थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं १३ आश्विन २०७९, बिहीबार ]
[ 29 Sep 2022, Thursday ]
‘ मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन कैना बनल विद्येयक २०७९ बारे छलफल ’

‘ऐन अब्बे आवश्यक बा’

पहुरा | २९ श्रावण २०७९, आईतवार
‘ऐन अब्बे आवश्यक बा’

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, २९ सावन ।
मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन कैना बनल विद्येयक २०७९ बारे अँटवारके रोज छलफल हुइल बा ।

प्रदेश कानुन सुधार तथा सुझाव समिति सुदूरपश्चिम प्रदेशसंगके समन्वयमे राष्ट्रिय मुक्तहलिया हलिया समाज महासंघ नेपाल ओ मुक्तकमैया महिला विकास मञ्च कैलालीके संयुक्त आयोजनामे उ विद्येयकबारे छलफल हुइल हो । कानून मन्त्रालयमे पठैना तयारी अवस्थामे उ विद्येयकबारे अन्तिम चो मुक्तहलिया, कमैया, कमलरीहुकनके प्रतिनिधिसे छलफल करल सुझाव समितिके सदस्य तथा संविधान सभा सदस्य हरि श्रीपाइली बटैलै ।

कार्यक्रमके वकडा पहुना रहल सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारके मुख्य न्यायधिवक्ता कुलानन्द उपाध्याय सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार अब्बे करिब ५४ ठो ऐन बनासेकल ओरसे मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन ऐन तुरुन्त बनाई पर्ना जरुरी रहल बटैलै । उहाँ कहलै, मुक्तहलिया, कमैया, कमलरीके पुनस्र्थापना नइहुइटसम यी ऐनके काम बा, पाछे ओइनके पुनस्र्थापना हुसेक्लेसे यी नन्ना काममे नइहो ।

सुझाव समितिके सदस्य तथा संविधान सभा सदस्य हरिश्रीपाइली प्रदेश सांसदहुक्रे अपने पैना सेवा सुविधाके लाग हाली ऐन बनैना मने जनताके आवश्यकता पर्ना ऐन कानून मनैना ध्यान नइडेहल आरोप लगैलै । उहाँ कहलै, प्रदेश सरकार पाँच बरसे आयु ओराई लागल मने महत्वपूर्ण ऐन बनैनामे असफल हुइल बा । सेवा सुविधा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वन, भुमि सम्बन्धी ऐन पास हुइल मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन कैना बनल विद्येयक काहे अटकल ।

प्रदेश कानून मन्त्रालयके सचिव लक्ष्मी प्रसाद जैशी मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन कैना बनल विद्येयक २०७९ के ९५ प्रतिशत काम हुइल बटैलै ।

मुक्तकमैया आन्दोलनके अगुवा तथा वेसके कार्यवाहक अध्यक्ष यज्ञराज चौधरी कमैया मुक्ती हुइलक २२ बरस केल हुइल मने अपने ३०/३२ बरससे कमैया मुक्ती हुइल परल कहिके आन्दोलनमे लागल बटैलै । अब्बेफे वास्तविक मुक्तकमैया, हलिया, कमलरी सरकारके तथ्याङकसे बन्चित बटै, ओइनके समेटे उहाँ बटैलै । मुक्तकमैया आन्दोलनके अगुवा चौधरी मुक्तहलिया, कमैया, कमलरीके अलग आयोग गठन कैनाफे बटैले बटै ।

मुक्तकमैया महिला विकास मञ्चके अध्यक्ष कौशिला चौधरी मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी ऐनमे पुनस्र्थापनाके विशेष व्यवस्था कैनामे जोड डेहल रहिट । उहाँ कहली पहिले मुक्तकमलरीन परिचयपत्र नइडेहल ओइने भोज कैके गैल मने ओइनके लर्का शिक्षा स्वास्थ्यसे नइपाइल अवस्था बा ।

पत्रकार अविनास चौधरी मुक्तकमलरीहुक्रे मालिकके घर कमलरी बैठेबेर टमान जानेक लर्क हुइल मने बाबक पहिचान हुई नइसेकल कारण स्वास्थ्य शिक्षा लगायत सेवासे बञ्चित हुइल बटैलै । मुक्तकमैया अगुवा रामफल थारु सरकारसे मुक्तकमैयाहुकन अनुदानमे जग्गा खरिदके डेहल मने ओकरे कारण बहुट जानेक विचल्ली हुइल बटैलै । उहाँ पुनस्र्थापना हुइल मुक्तकमैया अभिन फाइदा उठाइल मने पुनस्र्थापनासे बन्चित मुक्तकमैया मारमे परल बटैलै ।

मुक्त कमलरी विकास मञ्चके जिल्ला उपाध्यक्ष सुमित्रा चौधरी मुक्तकमलरीहुकन सीपसंग्गे व्यवसायके लाग लोनके व्यवस्था कैना आग्रह करली । उहाँ कहली, ‘मुक्तकमलरीन ठेन जग्गा नइहो, बैंकमे लोन मागे जैबो टे जग्गाके प्रमाणपत्र मग्ठै । हम्रे सीपमुलक तालिम पाइल मने व्यवसायके लाग लोन कहाँसे पैना टे ?’ मुक्तकमलरीहुकनहे सरकारी परिचयपत्र नइहुइल कारण शिक्षा, स्वास्थ्य ओ रोजगारसे बञ्चित हुइल उहाँ बटैली ।

कामासुके अध्यक्ष भागीराम चौधरी भौतिक पूर्वाधार निर्माण हुईबेर मुक्तकमैयाहुक्रे क्षतिपूर्ति नइपाइल बटैलै । छलफल कार्यक्रममे मुक्तकमैया अगुवा दिपु चौधरी, नेपाल राष्ट्रिय दलित समाज कल्याण संघके अध्यक्ष चक्र विक, शिवी लुहार लगायत सुझाव डेहल रहिट ।

राष्ट्रिय मुक्तहलिया हलिया समाज महासंघ नेपालके केन्द्रीय अध्यक्ष ईश्वर सुनारके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रमबारे लुथरन विश्व फेडरेशनके परियोजना प्रमुख मानध्वज खत्री जानकारी डेहल रहिट । कार्यक्रमके संचालनके राष्ट्रिय मुक्तहलिया हलिया समाज महासंघ नेपालके कार्यकारी निर्देशक हरिसिंह बोहारा करले रहिट ।

उ विद्येयक पास हुइलपाछे यकर नाउँ मुक्तहलिया, कमैया, कमलरी व्यवस्थापन ऐन २०७९ रहना परिच्छेद १ मे कहल बा । साथे यी परिच्छेदमे परिभाषा डेहल बा । परिच्छेद २ मे मुक्त हलिया, कमैया, कमलरीके हक सम्बन्धी व्यवस्था करल बा । परिच्छेद ३ मे प्रदेश स्तरीय तथा स्थानीय तह स्तरीय समिति सम्बन्धी व्यवस्था करल बा ।

परिच्छेद ४ मे सदस्य सचिव, कोष ओ व्यवस्थापन सम्बन्धी व्यवस्था करल बा । परिच्छेद ५ मे उजुरी, सजाय, पुनरावेदन ओ परिच्छेद ६ मे विविध कैके उलेख्ख हुइल बा ।

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