थारु राष्ट्रिय दैनिक
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बालविवाहके स्वरुप परिवर्तन

पहुरा | ६ कार्तिक २०७७, बिहीबार
बालविवाहके स्वरुप परिवर्तन
  • पहिले मागी विवाह, अब्बे भागी विवाह,
  • बालविवाहसे पढाई पाछे धकेल्टी

प्रेम चौधरी
कैलाली, ६ कार्तिक ।
छोट उमेरमे भागके भोज करेबेर ढेर दुःख पैनु (नाम परिवर्तन) कोपिला कहठी । ‘छोटेसे कमलहरी बैठल रहु, ठोरिक भारी हुइलपाछे लेबरी मजदुरी करे लग्नु । उहे क्रममे एक लउण्डासे माया बैठल, १४÷१५ वरसके उमेरमे भागके भोज करली ।’ कैलालीके कैलारी गाउँपालिका निवासी उहाँक उमेर अहिले ३१ बर्ष हुइल बा ।

कोपिला कहली, ‘भोजपाछे कुछ दिन मजासे विटल, घरेम आर्थिक समस्यासे गोसिया कामके खोजीमे भारतओर लग्लै । शुरु–शुरुमे गोसिया नेपाल भारत अइना जइना करिट । भोज हुइल दुसरा बरसमे गर्भवती हुइनु, पहिल सन्तान छाई जन्मल टबसे दुःखके पहाड खडा हुइल ।

‘गोसिया परस्त्रीसंगके सम्बन्ध बढाई लागल, घरेम रातदिन तनाव हुए, गोसियक पिटाईसे शरीर गलसेकल रहे, अन्तमे गोसिया सौतिनीया नानल, संयोगबस फेरसे दुसरा सन्तान छावा जन्मल कोपिला कहली । कोपिलाके सौतिनीया बने आइल महिला घरेम गोसिनीया डेखलपाछे उहाँ अपन लैहर लौटली । ओकरपाछे कोपिलकमे एकखाले शक्ति प्रदान हुइल । गोसिया पिटे लागलपाछे उहाँ प्रतिकारमेफे उत्रे लग्ली । विस्तारे ओइनके प्रेममे फेरबदल हुइल । हाल ओइने मजासे घरेम संगे बैठल बाटै । कोपिला कहली, छोट उमेरमे भोज हुइल, गोसियक नोकारी जागिरी नइरहल ओरसे घर चलैनासंगे, छावा पह्रैना समस्या हुइल बा ।’

कोपिला दुसर लौवा बाट फे सुनैली, ‘छाईहे सरकारी स्कुलमे भर्ना करल रहिट, १४ वर्षिया छाई कक्षा ७ मे पह्रटी पह्रटीसंगे पह्रना लउण्डासे भागके भोज करल, मै अपने छोटेम भोज करके पछटाइल बटैटी छाईहे ढेर सम्झैनु, मने उ नइमानल ।’

कोपिला जस्टे सम्झनाके (नाम परिवर्तन) फे छोट उमेरमे भागी भोज हुइल रहे । कम्जोर आर्थिक अवस्थाके कारण दुःख करटी पह्रटी रहल सम्झना सुखसे बैठना ओ खाई पैना प्रलोभनमे परके २०७५ साल अगहनमे गाउँक छिमेकी २० वर्षिय पुरुषसंग भोज करली । उ बेला सम्झना १४ बर्षके रहिट । छोट उमेरमे भोज हुइल कारण सम्झना टमान मेरिक शारिरिक तथा मानसिक यातना भोगे परल । ‘शारीरिक रुपमे सहे नइसेक्ना करके पीडा हुए,’ सम्झना सुनैली  ।

गोसिया पढाई छोरके छोट व्यापार किरान पसल ठप्ले बा, लैहर घर रहेबेर खासे काम नइकरल ओरसे शुरु शुरुमे ढेर कर्रा हुए, परिवारके ईसारामे चले पर्ना, घरेम पुरै जिम्मेवारी सम्हारे परेबेर ढेर तनाव हुए ।

भोज हुइल दुसरा महिनामे सम्झनाहे गोसिया शारीरिक ओ मानसिक यातना डेहे लग्लै । उहाँ भागके लैहर अइली । ‘मनेमाइती पक्षसे फेरसे सम्झा बुझाके गोसियक जिम्मा लगा डेलै,’ उहाँ दुःखके बेली विस्तार सुनैली ।

‘गैल फागुनके महिनामे गोसियक पिटाईपाछे संघरीयनहे भेटे गैली, रुइटी दुःखके बाट सुनैली,’ उहाँ कहली । उहाँक संघरीया किशोरी समूहके सदस्य रहिट । सम्झनाके समस्याहे उहाँ किशोरी समूहमे रख्ली । समूहमे आवद्ध किशोरीहुक्रे सम्झनाके डाईबाबाहे सम्झाई बुझाई करलै ।

