आफन्त ओ कम उमेरके पीडकसे बालिका असुरक्षित
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, १३ कार्तिक । सुदूरपश्चिम प्रदेशमे यौन दुब्र्यबहार ओ बलात्कारके घटना बह्रटी गैल तथ्य महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक)से दस्तावेजिकण करल तथ्याङ्कसे पुष्टि करले बा ।
संस्थासे अपन कार्यालयमे आइल ओ फिल्डसे सङ्कलित जुलाईसे सेप्टेम्बर २०२६ समके घटनाके तथ्याङ्कहे त्रैमासिक प्रेस विज्ञप्ती सार्वजनिक करटी ओसिन घटना बह्रल ओरेकके सुदूरपश्चिम प्रदेश संयोजक सपना थापा जनैली ।
दस्तावेजिकरण हुइल घटनाहे हेरेबेर अपन बाबा, आफन्त ओ चिनजानके व्यक्तिसे बालिकाहुक्रे असुरक्षित रहल अवस्था डेखल त्रैमासिक प्रेस विज्ञप्ती सार्वजनिक करटी उहाँ जनैली । समुदायमे घटल बलात्कार जैसिन जघन्य अपराधके घटना प्रायः गुपचुप ढारके गाउँमे मिलापत्र कैना ओ जिल्लासम आपुगल घटनाफे टमान तवरसे दबैना प्रवृत्ति रहल उहाँ जनैली ।
ओरेकसे यैसिन घटनाहे अत्यन्त गम्भीरताके साथ लेके तथ्याङ्क विश्लेषणमे यी अवधि जुलाईसे सेप्टेम्बर, २०२६ मे सुदूरपश्चिम प्रदेशके कार्यालयसे लैङ्गिक विभेदमे आधारित हिंसाके कुल ४५ ठो घटना अभिलेखिकरण करले बा ।
जेम्ने यौन हिंसा २८.८९ प्रतिशत अर्थात १३ ठो घटना यौन हिंसाके रहल बटै । जौन अन्तर्गत बलात्कार ४६.२ प्रतिशत (६ ठो), यौन दुब्र्यबहार १५.४ प्रतिशत (२ ठो), बलात्कारके प्रयास १५.४ प्रतिशत (२ ठो) ओ बैवाहिक बलात्करके घटना २३.१ प्रतिशत (३ ठो) घटना रहल बटै ।

महिला हिंसाके कुछ प्रतिनिधिमूलक घटना
कैलालीके १३ वर्षीया “समिता” (परिवर्तित नाम) दुई वर्षसे परिवारसंग धनगढीमे बैठटी आइल रहिट । पूर्ण रूपमे अपाङ्गता रहल बाबक हेरचाह करटी, उहाँक डाई अक्केली दैनिक मजदुरी करके परिवारके खर्च धन्टप् आइल रहिट । आर्थिक अभावके कारण डाइहे सहयोग कैना समितासेफे पढाइ छोरके मजदुरी करे लागल रही । दुई वर्षसे चिनजान हुइल एक व्यक्ति ओइने बैठल घरमे कोठा भाडामे लेके बैठटी आइल रहिट । गैल २०८२ फागुन ८ गते डाई मजदुरीमे गैल समयमे उहाँ समिताहे “एक ठो काम बा” कहटी फकाके अपन कोठाम लैजाके जबरजस्ती करणी करलै ।
स्वास्थ्य अवस्थाबारे पर्याप्त जानकारी नैहुइल कारण समितास घटना कुहीहे बटाई नैसेक्ली । उहाँक डाईहे छिमेकीसे समिता मोटैटी गैल, यी टे गर्भवती हुइल बा क्यारे, कहलपाछे गैल सावन महिनामे अस्पताल लैगिल रहे । अस्पतालसे करिब २५ हप्ताके गर्भ रहल जानकारी डेहलपाछे उहाँक डाई कानुनी तथा आर्थिक सहयोग खोज्टी ओरेकमे आपुगल रहिट ।
ओरेकके समन्वयमे प्रहरीमे जाहेरी दर्ता करके ओसिएमसी मार्फत प्रभावितके इच्छा अनुसार सुरक्षित गर्भपतन ओ आवश्यक उपचारके व्यवस्था कैगिल । आर्थिक रूपमे कमजोर डाइक लाग छाईक अवस्था ओ घरमे अपाङ्ग गोसियाके हेरचाहके जिम्मेवारीसे थप मानसिक, सामाजिक ओ आर्थिक बोझ सिर्जना करले बा ।
ओस्टेक करके कैलालीके ८ ओ ६ वर्षीया दुई दिदीबहिनीसे नम्मा समयसे यौनाङ्ग बठैना ओ खुङजैना समस्या बटैटी आइल रहिट । परिवारसे सामान्य एलर्जी ठानके सरसफाइमे ध्यान डेटी औषधि खवैना करिट । एक दिन ६ वर्षीया बालिकाके पीडा असह्य हुइलपाछे अस्पताल लैजागिल । स्वास्थ्य परिक्षण पश्चात् स्त्रीरोग विशेषज्ञसे यौनाङ्गमे गम्भीर क्षति हुइल जानकारी डेहलपाछे सोधपुछ करेबेर अपने मामाके १५ वर्षीय छावासे करिब दुई वर्षस दुनु बालिकाउप्पर जबरजस्ती यौन दुव्र्यवहार करटी आइल घटना बाहेर आइल ।
