थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं २४ बैशाख २०८३, बिहीबार ]
[ 07 May 2026, Thursday ]

बहुविवाहके कारण महिलाउप्पर हिंसा बह्रटी

पहुरा | २४ बैशाख २०८३, बिहीबार
बहुविवाहके कारण महिलाउप्पर हिंसा बह्रटी

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २४ बैशाख ।
पछिल्का समयमे सुदूरपश्चिम प्रदेशमे बहुविवाहके कारण महिलाउप्पर हुइना हिंसाके घटना बह्रना क्रममे रहल बा ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक)से सुदूरपश्चिम प्रदेशअन्तर्गत फिल्डसे संकलन करल कैलाली जिल्लामे अवस्थित कार्यालयमे जनवरीसे मार्च, २०२६ समके महिला तथा किशोरीउप्पर हुइल हिंसाके घटनाके त्रैमासिक तथ्याङक सार्वजनिक करटी महिलाउप्पर बहुविवाहके कारण हिंसा बह्रटी गैल जनागिल हो ।

बहुविवाह कानुनतः दण्डनीय अपराध हुइलेसेफे सामुदायिक ओ संस्थागत स्तरमे यिहीहे मिलापत्र मार्फत सामान्यीकरण कैना प्रवृत्ति व्याप्त रहल ओरेक सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक सपना थापा बटैली ।

जनवरीसे मार्च २०२६ सम सुदूरपश्चिममे केल्ह कुल लैङिक हिंसाके घटनामध्ये १३.२ प्रतिशत बहुविवाह सम्बन्धी महिला ओ बालिकाउप्पर हिंसा हुइल उहाँ जनैली ।

सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रहरीके तथ्याङकअनुसार आर्थिक वर्ष २०८१/०८२ मे बहुविवाह सम्बन्धी ७६ ठो ओ आर्थिक वर्ष २०८२/०८३ के फागुन मसान्तसम ३३ ठो मुद्दा दर्ता हुइल रहे । कानुनसे दुसरा विवाहहे मान्यता नैडेलेसेफे प्रमाणके अभावके कारण ढेर महिला औपचारिक रूपमे उजुरी दर्ता करे नैसेकल हो जिहीसे वास्तविक घटनाके संख्या अभिन ढेर हुई सेक्ना संकेत करठ ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक) सुदूरपश्चिम प्रदेशसे सार्वजनिक करल त्रैमासिक तथ्याङकमे अभिलेख हुइल कुल ७६ हिंसा मध्ये घरेलु हिंसा ४३ ठो (५६.५८ प्रतिशत), यौन हिंसा १९ ठो (२५.० प्रतिशत), हत्या ५ वटा (६.५८ प्रतिशत), सामाजिक हिंसा ७ ठो (९.२१ प्रतिशत), आत्महत्या ओ आत्म हत्याके प्रयास एक–एक ठो रहल प्रदेश संयोजक जनैली ।
ओस्टे वहुविवाहके घटनाहे हेर्ना हो कलेसे कुल ७६ हिंसाके घटनामे १० ठो वहुविवाहके हिंसा रहल बटै । यी जनवरीसे मार्च, २०२६ समके अवधिमे सुदूरपश्चिम प्रदेशके जिल्लासे लैङिक विभेदमे आधारित हिंसाके कुल ७६ ठो घटना अभिलेखीकरण करल उहाँ बटैली ।
जिल्लागत रुपमे हेर्ना हो कलेसे, कैलालीसे ५६ ठो, कञ्चनपुरसे ५, डोटीसे ६, बाजुरासे ४, डडेल्धुरासे १, बझाङसे २ ओ अन्य ठाउँसे (भारत) समेत २ ठो हिंसाके घटना अभिलेख हुइल जनागिल बा ।

महिला हिंसाके प्रतिनिधिमुलक घटना
घटना– १
निर्मला (परिवर्तित नाम) से १६ वर्षके उमेरमे बालविवाह करल रहिट । खेतीपाती करटी तीन छावासहितके परिवार धन्टी आइल उहाँहे गोसिया नम्मा समयसम घरेलु हिंसा करल रहल । बाबक मजा हेरचाह समय नैपाइल उहाँक छावाहुक्रेफे पढाई पुरा करे नैसेक्लै । उहाँसंग मजा व्यवहार नैकैना उहाँक गोसिया आठ वर्ष आघे दुसरा भोज करके उहाँहे छावनके संगे अल्गा डेलै । यी बाट उहाँहे सहन बहुट गाह्रो हुइल, उहाँ वडा कार्यालयमे बहुविवाहके उजुरी करली, मने वडासे “मिल्के बैठना” कना सुझाव डेहल । अपन अलग आयस्रोत नैरहल, बैठना बास फे नैहुइल ओरसे उहाँहे यी केस आघे बह्रैना अप्ठ्यारो हुइल ।

