थारु राष्ट्रिय दैनिक
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कैलारी पानीजन्य प्रकोपसे पीडित बाः गाउँपालिका अध्यक्ष

पहुरा | २४ जेष्ठ २०८१, बिहीबार
कैलारी पानीजन्य प्रकोपसे पीडित बाः गाउँपालिका अध्यक्ष

पहुरा समाचारदाता
हसुलिया, २४ जेठ ।
कैलारी पानीजन्य प्रकोपके सामना करे परल गाउँपालिका अध्यक्ष राजमझ चौधरी बटैले बटै ।
देवीदल गुल्म तेघरी ओ कैलारी गाउँपालिकाके सयूक्त आयोजनामे विपद जोखिम न्यूनिकरण कार्यक्रममे गाउँपालिका अध्यक्ष उ बाट बत्वाइल रहिट । उहाँ कहलै, ‘यी पालिकामे पर्ना मोहना, कटैनी, घुरहा लडियाके कारण डुबान, कटान ओ पटान हुके कैलारीबासी पीडित हुइल बटी । बर्षेणी खेती योग्य जमिन कटानी हुइटी जाइटा, हुइल धानबाली डुबानके समस्या बा ।’

कैलारीके वडा आगलागीके सामाना समेत करे पर्ना अवस्था आइल बा,’ उहाँ कहलै, ‘दुई बरष पहिले वडा नम्बर ७ के विपतपुर मुक्तकमैया बस्ती जरके भुवा बनल पीडा बा । अशौक चैत बैशाखमे आगीके ढेर जोखिम रहे । उहीहे रोकेक पालिका प्रयास करल रहे । गोहुक लरुवामे आगी नइलगैना सचेतफे पारल रहे ।’

आब बाढ प्रकोपके समय आइलागल ओरसे विपत प्रतिकार्य दलहे तयारी अवस्थामे बैठनाफे उहाँ आग्रह करलै ।


कार्यक्रममे देवीदल गुल्म तेघरीके प्रमुख प्रेम खत्री नेपाली सेनासे विपदके क्षेत्रमे करटी रहल योगदान ओ अब्बेसम आइल विपदमे कैगिल प्रयासबारे जानकारी डेहल रहिट । विपद अइलेसे स्थानीय तहके गठन हुइल प्रतिकार्य दलहे समन्वय करके जोखिम न्यूनिकरण करे सेक्ना बटैलै ।

विपद जोखिम न्यूनिकरण छलफल कार्यक्रममे गाउँपालिका उपाध्यक्ष भगवतीकुमारी चौधरी, प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत लक्ष्मीदत्त भट्ट, वडा अध्यक्षहुक्रे, कार्यपालिका सदस्य, विपदके क्षेत्रमे काम करटी आइल संघ संस्थाके प्रतिनिधिहुकनके सहभागिता रहे । कार्यक्रममे सहजीकरण सामाजिक विकास शाखा प्रमुख यगम कलेल करल रहिट ।

नेपाल बहुप्रकोपीय जोखिमयुक्त मुलुक हो । मनसुनके समयमे प्राकृतिक तथा गैर प्राकृतिक घटनासे अत्याधिक जोखिमके अवस्था सृजना हुइना करठ । नेपाल विश्वमे जलजन्य प्रकोपमे ३० औं ओ बहु प्रकोपिय जोखिममे २०औं स्थानमे परठ । नेपालमे हिन्द महासागरमे विकास हुके बंगालके खाडी हुइटी प्रवेश कैना मनसुनी वायुके कारण सामान्य तया जेष्ठसे कुवाँरसम्म निरन्तर वर्षा हुइना करठ ।

नेपालमे वार्षिक वर्षाके ८० प्रतिशन वर्षा मनसुनी वर्षाके रुपमे लेना ओ निरन्तर, भारी मात्रामे वर्षा हुके यी विपदके रुप लेना करठ । कमजोर भौगोलिक अवस्था, लडिया, जल प्रवाह मार्गमे अतिक्रमण, मौसमी विषमताके कारण मनसुन जन्य विपदके घट्नासे नेपालमे वर्षेनी भारी जनधनके क्षति हुइना करल बा । कैलाली जिल्ला मनसुनजन्य प्रकोपसे जन धनके क्षति हुइना करल बा ।

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