थारु राष्ट्रिय दैनिक
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[ वि.सं २ श्रावण २०८१, बुधबार ]
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सुदूरपश्चिमके बजेट ३१ अर्ब ६२ करोड ९८ लाख

पहुरा | १ असार २०८१, शनिबार
सुदूरपश्चिमके बजेट ३१ अर्ब ६२ करोड ९८ लाख

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १ असार ।
सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे अइना आर्थिक वर्ष २०८१÷८२ के लाग ३१ अर्ब ६२ करोड ९८ लाख २८ हजार बजेट नन्ले बा ।

शनिच्चरके रोज प्रदेशके आर्थिक मामिला मन्त्री सुरेन्द्रबहादुर पाल प्रदेश सभाके बैठकमे अइना आर्थिक वर्षके लाग ३१ अर्ब ६२ करोड ९८ लाख २८ हजार बराबरके वार्षिक बजेट प्रस्तुत करल हुइट । आगामी वर्षके लाग चालु खर्चओर ११ अर्ब ७ करोड १९ लाख ६३ हजार ओ पुँजीगतओर १७ अर्ब ५३ करोड ८ लाख ५५ हजार बजेट विनियोजन करल जानकारी डेलै ।

अन्तर सरकारी वित्तीय हस्तान्तरणओर २ अर्ब ९२ करोड ओ वित्तीय व्यवस्थाओर १० करोड विनियोजन करल बा । सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे चालु आर्थिक वर्षके लाग २९ अर्ब २६ करोड रुपैयाँ बराबरके बजेट नानल रहे ।

अइना आर्थिक वर्षके लाग विनियोजन करल बजेटके खर्च व्यहोर्न स्रोतओर आन्तरिक राजश्व परिचालन एक अर्ब ६० लाख १५ हजार, संघीय सरकारके राजश्व बाँडफाँडओर ९ अर्ब ९९ करोड, संघीय रोयल्टीसे चार करोड ४० लाख, वित्तीय समानीकरण अनुदान आठ अर्ब ७२ करोड २७ लाख, चालु वर्षके बजेटसे बचत हुइना ६ अर्ब १५ करोड, संघीय सरकारसे डेना सर्शत अनुदानओर तीन अर्ब १३ करोड, समपूरक अनुदान एक अर्ब ४२ करोड ओ विशेष अनुदान ५५ करोड हुइना अनुमान करल बा ।

सरकारसे भौतिक पूर्वाधार विकासओर सबसे ढेर १३ अर्ब ३५ करोड, भूमि व्यवस्था कृषि तथा सहकारी क्षेत्रमे तीन अर्ब ९ करोड, उद्योग पर्यटन वन तथा वातावरण क्षेत्रओर दुई अर्ब ४ करोड, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा खेलकुद क्षेत्रओर ६ अर्ब ७४ करोड बजेट विनियोजन करल बा ।

लुम्बिनीके बजेट ३८ अर्ब ९५ करोड

लुम्बिनी सरकारसे आर्थिक वर्ष २०८१÷८२ के लाग ३८ अर्ब ९५ करोड ९५ लाख ३६ हजार रुप्याके बजेट प्रदेश सभामे प्रस्तुत करले बा । प्रदेशके आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्री चेतनारायण आचार्य शनिच्चरके प्रदेश सभा वैठकमे उ बजेट प्रस्तुत करल हुइट ।

कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन ओ पुर्वाधारके अधिकांश पुराना ओ अधुरा आयोजना तथा कार्यक्रमहे प्राथमिकता डेके बजेटमे रकम विनियोजन करल बा ।

राजश्व संकलनमे आइल कमीके कारण प्रदेश सरकारसे बजेटके आकार गैल वर्षसे २ अर्ब घटैले बा । प्रदेश सरकारसे आर्थिक वर्ष २०८०–८१ के लाग ४० अर्ब ४६ करोड ८९ लाख ५७ हजार रुपैयाँके बजेट नानल रहे । बजेटमे प्रदेश सञ्चित कोषउप्पर व्ययभार हुइना रकमओर १ करोड ४ लाख ६४ हजार विनियोजन करल बा । आगामी आर्थिक वर्षके कूल खर्च ३८ करोड ९७ करोड विनियोजन करल बा ।

