अन्तर–व्यवस्थापिका मञ्चके ११ औँ सम्मेलन
नौ बुँदे टीकापुर सन्देशपत्र जारी
पहुरा समाचारदाता
टीकापुर, २४ जेठ । अन्तर–व्यवस्थापिका मञ्चके ११ औँ सम्मेलन सहकार्य ओ अन्तरआवद्धताहे सूचना प्रविधियुक्त बनैना संघीय संसद् ओ सक्कु प्रदेशसभासे डिजिटल पार्लियामेन्ट प्रणाली विकास कैना लगायत नौ बुँदे टीकापुर–सन्देशपत्र जारी करटी सम्पन्न हुइल बा ।
संसदीय गतिविधिमे सूचना प्रविधिमार्फत नागरिक सहभागिता सुनिश्चित कैना एवं तहगत व्यवस्थापिकाबीच डिजिटल पार्लियामेन्ट प्रणाली विकास कैना घोषणासहित कैलालीके टीकापुरमे सम्मेलन सम्पन्न हुइल हो ।
टीकापुरमे आयोजित दुईदिने सम्मेलनमे संविधानसे परिकल्पना करल संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्थाके मर्महे आत्मसात् करटी संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहके कानुन निर्माण ओ व्यवस्थापकीय कार्य प्रक्रियाहे सहकारिता, समन्वय ओ सहअस्तित्वके संवैधानिक सिद्धान्तअनुरुप प्रभावकारी कार्यान्वयन कैना छलफल हुइल रहे ।
सम्मेलनसे जारी सन्देशपत्रमे संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहसे हुइना कानुन निर्माण ओ संसदीय काम कारबाहीहे हाली, पारदर्शी तुल्यइना, तहगत संसद् ओ सभाबीच प्रभावकारी सहकार्य ओ अन्तरआवद्धता स्थापित कैना जनाइल बा । यकर लाग संघीय संसद्संग समन्वय कैना सक्कु प्रदेशसभासे संघ–प्रदेश समन्वय शाखा÷इकाई स्थापना कैना ओ अन्तर–व्यवस्थापिका मञ्चके सचिवालयके कार्य संघीय संसद् सचिवालयके प्रदेशसभा सम्पर्क तथा समन्वय शाखासे कैना सन्देशपत्रमे उल्लेख बा ।
तीनु तहके कानुन निर्माण एवं व्यवस्थापकीय कामहे अनुसन्धान तथा विकास ओ नवप्रवर्तनमे आधारित बनैना, संघीय संसद्, प्रदेशसभा तथा स्थानीय तहके जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारीके क्षमता अभिवृद्धिके कार्यक्रम सञ्चालन कैना संघीय संसद्अन्तर्गत एक व्यवस्थापकीय प्रतिष्ठान स्थापनाके लाग विशेष पहल कैना कहल बा ।
सन्देशपत्रमे सरकारके नीति तथा कार्यक्रम, पूर्वबजेट छलफल एवं संसदीय बजेट निर्माण कार्यहे प्रभावकारी ओ नतिजामूलक बनैना आगामी आर्थिक वर्षभिटर संघीय संसद् ओ प्रदेशसभासे आवश्यक कानुनी व्यवस्थासहित संसदीय बजेट कार्यालय स्थापनाके कार्य आघे बह्रैना, संघीय संसद् तथा प्रदेशसभाके सदस्यके कार्यगत दक्षता अभिवृद्धि करके कानुन तर्जुमा कार्य एवं संसदीय क्रियाकलापहे गुणस्तरीय ओ प्रभावकारी तुल्यइना संघीय संसद् तथा प्रदेशसभाके सदस्यहे अत्यावश्यक रहल सहयोगी कर्मचारी व्यवस्था कैना सम्बन्धित निकायमे पहल कैना जनाइल बा ।
ओस्टेक करके, संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहके उदाहरणीय विधायिकी अभ्यास तथा व्यवस्थापकीय कार्यकुशलता आदानप्रदान कैना संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहके पदाधिकारी एवं कर्मचारीबीच आवश्यकताअनुसार अन्तरक्रिया, छलफल तथा समीक्षा कार्यक्रम आयोजना कैना, प्रदेशसभामे कर्मचारी व्यवस्थापनमे समस्या हुके सभा सञ्चालन तथा कानुन निर्माणलगायतके कार्यमे प्रत्यक्ष प्रभाव परल सन्दर्भमेफे ध्यानाकर्षण कराइल बा ।
ओकर लाग नेपालके संविधानके भाग २९ मे रहल संघ, प्रदेश ओ स्थानीय तहबीच अन्तरसम्बन्धअन्तर्गत धारा २३१ के उपधारा (३) के व्यवस्थाअनुसार कर्मचारी व्यवस्थापन कैना संघीय संसद्, प्रदेशसभाके कर्मचारीके लाग एक्के सेवा गठनसम्बन्धी आवश्यक कानुन निर्माण कैना नेपाल सरकारलाई अनुरोध कैना निचोड निकारल बा ।
संघीय संसद्, प्रतिनिधिसभाके उपसभामुख, राष्ट्रियसभाके उपाध्यक्ष तथा प्रदेशसभाके उपसभामुखहुकनके कामकारबाही एवं भूमिकाहे आउर ढेर सक्रिय एवं प्रतिफलमूलक बनैना विषयमेफे गम्भीर चासो व्यक्त करल बा ।
उ सम्बन्धमे नेपालके संविधान ओ प्रचलित कानुन समेतके अध्ययन करके तीन महिनाभिटर सुझावसहितके प्रतिवेदन पेस कैना राष्ट्रियसभाके सचिव तुलबहादुर कँडेलके संयोजकत्वमे कोशी प्रदेशसभाके सचिव सुदर्शन खड्का ओ लुम्बिनी प्रदेशसभाके सचिव दुर्लभकुमार पुन मगर सदस्य रहल अध्ययन समिति गठन कैना ओ समितिसे प्रतिवेदन पेस हुइल पश्चात् अन्तर–व्यवस्थापिका मञ्चके बैठक बैठक आवश्यक निर्णय कैनाफे सन्देशपत्रमे उल्लेख बा ।
मञ्चके बाह्रौँ सम्मेलन कर्णाली प्रदेशमे आयोजना कैना तय हुइल बा ।
