प्रदेश स्तरिय वातावरणीय मानव असिधकार सम्बन्धी क्षमता अभिबृद्धि कार्यक्रम सम्पन्न
पहुरा समाचारदाता
धनगढी, ३० बैशाख । अनौपचारिक क्षेत्र सेवा केन्द्र(इन्सेक) सुदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालय, धनगढीके आयोजनामे ‘स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित मानव अधिकार’ कना मुल नाराके साथ सुदूरपश्चिम प्रदेश स्तरीय वातावपरणीय मानव असिधकार सम्बन्धी क्षमता अभिबृद्धि कार्यक्रम धनगढीमे सम्पन्न हुइल बा ।
मानव अधिकार रक्षकहुकनहे वातावरण, व्यवसाय ओ मानव अधिकार बिचके सम्बन्ध, राज्यके दायित्व तथा जिम्मेवारीबारे छलफल कैना उद्देश्यसे प्रदेश स्तरीय वातावरणीय मानव अधिकार सम्बन्धी क्षमता अभिबृद्धि कार्यक्रमके आयोजना इन्सेक प्रदेश संयोजक खडकराज जोशी बटैलै ।

उहाँ मानव अधिकार रक्षकहुकनके काम, कर्तव्य ओ जिम्मेवारीसंगे राज्यहे खबरदारी ओ जवाफदेही बनाइक लाग राज्यसे निर्माण करल कानुनके बारेमे जानकार हुइना अध्ययनके आवश्यकता रहल मानव अधिकार रक्षकसे वातारण ओ मानव अधिकार, व्यवसाय ओ मानव अधिकारके बारेमे फे जन्ना आवश्यक रहल बटैलै ।
राष्ट्रिय अपाङ्ग महा संघ सुदूरपश्चिम प्रदेश सचिव नरदिप धामी प्रदेश ओ स्थानीय सरकारसे निर्माण करल भौतिक संरचना अपाङ्गमैत्री नैरहल कारण राष्ट्रिय अपाङ्ग महासंघसे बार बार राज्यके ध्यानाकर्षण करेबेरफे राज्यसे सुनुवाई नैकरेबेर राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगसे पहल करेपर्ना गुनासो करलै ।
एनबि मिडिया नेटवर्कके प्रधान सम्पादक हरीशचन्द्र बाग द्वन्द्व पीडितहुक्रे नम्मा समयसे न्याय नैपाइल अवस्थामे राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगसे राज्यहे जवाफ देही बनाईपर्ना बटैलै ।
फेडोकी सहजकर्ता पुर्णिमा शाहकडारा प्रदेश सरकारसे कानुन निर्माण करेसेफे प्रभावकारी कार्यान्वयन नैहुके समुदायमे जातिय विभेद जैसिन गम्भीर मानव अधिकार उलङ्घनके घटना घटटी हल बटैली ।

मुक्त कम्लहरी विकास मञ्चके पुर्व अध्यक्ष विन्द्रा चौधरी स्थानीय तहस मुक्त कमैया, कम्लहरी ओ मुक्त हलियाके पुनस्र्थापना कैना कार्यविधि नैबनाइल कारण पुनस्र्थापनामे समस्या हुइल बटैली ।
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग, सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रमुख मानबहादुर कार्की व्यवसाय ओ मानव अधिकार, राज्यके दायित्व— मानव अधिकार, संयुक्त राष्ट्र संघमे व्यवसाय ओ मानव अधिकार सम्बन्धी निर्देशक सिद्धान्त, मानव अधिकारके तीन खम्बा, व्यवसायजन्य कृयाकलापसे मानव अधिकारमे पर्ना प्रभाव, व्यवसाय ओ मानव अधिकार सम्बन्धी राष्ट्रिय कार्ययोजना, सिद्धान्त बमोजिम बनल कार्ययोजनामे समेटल विषय बस्तु, राष्ट्रिय कार्ययोजनाके अनुगमन तथा मुल्याङ्कन, आयोगके भुमिका ओ राष्ट्रिय कार्ययोजनासे अपेक्षा करल उपलब्धी व्यवसाय ओ मानव अधिकार सम्बन्धी राष्ट्रिय कार्ययोजना २०८०÷२०८५ कार्यान्वयनके अवस्थाके बारेमे प्रतुतीकरण करल रहिट ।