ओकरपाछे गाउँमे छलफल हुइल । सम्झनाके २० वर्ष पुगलपाछे भोज कैना सर्त दुनहुनहे मन्जुर हुइल । सम्झना लैहर अइली । ‘मने लउण्डा दुई महिना नइबित्टी दुसर लउण्डीसे भोज करल,’ सम्झना सुनैली ।

किशोरी समूहमे पहलमे सम्झना लग्गे विद्यालयमे कक्षा ६ मे भर्ना हुइली । स्कुलमे पह्रे पाइलपाछे उहाँ लौवा जिन्दगी पाइल बटैठी । अब्बे उहाँक पढाई मजा बा । सम्झनाके आब ढेर पह्रके समाजसेवी बन्ना लक्ष्य बा ।

कैलालीके एक गाउँमे बैठना २० वर्षिय सोनमके (नाम परिवर्तन) फे भोज हुइल तीन वर्ष पुगल बा । कोखेम तीन वर्षे छावा बोकल सोनम कहठी, ‘कक्षा ७ पह्रटी पह्रटी एक ठो लउण्डासे भागके विवाह करनु, ऐक्केली रहेबेर जटरा समस्या हुए, उहीसे दोब्बर बच्चा हुइलपाछे हुई लागल बा ।’ उहाँ कहली, ‘गोसिया पढाई छोरके छोट व्यापार किरान पसल ठप्ले बा, लैहर घर रहेबेर खासे काम नइकरल ओरसे शुरु शुरुमे ढेर कर्रा हुए, परिवारके ईसारामे चले पर्ना, घरेम पुरै जिम्मेवारी सम्हारे परेबेर ढेर तनाव हुए ।’ समयमे बुद्धि नइपुगाईबेर अब्बे जिन्दगीमे दुःख भोगे परल सोनम बटैठी ।

कैलालीके १७ वर्षिया पुर्णिमा (नाम परिवर्तन) कक्षा ७ मे पह्रटी पह्रटी भागके भोज करल बटैठी । विदाके समयमे पुर्णिमा नेपालजञ्ज एक कम्पनीमे मजदुरी करे पुगल रहिट । पुर्णिमा कहली, ‘मजदुरी कैना क्रममे लउण्डा (हालके गोसिया)संग बोलचाल फे नइहुइल । पाछे नेपालगन्जसे घर लौटना क्रममे मोबाईल नम्बर अदानप्रदान हुइल । फोनमे माया बैठल । ७ महिनाके फोन मायासे भागके भोज करली । भोजपाछे दुनु जानेक पह्राई छुटल ।

उहाँ कहली, ‘भोज पश्चात गोसिया बाहेर–बाहेर काम करटी रहल बाटै, समय समयमे घर अइना जैना करिट मै अपनही छोट बाटु, ओम्नेफे कोखेम दुई बर्षके बच्चा बा ।’ भोजपाछे घरेम जिम्मेवारी बढइल, ससुरुवा ससुइयाफेहेफे खुशी पारे परठ, घर व्यवस्थापन कैनामे ठिक्क हुइठु, नयाँ काम करेक लाग कौनो योजना बनाई नइसेकल उहाँ दुखेसो सुनैठी ।

पहिले डाईबाबा छावा छाईनके छोट उमेरमे भोज कैडेना परम्परागत चलन रहे, अब्बे हानिकारक पम्परागत अभ्यास हटल विल्गाइठ, मने लउण्डा लउण्डीहुक्रे एक आपसमे माया करके छोट उमेरमे भागके भोज कैना प्रबृति बह्रल बा ।

पहिले–पहिले थारु समुदायमे छोट उमेरमे डाईबाबा भोज कैना चलन रहे, थारु समुदायकेल नइहुके बाहुन समुदायमेफे छाईहुकनके महिनावारी हुइना आघे भोज कैना चलन रहे । कानूनके निर्माणसंगे अब्बे डाईबाबासे छावा छाइनके छोट उमेरमे भोज कैना हानिकारक पम्परागत अभ्यासके टे अन्त्य हुइटी गैल बा, मने छावा छाई छोट उमेरमे अपनही भोज कैना प्रवृति बह्रल बा ।

नेपालके कानून विवाह कैना व्यक्तिके उमेर २० वर्ष पुगे पर्ना अनिवार्य करले बा । मुलुकी अपराध (संहिता) ऐन, २०७४ के भाग २ के परिच्छेद (११) मे उल्लेखित विवाह सम्बन्धी कसुरमा २० वर्ष नइपुगके हुइल विवाहस्वतः बदर हुई । यदि कोई २० वर्ष उमेर नइपुगके भोज करल कराइल कलेसे ओसिन व्यक्तिहे तीन वर्षसम कैद ओ तीस हजार रुप्यासम जरिवाना हुइना व्यवस्था करल बा ।

