थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १३ माघ २०८२, मंगलवार ]
[ 27 Jan 2026, Tuesday ]

मोर इमान्दारी चुनाव जिट्ना आधार हो : राना

पहुरा | १३ माघ २०८२, मंगलवार
मोर इमान्दारी चुनाव जिट्ना आधार हो : राना

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १३ माघ ।
कैलाली निर्वाचन क्षेत्र नम्बर ५ से स्वतन्त्र उम्मेदवार बनल प्यारे लाल राना आपन इमान्दारी चुनाव जिट्ना आधार रहल बटैले बटै ।

मंगरके रोज धनगढीमे पत्रकार सम्मेलन कैटी उहाँ पाइल जिम्मेवारी तथा काम इमान्दारीसे करल ओरसे अइना निर्वावनके जिट्ना आधार रहल बटाइल हुइट । राना अपने पुरान राजनीतिज्ञ रहल दाबी कैटी चुनावमे आपन क्षेत्रके मतदाता जिटैनामे विश्वस्त रहल बटैलै । उहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि लगायतके क्षेत्रमे दुरगामी प्रभाव पर्ना नीति लन्ना तथा योजना ओ कार्यक्रम लानक लाग सरकारहे खबरदारी करक लाग फेन अपने जिट्ही पर्ना बटैले बटै ।

उम्मदेवार राना अपने चुनाव लर्ना मनसायसे नै उम्मेदवारी डेहल ओरसे काँग्रेसके उम्मेदवार नरनारायण शाह उम्मेदवारी फिर्ता लेना आग्रह करलमे समेत फिर्ता नैलेहल बटैलै । ’मै चुनाव लर्ना कहिके उम्मेदवारी डेहल हुइटु । मनु जी उम्मेदवारी फिर्ता लेना कहटी मनै फेन पठैले रहिट, मै नैमन्नु,’ उहाँ कहलै, ’चुनावमे मोर जित हुइ । लरक लाग डेहल उम्मेदवारी फिर्ता लेना बाटे नैहुइल ।’

अपने २१ बरसके उमेरमे प्रधानपञ्चके चुनाव लरल स्मरण कैटी राना अपने सय बरससम काम करे सेक्ना दाबी करलै । उहाँ संविधान संशोधन कैके आघे बह्रे पर्ना फेन बटैले बटै । उहाँ संविधानके रक्षाके लाग फेन आपन उम्मेदवारी रहल बटैलै ।

उहाँ संविधानमे कुठाराघात हुइल ओरसे संविधानके रक्षाके लाग आवाज उठैना फेन बटैलै । ’नेपालके संविधान बचाइ परठ् कना महिन लागल बा, भदौ २३ ओ २४ गतेके आन्दोलनसे संविधान झण्डै बर्खास्त हुइल रहे,’ उहाँ कहलै, ’संविधान बचैना जरुरी बा, जुनसुके त्याग कैके हुइलेसे फेन संविधान बचैना मोर प्रयास रही ।

नेपालके न्यायालयसे स्वतन्त्र ढङ्गसे काम नैकरल जिकिर कैटी राना न्यायालयहे स्वतन्त्र राखे पर्ना फेन बटैले बटै । उहाँ विधिके शासन, स्वतन्त्र न्यायपालिका ओ प्रेस स्वतन्त्रके पक्षमे सदनमे आवाज उठैना बटैलै । ’पार्टीके शासनमे विधिके शासन नैरहल, मूल्य मान्यताअनुसार कानुन नैबनल, पार्टी आपन फाइदाके लाग किल नीति ओ कानुन बनैना काम करलै,’ उहाँ कहलै, ’जनताके लाग कानुन नैबनागिल । जनताके लागसे फेन पार्टीके लाग अध्यादेश या कानुन लाने लागल बेला मै आवाज उठैबु ।’

राना समानुपातिक सिट प्रतिनिधि सभामे नैराखे पर्ना फेन बटाइल रहिट । प्रचण्ड काँग्रेसके सुशील कोइराला, शेरबहादुर ओ एमालेके केपीहे घुमाके इ अवस्थामे लानल दाबी राना करले बटै । ’संविधान अइसीन हुइनामे नेता दोषी बटै । संविधान अब्बे घाँडो हुइल बा । यम्ने समय सान्दर्भिक संशोधन करे पर्ना बा,’ राना कहलै ।

नेपाली काँग्रेससे २०६४ मे संविधान सभा सदस्य बनल राना गैल बैशाखमे पार्टीसे राजीनामा डेहल रहिट ।

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