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पाँच वर्षमे धनगढी उपमहानगरपालिकाविरुद्ध २२ रिट निवेदन दर्ता

पहुरा | २२ बैशाख २०७९, बिहीबार
पाँच वर्षमे धनगढी उपमहानगरपालिकाविरुद्ध २२ रिट निवेदन दर्ता

फरछवार सडक बनाई खोजेबेर अवरोध

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २२ बैशाख ।
सुदूरपश्चिम प्रदेशके एक ठो उपमहानगरपालिका हो, धनगढी । १९ वडा रहल यी उपमहानगरपालिकाके मुख्य बजारके सडक अभिन स्तरोन्नति हुई नइसेकल हो । ०७४ सालके निर्वाचनसे जनप्रतिनिधिहुक्रे निर्वाचित हुके आइलपाछे दुर्गम क्षेत्रफे सडक सञ्जालमे जोरलै मने, उपमहानगरपालिकाके मुख्य बजार क्षेत्रके सडक अभिन स्तरोन्नति तथा निर्माण हुई नइसेकल ।

जनप्रतिनिधिहुक्रे मुख्य बजारके सडक स्तरोन्नति आघे बढैना प्रयास करेबेरफे स्थानीयके अवरोधके कारण ठप समस्या हुइल गुनासो करले बटै । राष्ट्रिय आयोजनाके रुपमे परिचित मोहनापुल–अत्तरिया ६ लेन सडकके काम अभिनसम पूरा हुई नइसेकल । सडक कालोपत्रे हुइलसेफे अभिन पुल ओ सडकहे अन्तिम रुप डेना बाँकी रहल आयोजना कार्यालय जनैले बा ।

२०७४ सालमे आघे बह्रल उ आयोजनामे स्थानीयवासीके अवरोधके कारण अल्झल रहे । २०७४ साल पुस १९ गते धनगढी उपमहानगरपालिका–३ के १३ जाने घरधनी क्षतिपूर्तिसहितके माग करटी सर्वोच्च अदालतमे रिट निवेदन दायर करलै ।

धनगढी उपमहानगरपालिकाभिटरके ६ लेन सडक निर्माणके क्रममे सडक किनारके कुछ घर तथा भौतिक संरचना भत्काई पर्ना अवस्था आइलपाछे १३ जाने धनगढी उपमहानगरपालिकाहे विरोधी बनाके अदालतमे रिट निवेदन दायर करले रहिट । सडक किनाराके घरधनीहुक्रे अदालतमे रिट निवेदन दायर करलपाछे मोहना–अत्तरिया ६ लेन सडकके धनगढी खण्डके निर्माण कार्य दुई महिना अवरुद्ध हुइल ।

२०७५ साल जेठ २५ गते धनगढी वडा नम्बर ३ के भृकुटी कार्की धनगढी उपमहानगरपालिका तथा पाँच जाने विरुद्ध ‘सडक क्षेत्रमे रहल घर भत्काइल कहटी’ अदालतमे रिट निवेदन दायर करली । अदालतमे रिट दायर हुइलपाछे फेर माघ महिनासम ६ लेन सडकके निर्माण कार्य आघे बह्रे नइसेकल । अदालतसे २०७५ साल माघ २१ गते उ रिट निवेदन खारेज करल रहे ।

२०७५ साल जेठ १८ गते फेरसे भृकुटीसे जयदेव बिष्ट समेत १६ जाने विरुद्ध लुटपिट मुद्दा दर्ता करली । अदालते उ रिटमे दाबी नइपुगल कहटी माघ २१ गते खारेज करल । मोहना–अत्तरिया ६ लेन सडक निर्माणके क्रममे डेखल अवरोध मन्से यी उप्परके घटना कुछ उदाहरण केल हुइट । कौनोफे सडक फरछवार बनैना प्रक्रिया आघे बह्रटी बेर अवरोधउप्पर अवरोध ठप्ना करल बटै । धनगढी उपमहानगरपालिकासे रिङ रोड निर्माण कार्य आघे बढाईबेरफे बारबार अवरोधके सामना करे परल रहे ।

भृकुटीसे क्याम्पस रोड–त्रिनगर भन्सार हुलाकी सडक निर्माणके क्रममेफे अदालतमे रिट निवेदन दायर करल रहिट । उहाँ २०७५ साल वैशाख १२ गते वडा नम्बर ३ के निवर्तमान वडा अध्यक्ष बलबहादुर ऐरसहित ११ जाने विरुद्ध अदालतमे रिट निवेदन दायर करल रहिट । अदालतसे दावी नइपुगल कहटी माघ २१ गते उ रिट निवेदन खारेज करल रहे ।

