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गुरगी सिँचाइ योजना निर्माणमे अनिश्चितता

पहुरा | ३ बैशाख २०८३, बिहीबार
गुरगी सिँचाइ योजना निर्माणमे अनिश्चितता

पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३ बैशाख ।
कैलालीके कैलारी गाउँपालिका २ स्थित गुरगी सिँचाइ योजना निर्माणमे अनिश्चितता डेखगैल बा ।
सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारसे उक्त योजनाहे बहुवर्षिय योजनाके रुपमे स्रोत सुनिश्चितता नैकरलपाछे निर्माण नैहुइना अनिश्चितता डेखल हो ।

प्रदेश सरकारसे इहीसे आघे बहुवर्षीय योजनाके रूपमे लेटी उ योजना निर्माणके लाग आव २०७५÷७६ मे ५० लाख, आव २०७९÷८० मे १२ करोड, आव २०८०÷८१ मे ६ करोड, आव २०८१÷८२ मे ५ करोड ओ आव २०८२÷८३ के रातो किताबमे ३ करोड सहित २६ करोड ५० लाख बिनियोजन करसेकल बा ।

मने इ आर्थिक बरस सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार आर्थिक मामिला मन्त्रालयसे उक्त योजनाहे बहुवर्षीय योजनाके रुपमे स्रोत सुनिश्चितता नैकरलपाछे निर्माण नैहुइना डेखल हो । प्रदेश सरकारसे बहुवर्षीय योजनाके रुपमे स्रोत सहमति नैडेहलपाछे सामाजिक सञ्जालमे सरकारके विरोध सुरु हुइल बा । गैल बरस फेन निर्माण प्रक्रिया अन्तिम चरणमे पुगल बेला पानीके मुहानके स्रोत सुनिश्चितके बखेडा झिकके प्रक्रिया राके खोजलपाछे स्थानीय उपभोक्ता आक्रोशित हइटी विरोधमे् उटरल रहिट ।

जलस्रोत तथा सिँचाइ विकास डिभिजन कार्यालय कैलालीसे प्रस्तावित गुरगी सिँचाइ योजनासे करिब ४ किलोमिटर उप्पर उहे कटैनी लडियामे बनल औरे टेंढी सिँचाइ योजनासँग सहमति लेहे पर्ना ओ लडियाके पानीके स्रोत सुनिश्चितता नैहुइल कहटी प्रक्रिया नैबह्रैना अडान लेहल रहे ।

इहे बिच टमान बहानामे करोडौं बजेटके सिँचाइ योजना तुहाइ खोजलपाछे उपभोक्ताहुक्रे संघर्ष समिति बनैले बटै । उहीसे आघे कैलारी गाउँपालिका वडा नं. ७ के पूर्व वडाध्यक्ष कमल प्रसाद चौधरीके संयोजकत्वमे रहल सङ्घर्ष समितिहे पुर्नगठन करल बा ।
पुर्नगठन करल संघर्ष समितिके संयोजकमे वडा नम्बर ७ बर्का बसन्ताके भलमन्सा बाबुराम चौधरी रहल बटै । जेकर सदस्यमे प्रत्येक गाउँके बरघर, भलमन्सा, गुरगी बाँध सिँचाइ जल उपभोक्ता संस्थाके प्रतिनिधि, टेंढी सिँचाइ योजना जल उपभोक्ता संस्थाके प्रतिनिधि सहित रहल बटै । संघर्ष समितिसे बाँध निर्माणके लाग प्रदेश सरकारहे दवाव सहित केन्द्र सरकारसँग पहल कैना जनाइल बा ।

५७ बरस आघे निर्माण हुइल गुर्गी सिँचाइ आयोजना २०६४ सालके बारह्से भट्काइल पाछे अलपत्र परल बा । आर्थिक बरस २०६२÷६३ मे बनाइल पक्की बाँध २०६४ सालमे आइल बारह्से भट्काइलपाछे उ आयोजना हालसम अलपत्र परल हो ।
दुई दशकआघे भट्कल बाँध अब्बेसम बने नैसेकलपाछे यहाँके किसान नहरके पानी उपभोग कैनासे वञ्चित हुइटी आइल बटै । वर्षौँ पुरान सिँचाइ आयोजनामध्ये गुर्गी सिँचाइ आयोजनाके बाँध २०२६ सालमे तत्कालीन जमिनदार रामदिन महतो, छिमानन्द ओ देशराज महतो यहाँके स्थानीय मार्फत बनाइल बटाजाइठ् ।

आव २०६२÷६३ मे पक्की बाँध बनागैलेसे फेन २०६४ सालमे आइल बारह्से आयोजनाके बाँध भट्काइलपाछे उ आयोजना निर्माणके काम अब्बेसम आघे बह्रे सेकल नैहो ।

आयोजना बन्द होके नहरसमेत अतिक्रमण हुइलपाछे कैलारी वडा नं १, २, ५ ओ ७ वडाके किसान सिँचाइ अभावमे उ क्षेत्रके किसान अकासे पानी ओ बोरिङके भरमे खेतीपाती करे पर्ना बाध्यता रहल बा । जिल्लाके नमुना रहल उ योजनासे झन्डै छ हजार ढेर किसान लाभान्वित हुइटी आइल रहिट । बारह्से योजनाके बाँध भट्काइलपाछे अकासे पानीके भर परे परल किसानके गुनासो रहल बा । उक्त सिँचाइ योजनासे एक हजार चार सयसे ढेर हेक्टर जमिनमे सिँचाइ उपलब्ध हइटी आइल जनाइल बा ।

सिँचाइ विकास डिभिजन कार्यालयके सर्भेअनुसार योजनाके लागत रु ४४ करोड अनुमान करल बा कलेसे एक हजार ८०० हेक्टर जमिनमे सिँचाइ सुविधा पुग्ना बा । योजनासे कैलारी–१ के बिसनपुर, लवलपुर, मनाउ, हरिनगर, डम्मरा गाउँ, वडा नं ५ के सडकपुर, पबेरा, गोबरैला, जब्दहवा, मनिकापुर, बैजपुर गाउँ ओ वडा नं ७ के रतनपुर, सिउपुर, नारायणपुर, वसन्ता, छटकपुर वसन्ता, भुँइयाफाटा, रामपुर गाउँके किसान लाभान्वित हुइना जनाइल बा ।

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