थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ०२ फागुन २६४९, शनिच्चर ]
[ वि.सं २ फाल्गुन २०८२, शनिबार ]
[ 14 Feb 2026, Saturday ]

मुक्तक

पहुरा | १ फाल्गुन २०७७, शनिबार
मुक्तक

कुछ लिखु कैके कलम उठैठु कलम रूक जाइट् ।
मनके पोक्री डिलसे खोलु कठु मनमे नुक जाइट् ।।

बहुट बा, इच्छा चाहना यी जिन्गीम् कुछ करना मन
मै सपना डेख्टी रहि जिठु बहुट कुछ झुक जाइट् ।।

टीकापुर, कैलाली

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