डर, धम्की ओ कुटपिटके कारण बालिकाहुक्रे नम्मा समयसम घटना बटाई नैसेकल पत्ता हुइल । परिवारसे बाल हेल्पलाइन ओ सिविन नेपालसँग समन्वय करके प्रहरीमे जाहेरी दर्ता करल पश्चात पीडक वालकहे नियन्त्रणमे लेहल रहे । बालिकाहुकनहे अस्थायी सुरक्षित आवासमे धारके स्वास्थ्य परीक्षण, मनोसामाजिक तथा मनोचिकित्सकीय सेवा प्रदान करल रहे । पारिवारिक पुनस्र्थापनापाछेफे पीडकसे फेरसे धम्की डेहे लागलपाछे बालिकाहुकनमे गम्भीर मानसिक त्रास डेल बा ।
ओस्टे करके कैलालीके १५ वर्षीया “मुना” (परिवर्तित नाम) कक्षा ९ मे अध्ययनरत विद्यार्थी हुइट । एक दिन स्काउट समूहके संघरीयाके आग्रहमे कुछ युवाहुकनसंग घुमे जाईबेर उहाँहे जन्मदिन मनैना बहानामे होटलमे लैगिल । जन्मदिन मनैना क्रममे गैल ३ जाने युवकहुक्रे मदिरा सेवन करल रहिट ।
साँझ हुइलपाछे मुना अपन कोठामे लौटना कहली घर पुगैना बहानामे एक्के कोठामे लैजाके मुनाके संघररीयाहे तीनु जाने युवकहुक्रे सामुहिक जबरजस्ती यौन सम्बन्ध रख्लै । मुनाके संघरीया अत्यधिक रक्ताश्रापके कारण बेहोस हुइलपाछे उहे युवकहुक्रे उहाँहे उपचारके लाग अस्पताल लैजागिल । घटना पश्चात परिवारसे प्रहरीमे उजुरी करल । अनुसन्धानके क्रममे मुनाहेफे प्रहरी पक्राउ करल ।
अनुसन्धानसे मुना अपनहीफे नम्मा समयसे यौन दुब्र्यबहार खेप्टी आइल खुललपाछे उहाँहे सुरक्षित आवासमे धारल बा । घटनाके कारण मुना ओ उहाँक संघरीया तथा दुनु परिवारमे गम्भीर मानसिक तनाव ओ असुरक्षाके अवस्था सिर्जना हुइल बा ।
जुलाईसे सेप्टेम्बर, २०२६ समके अवधिमे सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली जिल्लामे केल्ह यौन हिंसाके घटना कुल लैङ्गिक हिंसाके २८.८९% हुइल तथ्याङ्कसे बालिका ओ महिलाउप्पर हुइना हिंसाके अवस्था गम्भीर रहल स्पष्ट डेखाइठ ।
सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रहरीके तथ्याङ्कअनुसार २०८३ के असारसे भदौसममे जबर्जस्ती करणी ६३ ठो, जबर्जस्ती करणी उद्योग १४ ठो, बालयौन दुब्र्यवहार ९ ठो, जबर्जस्तीकरणी करके कर्तव्य ज्यानके १ ठो ओ घरेलु हिंसाके घटना २९० ठो दर्ता हुइल डेखाइठ ।
मुलुकी अपराध संहिता, २०७४ के दफा २१९ अनुसार १८ वर्षसे कम उमेरके बालिकासँग सहमतिमे हुइल करणीसमेत जबर्जस्तकरणी मन्ना कानुनी व्यवस्था रहल बा । उमेर अनुसार फरक–फरक सजायके व्यवस्थाफे बा । मने, कानुनी व्यवस्था रहरहटीफे सामाजिक दबाब, पारिवारिक इज्जत, आर्थिक निर्भरता, डर–धम्की, पीडकसँगके सम्बन्ध तथा समुदायस्तरमे हुइना मिलापत्रके कारण ढेर घटना औपचारिक न्याय प्रणालीसम पुगे नैसेकल अवस्था विद्यमान बा ।
टबमारे पितृसत्तात्मक सोच, लैङ्गिक असमानता तथा विद्यमान शक्ति संरचनाके आलोचनात्मक विश्लेषण करटी महिला तथा बालिकाउप्पर हुइना हिंसाके मूल कारणहे सम्बोधन करटी लैङ्गिक समानता, सम्मानजनक सम्बन्ध, सहमति, तथा उमेरअनुसार उपयुक्त यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धी शिक्षा प्रारम्भिक तहसे पाठ्यक्रम तथा शैक्षिक अभ्यासमे समावेश करके प्रभावकारी रूपमे कार्यान्वयनमे ल्यन्न आवश्यक रहल प्रदेश संयोजक थापा जनैली ।
