विश्वकप जित्न सपनाके साथ च्याम्पियन्स–३६ अभियान
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ११ फागुन । अबके १० वर्षपाछे क्रिकेट खेलमे विश्वकप च्याम्पियन बन्न सपनाके साथ कैलालीमे ‘च्याम्पियन्स–३६, ग्रासरुट टु ग्लोरी’ अभियानके थालनी हुइल बा ।
सन् २०३६ मे टी–२० विश्वकप क्रिकेट उपाधि उचल्ना खेलाडीहुक्रे तयार कैना उद्देश्यसहित गो ड्रिमर्ससे उ अभियानके सुरुवात करल हो । क्रिकेटके सहर धनगढीसे अभियान सुरु हुइल बा । सुरुवाती चरणमे उ अभियान अन्तर्गत गो ड्रि«मर्स ओ ऐश्वर्य विद्या निकेतनबीच १० वर्षे रणनीतिक सहकार्य घोषणा समेत हुइल बा ।
ऐश्वर्य विद्या निकेतनके प्राचार्य सञ्जय पन्त ओ गो ड्रि«मर्सके अध्यक्ष सुवाश शाही दशवर्षे सम्झौता पत्रमे हस्ताक्षर करटी उ अभियानके सुरुवात करलै ।
‘यी अभियानसे आधारभूत तहसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेट खेलाडी उत्पादन करके सन् २०३६ सम नेपालहे अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमे प्रतिस्पर्धी ओ विश्वस्तरीय टोलीके रूपमे स्थापित कैना लक्ष्य लेहल बा,’ शाही कहलै, ‘आज सुरुवात हुइल बा । यिहीहे देशभर अभियानके रुपमे सञ्चालन कैना बा ।’
धनगढीमे एकाओर फाप्ला अन्तर्राष्ट्रिय क्रिकेट रंगशाला तथा खेलग्रामके इआईए समेत सम्पन्न हुके निर्माणके चरणमे आघे बढसेकल अवस्थामे सुरु हुइल यी अभियानहे अर्थपूर्ण रुपमे हेरल बा । पूर्वाधारसंगे दक्ष खेलाडी समेत सँगसँगे उत्पादन कैना अभियानके उद्देश्य रहल शाही बटैलै ।
प्रदेशभर खेल विकास कार्यक्रम सञ्चालन करटी आइल गो ड्रिमर्स युवा प्रतिभा पहिचान ओ विकासमे सक्रिय संस्था हो । नेपाल सुपर लिगके प्रमुख क्लब धनगढी एफसी गो ड्रिमर्सके स्वामित्वमे रहल बा । यकर साथे, गो ड्रिमर्स प्रतिष्ठित अर्जुन ट्रफीके आयोजक संस्थाफे हो । यि आघे धनगढी उपमहानगरपालिकासँगके सहकार्यमे गो डिमर्ससे धनगढीके फूलबारी ओ जुगेडामेफे ग्रासरुट लेभल क्रिकेट परियोजना सञ्चालन बा ।
कार्यक्रम सफलताके शुभकामना व्यक्त करटी ऐश्वर्य विद्या निकेतनके अध्यक्ष तथा पूर्व नगर प्रमुख नृपबहादुर वड सक्कु सरोकारवाला निकाय, अभिभावक, प्रशिक्षक तथा खेलाडीहुकनहे एकजुट हुके अभियानहे सफल बनैना आह्वान करलै । उहाँ सुदूरपश्चिमके खेल इतिहासमे नयाँ अध्याय ठप्न लक्ष्यसहित आघे बह्रल यी पहलसे भविष्यमे राष्ट्रिय गौरवके विषय बन्न विश्वास व्यक्त करलै ।
