बालविवाह मानवीय विकासके बाधक होः सचिव रेग्मी
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २ चैत । सुदूरपश्चिम प्रदेशमे बालविवाह अन्त्यके लाग रणनीतिक कार्ययोजना सम्बन्धी परामर्श कार्यक्रम धनगढीमे सम्पन्न हुइल बा ।
बालिका दुल्ही होइनन नेपालके आयोजना तथा सुदूरपश्चिम प्रदेश सामाजिक विकास मन्त्रालयके समन्वयमे सुदूरपश्चिम प्रदेशमे बालविवाह अन्त्यके लाग रणनीतिक योजना (२०८०–२०८७) छलफलके लाग तयार करल प्रारम्भिक मस्यौदाबारे सरोकारवाला निकायके सहभागितामे सुझाव संकलन कैगिल हो ।
‘बालिका दुल्ही होइनन् (जीएनबी) नेपाल ’के अध्यक्ष प्रकाश खतिवडाके अध्यक्षतामे हुइल छलफल कार्यक्रममे सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके सामाजिक विकास मन्त्रालयके सचिव डा. हेमराज रेग्मी प्रमुख अतिथि रहल रहिट । कार्यक्रममे बोल्टी उहाँ बालविवाह मानवीय विकासके लाग भारी बाधक रहल बटैलै । बालविवाहसे मानवलहे सक्षम हुई नैडेना वातावरण सृजना करल रहठ । बालविवाह हुइलपाछे जलमना बच्चा ओ डाईक स्वास्थ्य विगरठ । बालिका शिक्षासे बञ्चित हुइठै ।
उहाँ प्रदेश समृद्धिके लाग सक्षम नागरिकके नाराहे लेके आघे बह्रल बटैलै । बालविवाह निर्मुल बनाईक लाग लागल ओ सामाजिक विकास मन्त्रालयसे स्वास्थ्य, शिक्षासँग सम्बन्धित क्रियाकलाप करटी रहल बटैलै । ओस्टे सामाजिक, महिला, बालबालिकाके विकासके लाग काम करटी रहलफे बटैलै । उहाँ कहलै पहिले हमार डाईबाबक पालामे १०/१५ बर्ष नैपुग्टी भोज कैडेना चलन रहे । अब्बे सुधार हुइटी ३०/३५ बर्षमे भोज करल पाइल बा ।

पहिले बालविवाह हुइना करे, उहाँ कहलै अब्बे क्रमिक सुधार हुइटी गैल बा । आर्थिक विषयमे हाली परिवर्तन डेखापरठ मने सामाजिक विकास विस्तारै परिवर्तन हुइठ । प्रदेश सरकार आत्मनिर्भरताके बाटहे आघे बढाइलफे उहाँ बटैलै ।
कार्यक्रममे बालिका दुल्ही होइनन नेपालके बरिष्ठ कार्यक्रम संयोजक सृष्टी कोलक्ष्यपति बाल विवाह अन्त्यकके लाग रणनीतिक योजनाबारे जानकारी कराइल रहिट कलेसे सन्तोष महर्जन सुदूरपश्चिम प्रदेशमे बालविवाह अन्त्यके लाग रणनीतिक योजना (२०८०–२०८७) छलफलके लाग तयार करल प्रारम्भिक मस्यौदाबारे प्रस्तुतीकरण करल रहिट ।
राष्ट्रिय जनगणना–२०७८ से ढेर जैसिन व्यक्ति (३४.४ प्रतिशत) के पहिल भोज १८ से २० वर्षके उमेरमे हुइना करल डेखल बा कलेसे १५ से १७ वर्षके उमेरमे पहिल भोज हुइना २२.३ प्रतिशत, १०–१४ वर्ष उमेरमे पहिल भोज हुइना ७ प्रतिशत ओ १० वर्ष टरेक उमेरमे पहिल भोज हुइल ०.३ प्रतिशत रहल डेखल बा ।
पछिल्का १० वर्षमे बालविवाह नैकैना दरमे न्यून प्रगति डेखलेफे भर्खरके जनगणनासे यम्ने सुधारके पर्याप्त काम करेपर्ना आइल बा ।
नेपाल बहुक्षेत्रीय क्लस्टर सर्वेक्षण, २०७९ अनुसार २० से २४ वर्ष उमेर समूहके ३४.९ प्रतिशत महिला ओ ७ प्रतिशत पुरुषके विवाह १८ वर्षमे हुइल डेखल बा । १५ से १९ वर्ष उमेर समूहके किशोरीमध्ये अविवाहित ७८.४ प्रतिशत केल्ह उल्लेख हुइलठेनसे २१.६ प्रतिशतके भोज हुइल ओ यी मध्ये २.८ प्रतिशतके १५ वर्षके उमेरमे भोज हुइल डेखल बा ।
नेपाल जनसांख्यिक तथा स्वास्थ्य सर्वेक्षण, २०२२ से नेपालमे २० से २४ वर्ष उमेर समूहके ३९.५ प्रतिशत महिलाके भोज १८ वर्ष पुग्न आघे हुइल उल्लेख करल बा ।
दुसर ओर उहे उमेर समूहके १०.३ प्रतिशत केल्ह पुरुषके भोज १८ वर्षसे कम उमेरमे हुइना करल बा । ओस्टेक करके स्वास्थ्य सेवा विभागतके वार्षिक प्रतिवेद २०७९।८० अनुसार १५ से १९ वर्षके कुल किशोरीमध्ये १७ प्रतिशत डाई बनसेकल वा गर्भवती हुइल पाइल बा कलेसे आ.व. २०७८÷७९ मे ६ हजार ६ सय ४५ जाने किशोरीसे सुरक्षित गर्भपत करल तथा ८४ हजार ७ सय ७३ जाने किशोरीसे सुरक्षित मातृत्व सेवा लेहल डेख्नासेफे वालविवाहके व्यापकता रहल पुष्टि करठ ।