उहे समयमे धनगढीके राजपुर–कैलाली गाउँ–एयरपोर्ट सडक निर्माणफे प्रभावित हुइल रहे । स्थानीय हिरादत्त भट्ट धनगढी उपमहानगरपालिकाके कार्यालयसहित तीन जनहनहे विपक्षी बनाके २०७५ साल वैशाख २० गते रिट दायर करल रहिट । दाबी नइपुगल कहटी अदालतसे असार ११ गते रिट निवेदन खारेज करल ।

२०७५ जेठ १३ गते बोधराज चौधरीसमेत तीन जाने धनगढी उपमहानगरपालिकाके कार्यालय, तथा ३ नम्बर वडाके अध्यक्षसमेत ११ जनहनहे विपक्षी बनाके अदालतमे रिट निवेदन दायर करलै । अदालतसे माघ २२ गते दाबी नइपुगल कहटी उ रिट निवेदन खारेज करल । अदालतसे रिट निवेदन खारेज हुइलपाछे निर्माण कार्य आघे बह्रल, मने २०७६ साल वैशाख ८ गते उहे स्थानके गोकर्ण पौडेल अदालतमे दुसर रिट निवेदन दायर करलै । उ समयसम उ सडकके ९५ प्रतिशत काम पूरा हुसेकल रहे । अदालतसे २०७६ सावन २२ गते उ रिट निवेदन खारेज करल ।

२०७४ सालमे धनगढीस्थित नैनादेवी टोल पक्की नाला निर्माण कैना क्रममे कैलाली मोडल स्कुलसे धनगढी उपमहानगरपालिकाहे विपक्षी बनाके कैलाली जिल्ला अदालतमे रिट निवेदन दायर करल रहे । अतिक्रमण करके भवन निर्माण करल कहटी हटाईबेर स्कुलसे मुद्दा दायर करलपाछे कुछ महिना काम प्रभावित हुइल रहे । झण्डे नौ महिनापाछे उ मुद्दा अदालतसे खारेज करल रहे ।

धनगढी उपमहानगरपालिकामे सडक, ढल निर्माणके क्रममे डेखल यी कुछ प्रतिनिधिमूलक घटना केल हुइट । धनगढी उपमहानगरपालिकामे २०७४ सालमे जनप्रतिनिधिहुक्रे निर्वाचित हुके आइलपाछे सबसे ढेर सडक, नाली निर्माण लगायतके काम कुछ व्यक्तिके अवरोधके कारण प्रभावित हुइल रहे । पाँच वर्षके अवधिमे धनगढीमे निर्माण हुइटी रहल ओ निर्माण हुसेकल सडक तथा ढलनाली विरुद्ध धनगढी उपमहानगरपालिकाहे विपक्षी बनाके अदालतमे २२ ठो मुद्दा दर्ता हुइल उपमहानगरपालिकासे जनैले बा ।

‘उपमहानगरपालिकामे जनताके सबसे ढेर माग सडक ओ पक्की नालीके हो, मने सडक फरछवार बनाई खोजेबेर होए वा ढलनाली बनैना क्रममे होए, कोईफे अपन एक इन्च जग्गाफे छोरे नइमन्ठै,’ धनगढीके जनप्रतिनिधि कहठै, ‘कानुन प्रयोग करके सडक किनाराके भौतिक संरचना खाली कराई खोजलेसे भर अदालतमे रिट दर्ता करठै । अदालतसे फैसला हुइना वर्षौं लागठ । यकर कारण विकास निर्माण योजना समयमे पूरा कैना चुनौती हुइना करल बा ।’

धनगढीके निवर्तमान नगर प्रमुख नृपबहादुर वड कहलै, ‘जे कोइफे औरके घर भत्काके सडक फरछवार बनाईबेर वा नयाँ सडक बनाइबेर ताली पिटठै मने अपने एक इन्च जग्गाफे नमासे कना ठन्ठै । बल प्रयोग करके हटैना प्रयास करेबेर अदालतमे रिट निवेदन दायर करठै ।’

उहाँ अदालतमे रिट निवेदन दायर हुइल कारण धनगढीके कुछ सडकके काम अभिनफे पूरा हुई नइसेकल बटैलै ।

धनगढीके मोहनापुल–अत्तरिया ६ लेन सडक, एशियाली विकास बैंकके आर्थिक सहयोगमे निर्माणाधीन टमान सडकमेफे घरधनी संरचना नइहटाके काम आघे बह्रे नइसेकल हो । चटकपुर–क्याम्पसरोड सडकखण्ड, डिभोटीसे पिप्लचौतारा सडक लगायतका सडकके कामके प्रगति सन्तोषजनक रहलेसेफे चर्चसे ट्राफिक चौराहसमके सडके संरचना नइभत्काके कुछ क्षेत्रमे काम आघे बह्रे नइसेकल हो ।

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