विनियोजन रकममध्ये चालूओर ११ अर्ब २४ करोड २७ लाख रुपैयाँ ओ पूँजीगओर २४ अर्ब ५८ करोड रुपैयाँ बा । वित्तीय हस्तान्तरणके लाग ३ अर्ब १४ करोड रुपैयाँ छुट्याइल बा ।

आगामी वर्षमे अनुमान करल खर्च ब्यहोर्न स्रोत आन्तरिक राजश्वमार्फत ७ अर्ब ५१ करोड ओर संघसे प्राप्त हुइना राजश्वमार्फत १२ अर्ब १ करोड ओ संघसे प्राप्त हुइना रोयल्टी ५० करोड ओ स्थानीय तहसे प्राप्त हुइना राजश्व २ अर्ब ९२ करोड हुइना अनुमान करल बा ।

बजेटमे लुम्बिनी प्रादेशिक अस्पतालके १२ सय शय्याके भवन बनैना एक अर्ब ८० करोड विनियोजन करल बा । ओस्टेक करके उहे अस्पतालमे एमआरआई मेसिन खरिद कैना १५ करोड छुट्याइल बा ।

कोशी सरकारसे नानल ३५ अर्ब २७ करोडके बजेट

कोशी प्रदेश सरकारसे अइना आर्थिक वर्ष २०८१÷८२ के लाग ३५ अर्ब २७ करोडके बजेट नन्ले बा ।
शनिच्चरके रोज आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्री रामबहादुर मगर चालु आर्थिक वर्षसे एक अर्ब कमके बजेट प्रदेशसभा बैठकमे प्रस्तुत करल हुइट ।

चालू आर्थिक वर्षके लाग कोशी सरकारसे ३६ अर्ब ७४ करोडके बजेट नानल रहे । प्रदेश सरकारसे अइना वर्षके लाग चालु ओर १४ अर्ब ४७ करोड ३० लाख ओ पुँजीगत ओर १६ अर्ब २० करोड ओ वित्तीय व्यवस्थाओर ४ अर्ब ५८ करोडके बजेट विनियोजन करल बा ।

बजेटके स्रोतओर आन्तरिक आम्दानी ४ अर्ब ९८ करोड अनुमान करल बा कलेसे बाँकी रकम संघीय सरकारके अनुदान हो । अइना आर्थिक वर्षके बजेटमार्फत कोशी सरकारसे कृषि उत्पादकत्व वृद्धि कैना, भौतिक पूर्वाधार विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य ओ गरिबी निवारणहे प्राथमिकतामे राखल बा ।

कृषिमे व्यवसायिकरणके लाग कृषि ऋणके व्याजमे सहुलियत डेना व्यवस्था बजेटमे करल बा । अइना आर्थिक वर्षसे कृषि अनुदान निरुत्साहित कैना सरकारके योजना बा । कोशी सरकारसे खोरेत रोग निर्मुल कैना घोषणा करले बा । सरकारसे घरेलु मदिराके ब्राण्डिङ कैना संघीय सरकारसँग समन्वय करके काम कैनाफे मन्त्री मगर घोषणा करलै ।

बहुबर्षीय तथा नयाँ भौतिक पूर्वाधार विकासके लाग सरकारसे १० अर्ब ५१ बजेट विनियोजन करले बा । भूमिगत सिँचाइके लाग सरकारसे २० करोड रुप्या विनियोजन करले बा । विद्युतीय चार्जिङ स्टेसनके लाग ३ करोड रुपैयाँ विनियोजन करल बा । सरकारसे एक घर एक धाराके योजनाफे आघे सारल बा ।

