थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ थारु सम्बत ०६ फागुन २६४९, बुध ]
[ वि.सं ६ फाल्गुन २०८२, बुधबार ]
[ 18 Feb 2026, Wednesday ]

धनगढीमे रास्वपाके परिवर्तन उद्घोष सभा

पहुरा | ६ फाल्गुन २०८२, बुधबार
धनगढीमे रास्वपाके परिवर्तन उद्घोष सभा

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ६ फागुन ।
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीके सभापति रवि लामिछाने बेथितिके सटर अक्केसंग बन्द कैना मेरके अपनेहुक्रे राजनीतिमे आइल बटैले बटै ।

सुदूरपश्चिमके धनगढीमे आयोजित पार्टीके परिवर्तन उद्घोष सभाहे सम्बोधन कैटी उहाँ ओइसीन बटाइल हुइट । ‘मत पत्रमे छाप लगैना फागुन २१ गते हो । अब्बे मनपत्रमे छाप लगैना हो । सुदूरपश्चिमके अधिकारहे माग बनाके अल्झाके रख्ना काम बन्द हुइ परल । सटर टे एकठो बन्द हुइ परल । बेथिति बेरोजगारीके सटर बन्द कैना हो सक्कु सटर बन्द कैना हो अक्केसँग’ उहाँ कहलै ।

उहाँ अब्बे पाँच बरसके स्थायी सरकार माग कैके जनतामाझ रास्वपा गैल कहटी आपन उम्मेदवारहे भोट डेना फेन आह्वान करलै । उहाँ राजनीतिक दलसे चुनावमे करल बाचा पूरा नैकरेबर जनता दुःख पैना अवस्था अन्त्य करक लाग फेन रास्वपा आघे बह्रल बटैलै ।

‘बाचा जे करल सजाय पैना उहे हो । जनता नैहुइट । भारतमे काम करुइया सुदूरपश्चिमके सक्कु जनहनहे यहैैंसे सम्झना । महिन पटा बा परदेशके भूमि सजिल नैहो मने छुट्टि मिलाके हुइलेसे फेन आइ परल देश बड्ले परल । इ बेर जनता जिटेपरल एकदम नेता किल जिट्ल बटै,’ उहाँ कहलै, ‘देशके राजनीतिक आकांक्षाहे केन्द्रमे राखके हम्रे आइल बटी ।’

उहे सभाहे सम्बोधन कैटी रास्वपाके वरिष्ठ नेता बालेन शाह अपनेहुक्रे भोटसे फेन काम मागे सुदूरपश्चिम आइल बटैले बटै । वरिष्ठ नेता शाह सुदूरपश्चिमहे सु–लग्गेक प्रदेश बनाइ पर्ना फेन बटैले बटै ।

‘सुदूरपश्चिमहे सु–लग्गेक प्रदेश बनाइ परल । रास्वपा यहाँ भोट मागे आइल नैहो । काम मागे आइल हो, काम डेहे परल’, शाह कहलै ।

आपनहे भोट नैडेलेसे फेन सुदूरपश्चिम बनैना उहाँ बटैलै । अपनेहुक्रे भोट नैडेलेसे फेन रास्वपा सुदूरपश्चिम बनाइ । हमार उम्मेदवारहे हमार कामके लिस्ट डेहे परल । भोट नैडेलेसे फेन हुइठ्, काम डेहे परल’, उहाँ कहलै ।

कार्यक्रमहे सम्बोधन कैटी वरिष्ठ नेता शाह दुई बरसमे बन्ना डगरा डेढ बरसमे बनैना आपन एजेन्डा रहल बटैलै । ‘दुई बरसमे बने पर्ना डगरा २० बरसमस नैबनठ् । डेढ बरसमे बने परल । उ हमार एजेण्डा,’ उहाँ कहलै, ‘रुख्वामे बाँधके हुइठ् कि, डगरामे सुटाके हुइठ् कि, खोरमे जाँकके हुइठ् कि, डगरा बने परल ।’

सुदूरपश्चिममे डगरा बनाइक लाग ‘इ भेगमे मोर भोट नैहो काहे बनाइ परल ?’ कना प्रवृत्ति रहल उहाँ बटैलै । उहाँ कहलै, ‘राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी सरकारमे गैलेसे कांग्रेसके नेंगना डगरा फेन बनाइ, एमालेके नेंगना डगरा फेन बनाइ, माओवादीके नेंगना डगरा फेन बनाइ । सक्कु नेपाली जनताहुक्रनके नेंगना डगरा बनाइ ।’

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