थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ११ कार्तिक २६४५, बिफे ]
[ वि.सं ११ कार्तिक २०७८, बिहीबार ]
[ 28 Oct 2021, Thursday ]
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डेसौरी थारु लोक गिट

पहुरा | २३ आश्विन २०७८, शनिबार
डेसौरी थारु लोक गिट

सिंगारु/सिंगारो गिट

सिंगारु पानी बर्साइक लग ठारु (मरड) मनै खेटवा जोटेबेर गैना गिट हो । यम्ने एक ठँरिया गंगा लहाइ जाइक लग अपन डाइसे खराउ, छुरिया, लट्ठी, ढोटि मंग्ले बा । ऐसेबेर घरहिं लहैना मनै आब काजे गंगा लहाइ जाइ परल कहेबेर उ कहठ, पहिले टे मै छोट रहुँ, आब टे गबरु जवान हो गैनुँ । इ कहाइके अर्ठ जवानीम डेस डुन्या खाने परल, टब ना अक्किल आइ कना बा ।

डेहुन मायारी रे चनन खराउवा, मै चली जैबु गंगा रे असनान २
डेहुन मायारी रे सोनके टेनिवा मै चली जैबु गंगा रे असनान २

डेहुन मायारी सोनमुख छुरिया मै चली जैबु गंगा रे असनान २
डेहुन मायारी रे पियरे ढोटिवा मै चली जैबु गंगा रे असनान २

सब डिन रे पुट घरही लहैलो, कौने टो करनवा जैबो रे गंगा असनान २
नाडे मै रहनु रे मैया ढुरी माटी मै खेलनु, अब टो हुइनी गभरु मै जवान २

भिटरेसे निकरल चेपवा बहरी भइलै ठारे, चली टो डेहनै गंगा रे असनान २
गोरवै टो घालल चेपवा छनन खरौवा, सोनकी टेनिवा हाँठवै डेहल चेपवा सोनमुख छुरिया २

पिरे ढोटिवा काँढे रे ढइ डे, डरहि टो सिंगारु रे मुरिया मिसहै २
उपरे टो चेपवा करै गंगा रे असनान, काहे काटै चेपवा करै गंगा रे असनान २

काहेक टै चेपुवा रे पानी ढिंगुलैले, असके सरप्बु हुइबे रै जरछार २
नाही मइ सिंगारु पानी ढिंगुलैलु, हेनुवा कुमहारुक भुरी भैसिना पानीय रे ढिंगुलाइल २

गिटके स्रोतः बजारही थारु, बजन्दैया थारु, बहादुर थारु, सन्तु थारु
बैजनाथ गाउँपालिका–८, गुरदयालपुर, बाँके

डफके गिट

डफक गिट माघ लगायट जार मैन्हम गैना गिट हो । इ गिट भजन हस लागठ ।

न हिजे हिरे धर्ती २
टोहर नमो पियारे २
जैसे पुराने वारा हो २
टोहर नमे पियारे २
उता वल्की जसै पसरे २
बाला पराव उनको नही धर्ती पसरे २
बाला जग्मे टोह नमक २
रमा न बाला सोह नमके २
जैसे पुराने जलमे उपटेह गरही २
बाला टोहर नमे पियारे पराव उनके नही धर्ती फेहवाय २
जिनके रहपय टोहर नामा पियारे २
जैसे पुरैना जलमे उपडेहे गरही २
माना पाटा उनको नही लेवे धर्तीक लेव पराए २
सोहन नमा पराए २
जिने रहुवा पारा पराए, सन्त पारे नामा जगमा पियरा २
धर्ती समुन्द्र एक्कै वहै २
उनके वारा उटरके पापी उनके डारा खटके सरा २
जिन रहन पारा सन्तो जगमे पियरा २
जिनके समुन्द्र एक्कै वहै लर्कै सरै रहे रे २
साधु सन्त सब परा उटरकै कापी उटरके जन टोहर रमा पियारे २
जिनकै रहना हे परा टोहर रामा पियरा धर्ती समुन्द्र एक्कै वहव लगता रहै २
साधु सन्त सव परा उटरकै कापी उटरके जन टोहर रमा पियारे २
जिनकै रहन है परा साधु सन्त २
हरे सारा मानी कि मैया कहिके अटि वना रे पियरा २
पवन रहे टुहर सारे समुन्द्र पियरा टोहर रामा पियरा २
जिनकै रहना है पारा टोहर रामा पियरा २
सारा साटी टोरे मैया बच गया टरिया टोहर २
पवन रहे टुहर सारे २
जिनके रहना है पारा टोहर रामा पियरा २
सारा सानी मैया चर गया टरिया टोहर बच गया टोहर पियरा २
पवन रहे टुहर सारे कनका पियरा, रामा पियरा २
अपन टरै हु रहे टोहर रामा पियरा २
जिनकै रहना है पारा टोहर रामा पियरा २
सारा साटी मैया चर गया टरिया टोहर पियरा २
पवन रहे टुहर सारे कलका पियरा रामा पियरा २
जिन है रहना है टोहर रामा पियरा २
जिनको रहना है सन्तो रामा पियरा २

गिटके स्रोटः महेश थारु, बिहारी थारु
बैजनाथ गाउँपालिका–८, गुरदयालपुर, बाँके

सजना

इ सजनामे सीताहे ओकर सखिन अजोढ्या नगरके जनकपुर गाउँ ओ कोशिल्या अस सासु, राजा दशरथ हस ससुरा पैम कना मागन करे कले बटिस । का कैलो टे राम हस पिहवा पैलो कहबेर माघ लहैनु, अटवारिक ब्रत बैठनु टब भेटैलुँ कजना जवाफ डेहठ ।

पहिले मगन सीता मागै रे कौने विढा पुरावै हो २
अरी मागै अजोध्या नगरी जनकपुर गाउँ हो २
डोसरे मगन सीता मागै रे कौने विढा पुरावै हो अरै २
मागै कोशिल्या अस सासु ससुर राजा दशरथ हो २
टिसरे मागन सीता मागै रे कौने विढा पुरावै रे २
अरी मागै राम अस संैया लछमन अस डेवर हो २
हरे गाउँके सखिया सब पुछै रे २
पुछै जनकी कुवरियै हो २
अरे कौने व्रत सीता रहलो २
राम बर पइलो हो २
हरे माघेक मघनी लहैनु रे २
व्रत एक रहनु हो हरिब्रत रहनु अटवरिया
राम बर पइनु हो २ ।

गिटके स्रोटः ठग्गु थारु
बैजनाथ गाउँपालिका–८, गुरदयालपुर, बाँके

साभारः थारु लोकगित मोटरी (२०७८)

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