जेकर लाग एक अर्ब ३८ करोड बजेट विनियोजन करल बा । प्रदेशके सक्कु अस्पतालसे विशेषज्ञ सेवा डेना ६ करोड रुपैयाँ विनियोजन हुइल बा । बालबालिकाके उपचारके लाग सरकारसे प्रदेश मातहतके अस्पतालके केल सेवा प्रवाह कैना घोषणा करले बा । यी आघे केदार कार्कीसे चालु आर्थिक वर्षके लाग १० वर्ष टरेक बालबालिकाके उपचार निशुल्क कैना घोषणा करल रहिट । स्वास्थ्य क्षेत्रमे सरकारसे ३ अर्ब ५८ करोड रुप्या विनियोजन करले बा । सरकारसे सामाजिक क्षेत्रके विकासके लाग १ अर्ब ९८ करोड बजेट विनियोजन करले बा ।

गण्डकी प्रदेशके बजेट ३२ अर्ब ९६ करोड

गण्डकी प्रदेश सरकारसे आर्थिक बर्ष २०८१÷०८२ के लाग ३२ अर्ब ९६ करोड ८५ लाख बजेट नन्ले बा । आर्थिक मामिला मन्त्री टकराज गुरूङ चालुओर १३ अर्ब १६ करोड अर्थात ३९ प्रतिशत ओ पुँजीगतओर ६० प्रतिशत अर्थात १९ अर्ब ५१ करोड करोड बजेट विनियोजन करल शनिच्चर प्रदेशसभामे जानकारी करैलै ।

बजेटके यी आकार चालु आर्थिक वर्षसे ८५ करोडसे कम बजेट नन्लै । आर्थिक वर्ष २०८०÷०८१ के बजेट ३३ अर्ब ८२ करोड रहे । गण्डकी प्रदेशसे पर्यटन, कृषि, खानेपानीमे जोड डेलेसेफे पूर्वाधारमे भारी बजेट छुट्यइल बा । व्यावसायिक कृषि ओ यकर रूपान्तरण करटी उत्पादन ओ रोजगारमे जोड डेले बटै । कृषि कर्जामे जोड डेटी गाँजा खेतीके कानुनी डगर खोल्न गुरूङ बटैलै ।

१२ अर्ब ७० करोड रूपैयाँ भौतिक पूर्वाधार क्षेत्रमे बिनियोजन हुइल बा । गण्डकीमे खाद्यान्य उत्पादन वृद्धि कैना १२ करोड रूप्या छुट्यइल बा । कृषि तथा भूमि व्यवस्था मन्त्रालयके लाग २ अर्ब ९ करोड, पोखराहे पर्यटकीय राजधानीके रूपमे केन्द्रमे धारके ग्रामीण पर्यटन, होमस्टेके विकास ओ ११ जिल्लामे विशेष कार्यक्रम कैना उहाँ बटैलै । सामाजिक क्षेत्रके लाग २ अर्ब ९ करोड रूपैयाँ, आगामी वर्ष गण्डकी प्रदेश सभाके भवनफे निर्माणके लाग ९ करोड रूपैयाँ विनियोजन हुइल बा । ७० प्रतिशत घरमे खानपानी धारा जडान कैना ८ करोड रूपैया, ४ अर्ब रूपैयाँ ऊर्जाके क्षेत्रमे छुट्यइल अर्थमन्त्री गुरूङ सुनैलै ।

कर्णालीके बजेट ३१ अर्ब ४१ करोड

कर्णाली सरकारसे आगामी आर्थिक वर्षके बजेट सार्वजनिक करले बा । प्रदेश सरकारसे आगामी आर्थिक वर्ष २०८१÷०८२ के लाग ३१ अर्ब ४१ करोड ४१ हजार रुपैयाँ कुल बजेट नन्ले बा ।
आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्री महेन्द्र केसी बजेट प्रस्तुत करटी पूँजीगतओर १८ अर्ब ७५ करोड ८ लाख ६८ हजार रुप्या विनियोजन करलै । यी कुल बजेटके ५९.७ प्रतिशत हो ।

