थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत १४ फागुन २६४९, बिफे ]
[ वि.सं १४ फाल्गुन २०८२, बिहीबार ]
[ 26 Feb 2026, Thursday ]

भलमन्सा प्रणाली शासन प्रणालीसे जोरब : चन्द

पहुरा | १४ फाल्गुन २०८२, बिहीबार
भलमन्सा प्रणाली शासन प्रणालीसे जोरब : चन्द

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १४ फागुन ।
राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीसे कैलाली ५ के उम्मेदवार आनन्दबहादुर चन्द थारु समुदायमे रहल भलमन्सा प्रणालीहे शासन प्रणालीसँग जोर्ना बटैले बटै । चन्द वाचा पत्रमे उल्लेख करल बटैटी घरदैलोके क्रममे भेटल भलमन्साहुक्रनहे उक्त विषयमे बटाइल हुइट ।

थारु समुदायके बीचमे चन्द अपने कैलालीके थारु ओ राना समुदायमे प्रचलित भलमन्सा प्रणालीहे लेके गम्भीर रहल बटैले बटै । उहाँ कैलारी गाउँपालिकाके गदरियामे घरदैलके क्रममे कहलै, ‘भलमन्सा कहलक समाजके नेता हुइट । जे वर्षौंसे समाजके नेतृत्व करटी रहल बा । उहीहे हम्रे शासन प्रणालीसँग जोरब ।’

चन्दसे घोषणा पत्रमे थारु समुदायके परम्परागत भलमन्सा प्रणालीहे शासन संरचनासँग जोर्ना पहल कैना उल्लेख करले बटै । उहाँ कहले बटै, ‘भलमन्साके क्षमता विकासके लाग टमान तालिम तथा प्रशिक्षण प्रदान करजैना बा । परम्परागत ज्ञान ओ आधुनिक कानुनी प्रणालीहे जोर्ना परामर्शदाता भूमिकामे भलमन्साके प्रयोग करजैना बा ।’ चन्दसे घोषणा पत्रमे भलमन्सा प्रणालीहे उल्लेख कैना पार्टी ओ उम्मेदवार अपने किल रहल बटैलै ।

चन्दहे स्थानीय सखिया नृत्य डेखाइल रहिट । उक्त विषयमे बोल्टी उहाँ समुदायके कला, संस्कृति, भाषा ओ परम्पराके फेन संरक्षणके पक्षमे अपने रहल उल्लेख करल रहिट । उहाँ कहलै, ‘डंगौरा थारु ओ राना थारु समुदायमे रहल लोकनृत्य (सखिया, झुमरा, मुंग्रहुवा, होरीनाच आदि) ओ संगीतहे लिपिबद्ध कैना ओ डगौरा थारु ओ राना थारु समुदायके भेषभूषा, संस्कृति ओ खानपान (ढिक्री, घोंगी, सिद्रा, मच्छी, अनदीके भात, मिसौला आदि) टरटिहुवार (माघ, होली, डसै, डेवारी, चिरैभजहर) के महत्व उजागर कैना हमार योजनामे रहल बा ।’

ओस्टके थारु संस्कृति, पर्यटन तथा होमस्टे योजना फेन अपने आघे सारल उक्त कोणसभामे बटैले बटै । उहाँ कहलै, ‘थारु संस्कृति, परम्परा ओ जीवनशैलीके संरक्षण ओ प्रवद्र्धन कैटी थारु होमस्टे कार्यक्रम विस्तार कैना हम्रे वाचा पत्रमे उल्लेख कैले बटी ।’

परम्परागत थारु गाउँके महत्व कायम राखक लाग थारु घरके संरक्षण तथा सम्बद्र्धन कैना विशेष नीति लेनाके साथे अनुदानके व्यवस्था कैना ओ थारु समुदायके परम्परागत कला, भेषभूषा, आदिके संरक्षण तथा प्रबद्र्धनके लाग थारु सांस्कृतिक संग्राहलय सञ्चालनके लाग समेत पहल कैना उहाँ बटैलै ।

कैलाली–५ निर्वाचन परिचालन समिति सदस्य समेत रहल रास्वपा जिल्ला सभापति महेश चौधरी वाचा पत्र थारु भाषामे समेत सार्वजनि करल बटैलै । उहाँ कहलै, ‘थारु भाषा, कला ओ संस्कृतिके महत्व बुझल उम्मेदवार पैले बटी । वाचा पत्र हमार भाषामे सार्वजनिक कैना कैलाली–५ के एकठो किल उम्मेदवार उहाँ हुइट ।’

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