थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं ३ चैत्र २०८२, मंगलवार ]
[ 17 Mar 2026, Tuesday ]

११२ चो रक्तदान करुइया उपाध्यायहे अन्तर्राष्ट्रिय सम्मान

पहुरा | ३ चैत्र २०८२, मंगलवार
११२ चो रक्तदान करुइया उपाध्यायहे अन्तर्राष्ट्रिय सम्मान

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३ चैत ।
मानवताके सेवामे समर्पित रक्तदाता दीपक उपाध्याय “वीर बिरसा मुन्डा अन्तर्राष्ट्रिय रक्तदाता सम्मान–२०२६” से सम्मानित हुइल बटै ।

भारतस्थित प्रगति फाउण्डेशन ट्रस्टसे प्रदान करल उ सम्मान कार्यक्रमके प्रमुख अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो प्रदान करल रहिट ।

समाजमे जीवन बचैना अभियानहे निरन्तरता डेटी हालसम ११२ औँ चो रक्तदान करके मानव सेवाके उदाहरण प्रस्तुत करल कहटी उपाध्यायहे विशिष्ट आतिथ्यतासहित सम्मान करल आयोजक जनैले बा ।

रक्तदान केवल एक दान नैहुके मानवताके सबसे भारी सेवा हो कना सन्देश डेटी उपाध्यायसे नम्मा समयसे निःस्वार्थ रूपमे रक्तदान करटी आइल बटै । उहाँक यी सेवामूलक योगदानके कदर करटी अन्तर्राष्ट्रियस्तरमे सम्मान करल हो ।

कार्यक्रममे भारतक टमान प्रदेशसे सयौँ रक्तदाताहुकनके सहभागिता रहे । उ कार्यक्रममे मानव जीवन बचुइया अभियानमे सक्रिय व्यक्तिहुकनके योगदानके प्रशंसा करटी रक्तदानहे सामाजिक अभियानके रूपमे आघे बढाईपर्ना बाटमे जोड डेहल रहे ।
दीपक उपाध्यायके यी सम्मानसे रक्तदानके क्षेत्रमे समर्पित अन्य युवाहेफे मानव सेवामे प्रेरित कैना विश्वास करल बा ।

के हुइट वीर बिरसा मुन्डा ?

वीर बिरसा मुन्डा (१५ नोभेम्बर १८७५ – ९ जुन १९००) भारतके एक आदिवासी स्वतन्त्रता सेनानी तथा मुन्डा जनजातिक लोकनायक हुइट । उहाँ ब्रिटिस शासनकालमे १९औँ शताब्दीके अन्त्यओर हालके झारखण्ड क्षेत्रमे हुइल आदिवासी धार्मिक तथा सामाजिक आन्दोलनके नेतृत्व करल रहिट ।

उहाँक नेतृत्वमे हुइल आन्दोलनसे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलनमे महत्वपूर्ण स्थान बनाइल बा । भारतके आदिवासी समुदायसे उहाँहे भगवानसरह मन्ना करठै ओ उहाँ “धरती आबा” (धरतीके पिता) नामसेफे परिचित बटै ।

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