संवादके संस्कृत स्थापना कैना जरुरी बा
मुद्दा लरलेसे पैसा ओराइठ, समय विना कामके खर्च हुइठ, एक दुसरविच सम्बन्ध ध्वस्त हुइठ
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ११ फागुन । सर्वोच्च अदालतके मेलमिलाप परिषद सदस्य तथा प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्रके कार्यकारी निर्देशक चुपबहादुर थापा मेलमिलाप सबसे सुन्दर पक्ष रहल ओरसे संवादके संस्कृतिके विकास कैना जरुररी रहल बटैले बटै ।
प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्रसे द मेकनल फाउण्डेशनके सहयोगमे माकुरा समुहहुकनके लाग धनगढीमे आयोजित आठ दिने तालिम समापन कार्यक्रममे सम्बोधन करटी उहाँ उ बाट बत्वाइल रहिट ।

हम्रे संवादके संस्कृत स्थापना कैना चाहटी, निर्देशक थापा कहलै, ‘अब्बे मनैनके विच मनमुटाव बह्रटी बा, समाज विभाजजित हुइटी बा । संवाद यैसिन संस्कृति हो जौन फाटल मनहे जोरेसेकठ । डाक्टरसे धातुके सियोले सिके फाटल अंगहे जोरके मनैनके जीवन बचाइल जस्टे माकुरा समुह÷ मेलमिलापकर्तासे आपसी संवादके सियोले सिके विश्वासके धागोले टाँका लगाके माया प्रेमके औषधीसे विछरल मनहे एक बनैना काम करठै । जिहीसे समाज शान्ति ओ समृद्धिके डगरमे लम्कल बा ।
केन्द्रके कार्यकारी निर्देशक थापा कहलै, आजकाल्ह मनै गाली कैना प्रतिस्पर्धामे बटै । औरहे सिद्धयइना पक्षमे बटै उ महारोग हो । उ रोग कोरोना महामारीसेफे डरलाग्दो बा । दुसरहे सिद्धयइना प्रतिस्पर्धासे सबजाने ओरैही । हमार देश परिवार ओराई । यिहीसे कुहीहे भलो नैहुई । आव हरेक ब्यक्तिके मनमे सकारात्मक सोचके बीउ लगैना जरुरी बा । उ बीउ लगाई नैसेक्लेसे गाली गलोच कैना मनै केल्ह नाही सक्कु घर परिवार देश ध्वस्त हुई ।
उहाँ कहलै, मुद्दा लरलेसे पैसा ओराइठ, समय विना कामके खर्च हुइठ, एक दुसरविच सम्बन्ध ध्वस्त हुइठ । डाडुभैया होए वा दुई समाज विचके मुद्दा होए अदालतमे गैलेसे पैसा टे ओरैबी करी, अन्तिममे एक पक्षके जित हुईबेर मन नैमिली कलेसे फेरसे विवाद सुरुवाट हुई । हमार संस्था मनैनके बिचके फाटल मनहे आपसी संवादके सियोले सिके विश्वासके धागोले टाँका लगाईपर्ना मान्यताके साथ आघे बह्रल बा, ओ यम्ने माकुरा समुहके महत्वपूर्ण योगदान बा ।
यी संस्था वि.सं. २०७० साल जेठ २७ गते स्थापना हुके २०७० असार १३ गते जिल्ला प्रशासन कार्यालय भक्तपुरमे दर्ता हुके औपचारिक कानुनी मान्यता प्राप्त करल बा ।

यी संस्थाहे मेलमिलाप परिषदसे मेलमिलाप सम्बन्धी ऐन २०६८ के दफा २७ (ग) वमोजिम मेलमिलाप सम्बन्धी तालिम सञ्चालन कैना संस्थाके रुपमे ओ उहे ऐनके दफा २३ बमोजिम मेलमिलाप सम्बन्धी कार्य करेक लाग स्वीकृति प्राप्त हुइल बा । स्थापना कालसे जल, जमिन तथा जंगल सम्बन्धी वृहत्तर खालके बहुसरोकारवाला विवादमे माकुरा पद्दतिसे सहजीकरण करटी आइल यी संस्थासे २०७२ सालसे मेलमिलाप अभियानके माध्यमसे अन्तर व्यक्तिगत विवादमे समेत सहजीकरण करके शान्ति स्थापनामे थप टेवा पुगाइल कार्यकारी निर्देशक थापा कहलै ।
नेपालमे दिगो शान्ति स्थापनाके माध्यमसे समुन्नत ओ सम्वृद्ध समाज निर्माण कार्यमे सरकारके सहयोगी रुपमे कार्यरत यी संस्थाहे आ.व. २०७४÷०७५ मे मेलमिलापके क्षेत्रमे उत्कृष्ट कार्य करलबाफत मेलमिलाप परिषदसे सम्मानित करल रहे । यी मेरिक सम्मान पैना यी नेपालके एक ठो केल्ह पहिल संस्था रहल उहाँ बटैलै । संस्थाके कार्यकारी निदेशक थापा संस्थासे ५० बरससे समाधान हुई नैसेकल ५ सय जटरा भारी द्वन्द अब्बेसम समाधन करसेकल बटैलै ।

आठ दिने तालिमके प्रमुख प्रशिक्षक त्रिपुरा गिरी मेलमिलापसे फाटल मनहे सिलैना काम करटी रहल बटैलै । उहाँ जापानके किनसुके आर्टके बाट बटैटी कहली, माटीक भारा गिरके फुटल कलेसे सोनके लेप लगाके जोरजाइठ जिहीसे ओकर मुल्य दशौ गुणले और ढेर बह्रठ । ओस्टे माकुरा समुह÷मेलमिलापकर्ता आर्टटिस्ट डाक्टर, इन्जिनियर रहल कहटी फाटल मनहे मिलाईपाछे दुई पक्षविच कबु डरार नैफटना, रोग नैलग्ना, उहाँहुकनके सम्बन्ध झन बह्रठ ।

उहाँ तालिममे विवाद मिलैना विधि प्रक्रिया, कानूनी ज्ञान आर्जन करल कहटी सिखल बाट व्यवहारमे उटरना आग्रहफे करली ।
तालिममे सहभागी विना थापा ओ खगेन्द्र सार्की यी तालिम अपनेहुकनके लाग जीवन उपयोगी रहल कहटी गाउँ समाजमे विवाद समाधन करैनामे सहजुल हुइल बटैलै ।
तालिम समापन प्राकृतिक स्रोत द्वन्द रुपान्तरण केन्द्रसे पश्चिम संयोजक बल्लु चौधरीके अध्यक्षतामे हुइल रहे । उहाँ तालिममे प्रशिक्षकसे उत्साह प्रदान करलपाछे सहभागीहे विवाद समाधनके प्रक्रिया सिख्ना ओ जन्ना ढेर मौका मिलल बटैलै । तालिम प्रभावकारी हुइल उहाँ बटैलै ।

कार्यक्रमके संचालन केन्द्रके कैलाली संयोजक गंगा दुलाल करल रहिट । आठ दिने तालिममे अप्सरा थापाफे सहजीकरण करल रही । समापन कार्यक्रममे केन्द्रके पश्चिम लेखा अधिकृत वेद प्रकाश चौधरीकेफे सहभागिता रहे । तालिममे बाँके बर्दियासे लेके सुदूरपश्चिमके माकुुरा समुहके सहभागिता रहे ।