आर्थिक निर्भरता ओ संस्थागत समर्थनके अभावसे निर्मलाके मनोसामाजिक स्वास्थ्यमे गम्भीर प्रभाव पारल । अब्बे उहाँ ओरेकके सहयोगमे बाजुरासे मनोपरामर्श सेवा लेटी रहल बटी ।
घटना–२
१२ कक्षासम अध्ययन करल सुमीसे भोजपाछे जागिर करटी आइल रहिट । पारिवारिक अवस्था मजे रहे । मने गर्भावस्थाके समयमे गोसिया दुसर महिलासँग सम्बन्ध रख्लै ।

सुमीसे प्रमाण जुटाके प्रहरीमे उजुरी करली उहाँसे दुनुजनहे सम्झाबुझाके मिलापत्र करागिल । मने गोसिया सुध्रनाके सट्टा उहाँ उप्पर उल्टे शारीरिक ओ मानसिक हिंसा थप्टी गैल । दुई चो प्रहरी हस्तक्षेपमे मिलापत्र हुइल । मने हरेक पटकके मिलापत्रपाछे हिंसा बह्रटी गैल । सहे नैसेकलपाछे उहाँ लैहर गैली, उहे समयमे गोसियासे घरमे दुसर महिला धारके भिडियो कलमार्फत “अइलेसे मारडेम” कहिके धम्की डेलै ।

इलाका प्रहरीमे उजुरी करेबेर उहाँहे दोषी ठहर करके उजुरी फिर्ता करल । ओकरपाछे उहाँ ओरेकके सहयोगमे जिल्ला प्रहरीमे फेरसे पुगलपाछेफे सक्कु आरोप उहाँहे थोपरल । अन्ततः सुमी बच्चा ओ अंश लेके सम्बन्धविच्छेद कैना निर्णयमे पुगल बटी ।
घटना–३
मनमती पतिसंग मिल्के होटेल व्यवसाय संचालन करल रहिट । विगत तीन वर्षसे पति दुसर महिलासंग सम्बन्ध रख्टी उहाँहे शारीरिक ओ मानसिक हिंसा डेहे लग्लै ।

पालिका न्यायिक समिति मार्फत मिलापत्र करागिल, मने सहमतिके तीन हप्तामे हिंसा थप क्रूर रूपमे सुरु हुइल । ०८२ फागुन ८ गते मनमती ओरेक कार्यालय पुगेबेर शरीरभरि चोटपटक, अनुहारमे घाउ ओ कानके चोटके कारण सुन्न समेत गाह्रो हुइल रहे । उहाँहे तत्काल ओसिएमसीमे उपचारके लाग लैगिल ओ सुरक्षा आवासमे धारगिल । यी अवस्थासे “मिलापत्र” हिंसाके समाधान नैहो कना पुष्टि करठ । यिहीसे हिंसा कैना व्यक्तिहे थप प्रश्रय डेटी हिंसा बह्रैना मद्दच करटी रहल बा ।

यी घटना प्रतिनिधिमूलक केल्ह नैहुके समाजमे व्याप्त गम्भीर प्रवृत्तिके संकेतफे हुइट । मुलुकी अपराध संहिता, २०७४ के दफा १७५ अनुसार पहिल विवाह कायम रहरहटी दुसर विवाह कैना बहुविवाहके अपराध हो, जेम्ने १ वर्षसे ५ वर्षसम कैद तथा १० हजारसे ५० हजार रुप्यासम जरिवानाके व्यवस्था करल बा । मने व्यवहारमे भर कानुनी व्यवस्थाहे बेवास्ता करटी माया ओ प्रेमके भ्रम सिर्जना करके महिलाउप्पर मानसिक, आर्थिक तथा भावनात्मक शोषण कैना घटना बह्रटी क्रममे रहल ओरसे सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक जनैली ।

यैसिन घटनामे महिलाउप्पर दोषारोपण कैना ओ बाहिरी सम्बन्धहे सामान्यीकरण कैना प्रवृत्तिफे डेखजाइठ ।
यिहीसे यैसिन हिंसाहे व्यक्तिगत घटना केल्ह नैहुके संरचनागत तथा सामाजिक समस्याके रूपमे हेरेपर्ना आवश्यकता डेखाइठ । यी परिस्थितिमे विद्यमान कानुनी व्यवस्थाके प्रभावकारी कार्यान्वयन, द्रुत ओ संवेदनशील अनुसन्धान, पीडितमैत्री उजुरी तथा न्याय प्रणालीके विकास, गोपनीयताके संरक्षण ओ मनोसामाजिक सहयोग सेवाके सुदृढीकरण अत्यावश्यक बा ।

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