प्रदेश सभा अनिर्णयके बन्दी
पहुरा |
२० कार्तिक २०८३, शुक्रबार
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २० कार्तिक । जनताके सार्वभौमसत्ताके प्रयोग कैना तथा नीति निर्धारण ओ कानुन निर्माण कैना सुदूरपश्चिम प्रदेश सभा अनिर्णयके बन्दी बनल बा ।
चालु आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजेट विवादके साथे सरकारसे चलायमान बनाई नसेकल कारण प्रदेश सभा अनिर्णयके बन्दी बनल हो । पछिल्का समय प्रदेश सभाके बैठक नियमित हुई सेकल नैहो । महिना दिनके अन्तरालमे बैठटी रहल प्रदेश सभा बैठक ऐन, कानुन निर्माणसेफे सत्ता गिरैना ओ टिकैनामे केन्द्रीत डेखल बा । सरकारसे नयाँ ऐन, कानुन बनाई सेकल नैहो कलेसे एक, डेढ वर्ष पहिले प्रदेश सभा सचिवालयमे दर्ता हुइल विधेयकफे नम्मा समयसे विचाराधीन अवस्थामे संसदीय समितिमे थन्कल बटै ।
विगतके सरकारसे बनाइल ऐन आवश्यकतानुसार संशोधन करके कार्यान्वयन कैनाके साथे आवश्यक नयाँ कानुन बनैना कार्य करेपर्नामे सरकारके ओहोर ओर ध्यान नैगैल पूर्व मन्त्री एवम् सत्तापक्ष नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के प्रदेश सभा सदस्य रमेशसिंह धामी बटैलै । उहाँ सरकारसे प्रदेश सभाहे अनिर्णयके बन्दी बनाइल कहटी ठप्लै,“प्रदेश सभाहे सरकारसे जटरा व्यस्त राखे सेकठ, ओटरे सहयोग सरकारहे हुइठ । मने, यी सरकारके यहोर ओर ध्यान गैल डेखल नैहो ।”
दुसरा प्रदेश सभाके कार्यकाल अन्तिमओर पुग्टी करेबेर उल्लेखनीय कार्य हुई नैसकल प्रदेश सभा सदस्य धामीके कहाई बा । “व्यक्तिगत रुपमे सन्तुष्ट नैहु”, उहाँ कहलै,“ज जैसिक काम करे पर्ना रहे, हुई पर्ना रहे, ओसिक हुइल नैहो ।”
यी प्रदेशमे बजेटके कारण कैयौं पटक सरकार फेरबदल हुसेकल बा । बजेट विवादके जगमे नेकपाके खगराज भट्टके नेतृत्वमे बनल वर्तमान सरकार फे बजेटके विवादमे फसल बा । चालु आर्थिक वर्षमे गत कुवाँरमे दुसरा चो बजेट ल्यानल रहे । बजेटप्रति सत्तापक्षके चर्को आपत्ति बा । पारित हुसेकल बजेटउप्पर हुइल कमीकमजोरी छानविनके लाग सात सदस्यीय छानबिन समिति गठन करके सरकारसे छानबिनके कार्य आघे बह्रैना तयारी करटी रहल बा ।
सरकारसे अपनही बजेट गलत रहल स्वीकार करल ओ प्रदेश सभाहेफे अनिर्णयके बन्दी बनाके राखल विधायन तथा प्रदेश मामिला समितिके सभापति दिवानसिंह विष्ट बटैलै । उहाँ कहलै,“बजेट असफलताके जगमे बनल अब्बेक प्रदेश सरकारफे विवादके डगरमे नेंगल बा । प्रदेश सदनहे चलायमान बनाई सेकल नैहो ।”
सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे असार १ गते ल्यानल बजेट असफल हुइल रहे । बजेट असफल हुइलपाछे गठित नयाँ सरकारसे कुवाँरमे ल्यानल बजेटफे विवादित बनल बा । बजेट विवादहे लेके प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेसके प्रदेश संसदीय दलसे मुख्यमन्त्रीसहित मन्त्रीहुकनके राजीनामा माग करसेकल बा ।
ओस्टेक करके, कांग्रेस संसदीय दलसे प्रदेश सभा बैठक हाली सञ्चालन करेपर्ना निर्णयफे करले बा । पूर्व मुख्यमन्त्री एवम् कांग्रेसके दलके नेता कमलबहादुर शाहके अध्यक्षतामे मंगर बैठल दलके बैठकसे हाली प्रदेश सभा सञ्चालनके लाग सभामुखके ध्यानाकर्षण करैले बा ।