चालुओर ७ अर्ब ५७ करोड ५५ लाख ९२ हजार रहल बा । वित्तीय व्यवस्थापनओर ०.८ प्रतिशत अर्थात २५ करोड रुपैयाँ विनियोजन करल बा । प्रदेश सरकारसे ४ अर्ब ८३ करोड ३५ लाख ५१ हजार रुपैयाँ स्थानीय तहमे हस्तान्तरण कैना घोषणा करले बा ।

सरकारसे नानल बजेट चालु आर्थिक वर्षसे २ अर्ब घटके आइल बा । चालु आर्थिक वर्षमे ३३ अर्बके बजेट नानल रहे । प्रदेश सरकारसे आगामी आर्थिक वर्षमे अपन आम्दानी ८३ करोड ४४ लाख ६५ हजार रुपैयाँ हुइना अनुमान करले बा ।
बाँकी रकम संघीय सरकारके अनुदानमे ओ चालु वर्षमे खर्च नइहुइल बजेटमे भर परल बा । चालु आर्थिक वर्षमे खर्च नइहुइल ५ अर्ब १३ करोड ८१ लाख २६ हजार रुपैयाँ रहन मन्त्री केसी बटैलै ।

प्रदेशके कुल बजेटमध्ये संघीय सरकारसे राजस्व बाँडफाँटबापतके रकम ९ अर्ब ३८ करोड ५३ लाख प्राप्त हुइल बा । वित्तीय समानीकरण अनुदानओर १० अर्ब ३६ करोड ६३ लाख प्राप्त हुइल बा कलेसे सशर्त अनुदानओर ३ अर्ब ७१ करोड ५० लाख रुपैयाँ प्राप्त हुइल बा ।

ओस्टेक संघीय सरकारसे समपूरक अनुदानओर १ अर्ब २८ करोड ५० लाख ओ विशेष अनुदानओर ६७ करोड ६५ लाख रुपैयाँ प्राप्त हुइल अर्थमन्त्री केसी जानकारी डेलै ।

भौतिक पूर्वाधार तथा सहरी विकास मन्त्रालयहे अइना आर्थिक वर्षके लाग १० अर्ब ४६ करोड विनियोजन करल बा । स्वास्थ्यओर कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठानमे ब्लड बैँक स्थापना कैना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थामे सुत्केरी महिलाहे पोषण भत्ता उपलब्ध करैना जैसिन कार्यक्रम घोषणा करल बा ।

‘कर्णाली स्वास्थ्य नागरिक अभियानके लाग ८ करोड, मुख्यमन्त्री रोजगार कार्यक्रमके लाग १ अर्ब १६ करोड, भूमि, व्यवस्था, कृषि मन्त्रालयके लाग १ अर्ब ८६ करोड, रारा, काँक्रेविहार, बुलबुले उद्यान लगायतके पर्यटकीय स्थलके गुरुयोजना कार्यान्वयन कैना १४ करोड विनियोजन करल बा ।

उद्योग, पर्यटन, वन तथा वातावरण मन्त्रालयके लाग १ अर्ब ९४ करोड, अन्तर प्रदेश सडक निर्माण गर्न ३९ करोड, सडक ओ पुल निर्माण कैना ६८ करोड ९७ लाख रुपैयाँ, रिम्बो बस्ती विकासके लाग ८६ करोड बजेट विनियोजन करल बा ।
आगामी आर्थिक वर्षमा ३७० ठो विद्यालयके भौतिक सुधारके लाग १० करोड, भूकम्पसे भत्कल शिक्षण संस्था निर्माण कैना ५० करोड रुपैयाँ विनियोजन करल बा ।

सामाजिक विकास मन्त्रालयके लाग ५ अर्ब ७२ करोड विनियोजन करल बा । जलविद्युत क्षेत्रमे ‘कर्णालीके पानी, जनताके लगानी’ नामक नारा नानल बा । जलस्रोत तथा ऊर्जा विकास मन्त्रालयके लाग २ अर्ब ८६ करोड रकम विनियोजन करल बा ।

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