नेपालमे बालविवाहके दर प्रदेश, बसोवास क्षेत्र, आर्थिक–सामाजिक अवस्था, जातजाति, धर्म, समुदाय तथा शैक्षिक अवस्थाके विविधता ओ अन्य भिन्नताके आधारमे फरकफरक रहल बा ।
शहरी क्षेत्रके तुलनामे ग्रामीण क्षेत्रके महिलाके सामान्यतया कम उमेरमे भोज हुइना करल पाइल बा । राष्ट्रसंघीय जनसंख्या कोषके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रमे बसोबास कैना मध्ये ४३ प्रतिशत ओ शहरमे बैठनामध्ये २७ प्रतिशत महिलाके १८ वर्ष नैपुग्टी भोजहुइना करठ । कम आयस्रोत हुइल परिवारके बालिका बालविवाहके ढेर जोखिममे रहल पाइल बा ।
ओस्टे, आर्थिक अवस्था सबल हुइलठेनसे कमजोर हुइल महिलाके सालाखाला दुई वर्ष कम उमेरमे भोज हुइल डेखल बा । देशके कुछ क्षेत्रमे बालविवाहके दर उच्च रहल पाइल बा । मधेशी समुदायके साथे सीमान्तकृत समूह जस्टे दलित, जनजाति ओ मुस्लिम समुदायमे अन्य समुदायके तुलनामे यी दर उच्च रहल बुझल बा ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशसे बालविवाहहे न्यूनीकरण कैना “सानै छु म, बढ्न देऊ, बालविवाह हैन, पढ्न देऊ,” स्वस्थ बालबालिका, शसक्त महिला र सम्मानित जेष्ठ नागरिक’ अभियान सञ्चालन करटी रहल बा ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशसे जारी करल लैंगिक समानता तथा समावेशीकरण नीतिके रणनीति ११ निरोधात्मक, उपचारात्मक तथा नियमनकारी उपायसे सामाजिक मूल्य मान्यतामे परिवर्तन करटी लिङ्ग, उमेर, वर्ग तथा जातीय आधारमे हुइना सक्कु खाले हिंसा, भेदभाव, परम्परागत हानीकारक सामाजिक अभ्यास ओ बहिष्करणके अन्त्यसे सम्बन्धित बा ।
उ रणनीतिके नीति तथा कार्यनीतिके बुँदा नं. १७ से बाल सरक्षण ओ बालविवाह न्यूनीकरणके लाग प्रदेश, जिल्ला तथा स्थानीय तहमे सञ्जाल निर्माण कैना व्यवस्था उल्लेख करले बा बा । ओस्टेक करके प्रदेश बालवालिका सम्बन्धी ऐन २०७७ के दफा ४१ से बालबालिकाके विवाह तय कैना वा बालबालिकाके विवाह कैना वा करैना कार्यहे बालबालिका विरुद्ध हुइना हिंसाके रुपमे परिभाषित करल बा ।

दफा २० से बालबालिका विरुद्धके हिंसा वा ओसिन जोखिममे रहल बालबालिका विशेष संरक्षणके आवश्यकता हुइल बालबालिकाके वर्गमे राखल बा । यी मेरिक बालबालिकाके आवश्यकता अनुसार उद्धार, अस्थायी संरक्षण, स्वास्थ्य उपचार, मनोसामाजिक सहयोग, पारिवारिक पुनरमिलन, पुनस्थापना, वैकल्पिक हेरचाह, परिवार सहयोग, सामाजिक सुरक्षा, सामाजिकिकरण लगायत अन्य सेवा तथा सहयोग तोकल बमोजिम हुइनाफे उहे ऐन अनुसारमे व्यवस्था करल बा ।
कानुनसे बालविवाहहे दण्डनीय अपराध मन्लेसेफे राष्ट्रिय जनगणना २०७८ अनुसार सक्कु प्रदेशमे यकर अभ्यास अभिन कायम रहल डेखजाइठ ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशमेफे बालविवाहके दर राष्ट्रिय औसतसँग मिल्नाजुल्ना, करिब १.५ प्रतिशत रहल बा । यीमध्ये करिब ०.७ प्रतिशत बालक ओ २.४ प्रतिशत बालिकासे कानुनी उमेर नैपुगके भोज करल पाइल बा ।
कार्यक्रममे सरोकारवाला टमान क्षेत्रमे प्रतिनिधित्व कैना गैससके प्रतिनिधि, स्वास्थ्य तथा बालबालिकाके क्षेत्रमे काम कैना संस्थाके प्रतिनिधिसे छलफल तथा सुझाव संकलन करल बा । कार्यक्रमके संचालन सामाजिक विकासका लागि सचेत समाजके क्रिमलाल चौधरी करल रहिट । कार्यक्रममे बालिका दुल्ही होइनन नेपालके प्रतिनिधिहुकनकेफे सहभागिता रहे ।