गाउँघरमे नुकछिपके भागके भोज करुइयाके संख्या बह्रल विल्गाइठ, मने बालभोजके मुद्दा दर्ता भर कमे विल्गाइठ । जिल्ला प्रहरी कार्याल कैलालीमे गैल आर्थिक बर्ष २०७६/०७७ मे बालभोज मुद्दा दर्ताके संख्या हेरेबेर १ ठो केल मुद्दा दर्ता हुइल बा कलेसे चालु आर्थिक बर्ष २०७७/२०७८ सालके कुवाँरसम २ ठो बालभोजके मुद्दा दर्ता हुइल बा । ओस्टेक करके मानव बेचविखन तथा ओसार पोसर गत बर्ष ११ ठो, बहु विवाह २१, जवरजस्ती करणी ९२, जबरजस्ती करण उद्योग २८, बोक्सी आरोप २, बालयौन दुव्र्यवहार ३ रहल बा । कलेसे चालु आर्थिक बर्षके कुवाँरसम मानव बेचविखन तथा ओसार पोसर २, बहु विवाह १२, जवरजस्ती करणी २७, जबरजस्ती करणी उद्योग १०, अप्राकृतिक मैथुन ३, बोक्सी आरोप २, बालयौन दुव्र्यवहार ३ ठो मुद्दा दर्ता हुइल मुद्दा फाँटके प्रमुख महेश चन्द बटैलै ।

ओरेक नेपाल कैलालीके तथ्याङक अनुसार जुलाई २०१९ से जुन २०२० सम्मके तथ्याङक हेरेबेर बालभोजके ७ ठो मुद्दा दर्ता हुइल बा । ओम्ने घरेलु हिंसा ८५, यौनहिंसा २५, सामाजिक हिंसा २५, हत्या १, आत्महत्या ८ ओ और २ ठो रहल बा । कलेसे कोरोना भाइरसके कारण देशमे सुरु हुइल लकडाउनसंगे चैत्र ११ से अभिनसम बालभोजके आठ ठो मुद्दा दर्ता हुइल बा । ओस्टेक करके घरेलु हिंसा ३६, सामुहिक बलात्कार ४, यौन दुव्र्यवहार ५, आत्महत्या ८, बलात्कार ६, बलात्कारके प्रयाय १, सामाजिक हिंसा ८, बहुविवाह ४ ओ ज्यान मर्ना उद्योगके १ ठो मुद्दा दर्ता हुइल ओरेक नेपालके जिल्ला संयोजक विनु राना बटैली ।

कलेसे २०२० मे अब्बेसम ३ सय ढेर मुद्दा दर्ता हुइलमे अधिकाँस मुद्दा महिला हिंसा सम्बन्धी रहल इन्सेक प्रदेश कार्यालयके प्रलेख अधिकृत कृष्ण विक जनैलै ।

अनौपचारिक शिक्षा सेवा केन्द्र (इन्सेक) प्रदेश कार्यालयमे अभिनसम बाल भोजके मुद्दा दर्ता हुइल नइहो । सन २०१९ मे बलात्कार/बलात्कारके प्रयासके १ सय १ ठो, महिला अधिकार हनन ५ सय, परिवारजनसे १३ जानेक हत्या हुइल मुद्दा दर्ता हुइल बा । कलेसे २०२० मे अब्बेसम ३ सय ढेर मुद्दा दर्ता हुइलमे अधिकाँस मुद्दा महिला हिंसा सम्बन्धी रहल इन्सेक प्रदेश कार्यालयके प्रलेख अधिकृत कृष्ण विक जनैलै ।

कानुनसे भोजके लाग उमेर तोक्टी उ विपरित कार्य करुइया उप्पर दण्ड जरिवानाके व्यवस्था करलेसेफे बालभोज रुके नइसेकल हो । वालबालिकाहुकनहे सामाजिक वातावरणसेफे छोट उमेरमे भोज कैना बाध्य बनैटी रहल कैलालीके कैलारी गाउँपालिका अध्यक्ष लाजुराम चौधरी बटैलै । उहाँ कहलै, ‘पहिले डाईबाबा छावा छाईनके छोट उमेरमे भोज कैडेना परम्परागत चलन रहे, अब्बे हानिकारक पम्परागत अभ्यास हटल विल्गाइठ, मने लउण्डा लउण्डीहुक्रे एक आपसमे माया करके छोट उमेरमे भागके भोज कैना प्रबृति बह्रल बा ।’

‘जौन डाइबाबा अपन छावाछाईप्रति लापारवाही करठै ओइनके लर्का छोटेम भागके भोज करल विल्गाइठ,’ अध्यक्ष चौधरी कहलै, ‘गाउँपालिकामे बालभोजके मुद्दा खासे नइपरलसेफे ओइसिन हुइल खण्डमे दुनु पक्षहे सम्झाई बुझाई करल बा ।’ ओस्टेक कैलाली गाउँपालिका–८ के अध्यक्ष विष्णु चौधरी बालभोज न्यूनिकरण करेक लाग मावि तहमे सचेतनामुलक कार्यक्रम ओ सडका नाटक डेखाइल बटैलै ।

यी समाचार सामग्रीमे प्रस्तुत कोपिला, सोनम ओ पुर्णिमाके नाम वास्तविक नैहो । ओइनके गोपनियताके रक्षाके लाग नाम परिवर्नन करल हो ।

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