थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत २८ सावन २६५०, बिफे ]
[ वि.सं २८ श्रावण २०८३, बिहीबार ]
[ 13 Aug 2026, Thursday ]

मुक्तक

पहुरा | १ फाल्गुन २०७७, शनिबार
मुक्तक

कुछ लिखु कैके कलम उठैठु कलम रूक जाइट् ।
मनके पोक्री डिलसे खोलु कठु मनमे नुक जाइट् ।।

बहुट बा, इच्छा चाहना यी जिन्गीम् कुछ करना मन
मै सपना डेख्टी रहि जिठु बहुट कुछ झुक जाइट् ।।

टीकापुर, कैलाली

जनाअवजको टिप्पणीहरू