‘दश वर्षमे विश्वकप जिटे सेक्ना लक्ष्यके साथ योग्य खेलाडी उत्पादन कैना दीर्घकालीन लक्ष्यसहित यी अभियान सुरु करल बा,’ वड कहलै, ‘यी अभियान केवल प्रतिस्पर्धामे सहभागिता जनैना उद्देश्यसे केल्ह नैहुके समग्र खेल संस्कृतिके विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता ओ स्वस्थ जीवनशैली प्रबद्र्धन कैना उद्देश्यमेफे खरो उत्रन विश्वास व्यक्त करटु ।’
ऐश्वर्य विद्या निकेतन सुदूरपश्चिमके प्रतिष्ठित ओ गौरवशाली शैक्षिक इतिहास बोकल संस्था हो । शैक्षिक उत्कृष्टता, सुदृढ पूर्वाधार तथा विद्यार्थीहुकनके रोजाइके कारण विद्यालय देशव्यापी रूपमे परिचित बा । हजारौँ विद्यार्थीके भविष्य निर्माणमे भूमिका निर्वाह करटी आइल यी संस्थासे अब खेल विकासमार्फतफे युवा सशक्तीकरणमे योगदान पुगैना प्राचार्य सञ्जय पन्त बटैलै ।
‘सुदूरपश्चिम प्रदेश क्रिकेटके उर्बर भूमि हो । यहाँ आयोजना हुइना छोट भारी प्रतियोगितामे दर्शकके उल्लेख्य उपस्थितिसे यी क्षेत्रके क्रिकेट क्रेज प्रस्ट पारठ,’ उहाँ कहलै, ‘पहिल चो अक्सन प्रणालीमार्फत फ्रेन्चाइजी क्रिकेटके सुरुवातसहित क्रिकेटके व्यवसायिक विकास हुइल यी भूमिसे हम्रे दश वर्षके विश्वकप उचल्न सपनाके बिउँ लगाईबेर बहुट खुशी बटी ।’
घोषित अभियानअन्तर्गत विद्यालय तथा समुदायस्तरसे क्रिकेट प्रतिभा खोजी तथा छनोट प्रक्रिया सुरु करजाई । नियमित ट्रायल, अन्तरविद्यालय प्रतियोगिता तथा विशेष छनोट कार्यक्रममार्फत सम्भावनाशील खेलाडी पहिचान करजाई । छनोट हुइल खेलाडीहे व्यवस्थित ओ व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करजाई, जेम्ने नेपाल क्रिकेट संघसे टमान स्तर पार करल प्रशिक्षक तथा राष्ट्रिय ओ अन्तर्राष्ट्रिय अनुभव हुइल खेलाडीके सहभागिता रना जनाइल बा ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम अन्तर्गत प्राविधिक सीप विकास, खेल रणनीति, फिटनेस, मानसिक सुदृढता, दबाब व्यवस्थापन, अनुशासन, टीमवर्क ओ नेतृत्व विकासहे प्राथमिकता डेजाई । खेलाडीहे आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली, प्रदर्शन विश्लेषण तथा चरणबद्ध विकास मोडेलमार्फत दीर्घकालीन रूपमे तयार कैना योजना बा ।
खेलाडीहुकनहे “म्याच एक्सपोजर” दिन नेपालभिटर टमान स्तरके प्रतियोगितामे नियमित सहभागिता करैनाके साथे भारतके प्रतिष्ठित क्रिकेट एकेडेमी ओ प्रतियोगितामे प्रशिक्षण तथा मैत्रीपूर्ण खेलके अवसर उपलब्ध करैना बा । आवश्यकता अनुसार अन्य क्रिकेट राष्ट्रमे समेत प्रशिक्षण क्याम्प तथा अन्तर्राष्ट्रिय भ्रमणके व्यवस्था कैना ओ आमन्त्रण कैनाफे जनाइल बा ।
क्रिकेट खेलाडी नाराण जोशीसे च्याम्पियन्स–३६ ग्रासरुट टु ग्लोरी अभियानसे मजा खेलाडी उत्पादनमे महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कैना विश्वास व्यक्त करलै ।