थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं ११ कार्तिक २०७८, बिहीबार ]
[ 28 Oct 2021, Thursday ]
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नेपाली युवा घाँस व्यवसायीसे कुछ सिखी

पहुरा | २८ आश्विन २०७८, बिहीबार
नेपाली युवा घाँस व्यवसायीसे कुछ सिखी

कोरोना महामारीके कारण व्यापार, व्यवसाय, यातायात, पर्यटन, शिक्षा सक्कुओर प्रभाव परल बा । कोरोनाके दुई वर्षमे ढेरजे रोजगारी गुमैले बटै । कतिपयके पेसा व्यवसाय ठप्प हुइल बा । स्वदेशमे रोजगारी नैपाइल कहटी हरेक वर्ष लाखौं नेपालीहुक्रे भारत ओ टिसरा मुलुक ढइटी रहल बटै । मने, कुछ करे परठ कना आँट ओ अठोट रहल युवाहुक्रे भर स्वदेशमे नमुना योग्य काम करटी रहल बटै ।

कौनो व्यावसाय कैना चुनौती बा । अाँट करलेसे असम्भव भर कुछ नइहो । नेपाली यूवासे दुई÷चार लाख रुप्या कमाइक लाग विदेश जाई नइपरी । कैलालीके टीकापुरमे आठ वर्षसे व्यावसायिक रुपमे घाँसखेती करके लाखौं आम्दानी कैना सफल हुइल बटै, गौरक्ष एकीकृत कृषि तथा पशुपंक्षी फार्मके सञ्चालक युवराज शर्मा ।

टीकापुर बहुमुखी क्याम्पसके १८ विघा ओ जानकी गाउँपालिकाके पाँच विघा करके २३ विघामे घाँसखेती करटी रहल बटै । वर्षे घाँसे उत्पादनके सालाखाला हिसाब करेबेर प्रतिबिघा १० क्वीन्टल फरठिन् । नोक्सान नइहुइल कलेसे बर्खामे अढाई सय क्वीन्टल ओ हिउँदमे प्रतिविघा १७/१८ क्वीन्टल फरजैठिन् । मौसम परिस्थितिअनुसार अढाई सयसे साढे तीन सय क्वीन्टलसमफे घाँसके वीऊ उत्पादन हुइटी बटिन ।

उत्पादन हुइल विउ प्रतिक्विन्टल १० हजार रुप्याके दरसे बिक्री करटी बटै । ओसिक हेरेबेर एक मौसमे दुई/अढाई सय क्वीन्टल विउ उत्पादन हुइलपाछे २५ से ३० लाख रुप्या आम्दानी हुइटी बटिन । ओम्ने दुई सिजन जोरे करिब ५० लाखसे विक्री हुइठिन । अपन फार्ममे उहाँ दुई जाने हेरालु तथा चौकीदार प्रत्यक्ष रोजगारी डेले बटै कलेसे एक सिजनमे ७०/७५ जाने दुई महिना काम करठै ।

कैलारी गाउँपालिका–५, पवेराके शंकरसिंह बिष्ट ओ गोदावरी नगरपालिका–२, अत्तरियाके मीनराज जोशीफे व्यावसायिक घाँसखेती ओ पशुपालनमे मजा कमाही करटी बटै । मीनराज जोशी दुर्गा बहुमुखी क्याम्पसके चार विघा, और ठाउँमे ८ विघा करके ११ विघामे प्रतिविघा २५ से ३० हजार प्रतिवर्ष लिजमे लेके २०७२ सालसे व्यावसायिक घाँस खेती करटै ।

वार्षिक १५ से २० लाख रुप्याके घाँस विक्री करठै । घाँस खेतीके आम्दानीसे मीनराज अब्बे अत्तरियामे दूध डेरी तथा होटल व्यावसायफे सुरु करले बटै । अपने फर्ममे व्यावसायिक रुपमे पालल गैया भैसिनियाके ६० से ७० लिटर शुद्ध दूध डेरीसे विक्री करटै ।

ओस्टेक दार्चुला जिल्लाके लेकम गाउँपालिका–१, सरमोली स्थायी वासिन्दा हाल कैलालीके कैलारी गाउँपालिका–५, पवेरा बैठना ३३ वर्षिय शंकरसिंह बिष्ट छोट अवधिमे कृषि व्यवसायसे मजा सफलता हासिल करले बटै । एकीकृत कृषि व्यवसायसे वर्षमे २८ लाख रुप्या ढेरके कारोबार हुई लागलपाछे उहाँ ओ उहाँक परिवार हाल सुरु करल व्यवसायसे बहुट उत्साहित बटै । बन्डोली एकीकृत कृषि फर्ममार्फत व्यावसायिक कृषि व्यवसाय सुरु करल उहाँ चालू वर्षमे घाँस खेतीसे केल २० लाख रुप्या ढेरके कारोबार करले बटै ।

व्यावसायिक रूपमे ६ विघामे लगाइल घाँससे यी वर्ष करिब २० लाख रुप्याके कारोबार हुइल बटिन कलेसे सक्कु खर्च कटाके १५ लाख रुप्या आम्दानी हुइल बटिन । विष्ट ६ विघामे खेती करेबेर हुकान घरके सक्कु जे रोजगारफे पैले बटै । करेलेसे नेपालमे टमान सम्भावना बा । नेपालके युवा अपन देश छोरके औरेक देशमे कमाई जैना प्रवृति बा, नेपालमे भारी भारी जग्गा जमिन ओस्टेहे खाली बा, खाली जग्गामे लिज लेके आधुनिक फलफूल खेती, व्यावसायिक टिना खेती, पशुपालन लगायत करलेसे नेपालमे विदेशसे ढेर कमाई सेक्जाई । नेपाली युवा औरेक जैसिनफे काम कैना मने अपन देशमे लास मन्ठै । टबमारे नेपाली युवाहुक्रे विदेशमे जाके दुःख पैनासे यिहे अपने नेपालमे टमान मेरिक व्यावसायिक कृषि, पशुपालनमे लग्लेसे यूवाराज, मीनराज ओ शंकरसिह विष्ट जस्टे वार्षिक १५ से ३० लाख कमाई सेक्जाई ।

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