मदिराके सब्से ढेर असर बालबालिका ओ महिलाहे
शिवानी चौधरी
धनगढी, १ कुवाँर । मदिराके असर सब्से ढेर बालबालिका ओ महिलाहे करटी रहल एक कार्यक्रममे बटागिल बा ।
सिविन नेपालसे विफेक रोज धनगढीमे आयोजना करल मदिरा नियन्त्रणमे संचार क्षेत्रके भुमिका विषय कार्यक्रममे सिविन नेपालके प्रवन्धक सागर भण्डारी मदिराके असरसे सब्से ढेर महिला ओ बालबालिका प्रभावित हुइल बटाइल रहिट ।
उहाँ कहलै, तथ्याङकमे हेरेबेर बालबालिका उप्पर हुइना यौन दुव्र्यवहार ओ घरेलु हिंसा मदिरा सेवनके कारण डेखल बा । यिहीहे नियन्त्रणके लाग टमान ऐन कानून बनल मने मदिरा नियन्त्रणमे कमी आई नैसेकल हो । सरकारसे ल्यानल मदिरा ऐन २०३१ मे मदिरा व्यवसायके दर्ता, इजाजत, विक्रीवितरण नियन्त्रण ओ मुख्य रुपमे राजश्व असुलीमे केन्द्रित रहल बा ।
होटल व्यवस्थापन तथा मदिरा विक्री वितरण (नियन्त्रण) ऐन २०२२ सर्वसाधारणके सदाचार, स्वास्थ्य, सुविधा ओ आर्थिकहित कायम रख्ना होटल व्यवस्थापन तथा मदिरा विक्रीमे नियमन कैना उद्देश्य रहल बा । अन्तशुल्क ऐन २०५८ मे मुलुकके आर्थिक विकासके लाग राजश्व संकलन कैना प्रक्रिया अन्र्तगत स्वदेशमे उत्पादित वा पैठारी–आयत) हुइना मदिरामे अन्तशुल्क लगैना व्यवस्था करल बा ।

प्रवन्धक भण्डारी नेपालमे मदिरा प्रयोगके अवस्थाबारे जानकारी डेहल रहिट । सन २०१९–२०२१ के तथ्यांक अनुसार नेपालमे ३० से ७० बरस उमेर समुहके व्यक्तिहुकनमे नैसर्ना रोगके कारण हुइना अकाल मृत्युदर २२ प्रतिशत रहल बा । ओ यी गम्भीर समस्याके रुपमे डेखल बा ।
मादक पेय पदार्थके उपभोगमे महिलाहुकनके तुलनामे पुरुषसे मदिरा ढेर सेवन कैना करल डेखगिल बा । जेम्ने ४२ प्रतिशत पुरुष ओ ११ प्रतिशत महिलासे मदिरा सेवन करल डेखा परल बा । ओम्नेफे २० प्रतिशत पुरुष ओ १३ प्रतिशत महिला प्रत्येक दिन मदिरा सेवन करठै ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ओ नेपाल सरकारसे सन २०१९ मे करल नेपालमे गैर संक्रामक जोखिम कारकके सर्वेक्षण अनुसार १५ से ६९ बरस उमेर समुहके व्यक्तिहुकनमे मदिरा सेवनके दृष्टान्टमे २३.९ प्रतिशत वयस्क ३८.६ प्रतिशत पुरुष, १०.८ प्रतिशत महिला वर्तमान समयमे मदिरा सेवन कैना व्यक्ति डेखल बटै ।
आवधिक मने अत्याधिक पिउइयामे ६.८ प्रतिशत वयस्क, १२.४ परुष ओ १.७ प्रतिशत महिला आवधिक मने अत्याधिक पिउइया डेखा परल बटै ।
इ अध्ययनके समयमे मदिरा पिउइयामे एक चौथाइसे ढेर २८.४ प्रतिशत आवधिक मने अत्याधिक पिउइयामे संलग्ना बटै । जेम्ने ३२.२ प्रतिशत पुरुष, १६.१२ महिला रहल बटै ।
अभिलेख नैकरल मदिरा सेवनके अवस्थामे वर्तमान समयमे मदिरा पिउइयाहुक्रे (पछिल्का ३० दिनमे) मध्ये ६५.३ प्रतिशत पुरुष, ७७.३ प्रतिशत महिला ओ कुल ६८.५ प्रतिशतके पछिल्का सात दिनमे रेकार्ड नैकरल ओ नैरहल मदिरा सेवन करल पाइल बा ।

प्रवन्धक भण्डरी न्यून आय रहल समुदाय घरेलु उत्पादिक मदिरा सेवन करटी रहल भेटल बटैलै । बच्चा गर्भमे रहल बेला मदिरा सेवनके कारण जन्मल पाछे अटिजन डेखल बटैलै । विश्व स्वास्थ्य संगठनके तथ्याङक अनुसार क्यान्सरके मुख्य कारणफे मदिरा सेवन रहल उहाँ बटैलै ।
कार्यक्रममे मदिराके उत्पादन, वितरण ओ प्रयोगके कारण सृजना हुइल अवस्थामे सञ्चार क्षेत्रके भुमिका कैसिन रहेक पर्ना खुल्ला छलफल करल रहे । उहे अवसरमे सञ्चारकर्मीहुक्रे मदिरा नियन्त्रण ऐन सम्बन्धि बनल कानुनहे प्रभावकारी कार्यान्वयन संगे अनुगमन तिव्र बनैक पर्ना कहल रहिट ।

कार्यक्रममे सिविन नेपालके प्रवन्धक भगवती श्रेष्ठ स्वागत मन्तव्य व्यक्त करटी मदिरा सेवनसे बालबालिकाके शैक्षिक अधिकार ओ संरक्षणमे हनन हुइल बटैली । मदिरा नियन्त्रण ओ महिला तथा बालबालिका उप्परप्रति रहल असरहे नियन्त्रण करेक लग उहाँ दुई बरस स्थानीय तह, प्याव्सन एण्ड प्याव्सनसे छलफल करटी रहल जनैली ।
कार्यक्रमके सञ्चालन तथा सहजीकरण सिविन नेपालके जिल्ला संयोजक हरिलाल चौधरी करल रहित । उहाँ एकदशक ढेर बरससे महिला तथा बालबालिकाके क्षेत्रमे काम करटी आइल बटैलै ।
