खारेजीके यी हुइट तीन कानुनी आधार
आगामी फागुन २१ गते हुइना प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचनके लाग नागरिक उन्मुक्ति पार्टी नेपालके ओरसे कैलाली निर्वाचन क्षेत्र नं. १ मे उम्मेदवारी दर्ता कराइल रेशमलाल चौधरीके मनोनयन बिफे खारेज हुइल बा ।
निर्वाचन अधिकृतके कार्यालय कैलाली–१ के अनुसार, प्रचलित निर्वाचन कानुन ओ निर्देशिकासे तोकल मापदण्ड पूरा नैहुइल कहटी चौधरीके उम्मेदवारी खारेज करल हो । निर्वाचन अधिकृत देवराज भारतीसे चौधरी उम्मेदवार बन्न कानुनी रूपमे अयोग्य ठहरल ओरसे उहाँक मनोनयन कायम रख्न नैसेकल प्रस्ट पारल बटै । निर्वाचन अधिकृतके कार्यालयसे चौधरीके उम्मेदवारी रद्द कैना पाछे मुख्यतया तीन ठो कानुनी आधार प्रस्तुत करले बा ।
फौजदारी कसुर ओ अदालती फैसला
रेशम चौधरी वि.सं. २०७२ मे हुइल टीकापुर घटनामे मुख्य दोषी ठहर हुके अदालतसे जन्मकैदके सजाय पाइल व्यक्ति हुइट । मने उहाँक राष्ट्रपतिसे आम माफी पाइल रहिट, मने अदालतके फैसला बदर नैहुइल ओ दोषी ठहर हुइल अवस्था कायमे रहल ओरसे उहाँ उम्मेदवार बन्न अयोग्य हु्इल हुइट ।
फौजदारी अपराध संहिताके व्यवस्था
मुलुकी फौजदारी अपराध संहिता, २०७४ के दफा १५९ के उपदफा (१०) से गम्भीर प्रकृतिके फौजदारी कसुरमे
दोषी ठहर हुके सजाय पाइल व्यक्तिहे प्रतिनिधि सभा सदस्यके उम्मेदवार बन्न रोक लगाइल बा । उहे कानुनी व्यवस्थाके कारण उहाँक उम्मेदवारी खारेज करल हो ।
निर्वाचन आयोगके पूर्व–निर्णय
यी आघे वि.सं. २०८० फागुन २४ गते निर्वाचन आयोगसे चौधरीहे राजनीतिक दलके सदस्य बन्न समेत अयोग्य रहल निर्णय करल रहे ।
आयोगके उ निर्णयहे समेत आधार मन्टी निर्वाचन अधिकृतके कार्यालयसे उहाँक उम्मेदवारी खारेज करल हो ।


