थारु राष्ट्रिय दैनिक
भाषा, संस्कृति ओ समाचारमूलक पत्रिका
[ थारु सम्बत ०८ माघ २६४४, बिफे ]
[ वि.सं ८ माघ २०७७, बिहीबार ]
[ 21 Jan 2021, Thursday ]

सम्पादकीय

थारु सलिमाके उभरखाभर डगर

थारु सलिमाके उभरखाभर डगर

माघ लगत्ते थारु सलिमा ’बिरा’के छायांकनके काम सुरु हुइल खबर आइल बा । थारु सलिमा बन्ना क्रममे ’ब्रेक’ लागल बेला इ सुखद खबर हो । इ सलिमाके सबसे भारि मौलिकता कलक यकर निर्देशकसे लेके सब कलाकार, निर्माता टक थारु समुदायके बटाँ । बिरा सलिमाके
बरघर प्रथा ओ बारबर्दियासे सिखाइ

बरघर प्रथा ओ बारबर्दियासे सिखाइ

पाँच बरसके लग चुनगैल दुइ तिहाइके सरकार अपने मुराढि तीन बरसमे मुँहक बल गिरल बा । सरकारके स्थायित्व नैरहटसम देश विकास हुइना सम्भव नै हो । मने बुझके बुझ पचैटि नेतनके अनाडिपनले, पार्टीमे डेखा परल गुटगत घिनौना खेलले देश डुब्ना संघारमे
रानाथारू भाषामे लेखन अभ्यास

रानाथारू भाषामे लेखन अभ्यास

अब्बे थारु भाषामे मानक लेखनके बाट बहुट गरमागरम ढंगसे आगे बह्रल बा । थारुन्के छाता संगठन थारु कल्याणकारिणी सभा (थाकस) कुछ समय पहिले थारु मानक भाषाके बारेम भर्चुअल बहस कराइल । इ बारेम साहित्यकार सोम डेमनडौरा फेन लाइभ कार्यक्रम चलैलाँ ।
बरघरमे महिला नेतृत्व

बरघरमे महिला नेतृत्व

अब्बे थारु गाउँमे गाउँक् समिक्षा हुइनाके साथ साथे गाउँक् अगुवा बरघर, भलमन्सा, महटाँवा, ककनडार चुन्ना क्रम जारि बा । जे मजा काम कैले बा, भुरा खेलसे उ फे डुबारा जिम्मेवारिमे अइटि बा । गाउँक् जनता मन पराइलमे फे कोइ बरघर अपन सेकारि नै
डेहरि हेरके टिह्वार मनाइ

डेहरि हेरके टिह्वार मनाइ

नेपालीमे एकठो कहकुट बा, ’घाँटी हेरी हाड निल्नु’ इहि थारुमे सोझौला रुपसे उल्ठा कर्लेसे घेंचा हेरके हड्डि लिलि कहे सेक्जाइठ । याने कि अपन औकाट अन्सार व्यवहार करि । कौनो जबाना रहे, सर्वसाढारन थारुन्के घरेम सुरिक सिकार रिझक लग फेन
माघेम सार्वजनिक बिदामे काजे कन्जुस्याइ ?

माघेम सार्वजनिक बिदामे काजे कन्जुस्याइ ?

अँट्वारके बैठल मन्त्रिपरिषद् बैठकसे माघके अवसरमे माघ १ गते सार्वजनिक बिदा डेना निर्नय कइगैल बा । उहे डिन माघे संक्रान्ति पर्ना हुइल ओरसे सरकार हरेक बरस माघ १ गते सार्वजनिक विदा डेठ् । मने, उहे डिन थारु समुदायके लावा बरस ओ बर्का टिह्वार
थारुन्प्रति प्रधानमन्त्रीके उँटमुटावन अभिव्यक्ति

थारुन्प्रति प्रधानमन्त्रीके उँटमुटावन अभिव्यक्ति

सुखके रोज प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली धनगढीके कार्यक्रममे अपन कार्यकर्तन सम्बोधन कर्ला । मने लम्मा समयसे आन्दोलनरत थरुहट/थारुवान आन्दोलनकारीप्रति उहाँक अभिव्यक्ति उँटमुटावन लग्टिक रहल । प्रम ओली टीकापुर घटनाके सिलसिलामे
कन्द्रा लडियक् पुल, कहाँ हुइल भुल ?

कन्द्रा लडियक् पुल, कहाँ हुइल भुल ?

कैलालीके भजनी नगरपालिका–३ स्थित कन्द्रा लडियामे पुल बने सुरु हुइल नौ बरस बिट सेकल । मने इ नौ बरसमे पुलके ६० प्रतिशत किल काम हुइल जानकारी मिलल बा । जबकि पुल साढे दुई बरस भिट्टरमे निम्जैना कहिके बिरुवा लामासाल्पा शेर्पा कम्पनी ठेक्का
पूर्वकमलरी रजनीके सिपसे लेहे पर्ना सिख्खा

पूर्वकमलरी रजनीके सिपसे लेहे पर्ना सिख्खा

एकठो कहकुट बा, खैना मुँहहे मोंछ नै सेकठ । इ बाट बर्दगोरिया गाउँपालिका–२ झगरपुर, कैलालीके रजनी चौधरीके जिन्गिसे मेल खाइठ । कौनो समय आनक घर कमलरी लागल उ अब्बे अपन सिपमुलक काम टेलरिङसे मैन्हक ७५ हजार कमाहि किल नै कर्ले हुइ,संगसंगे ६ जनहनहे
विद्यार्थीनके बाहिरी ज्ञानमे एभरेष्टके सिखाइ

विद्यार्थीनके बाहिरी ज्ञानमे एभरेष्टके सिखाइ

कोरोनाके कारन लकडाउन हुइल कारन लम्मा समयसम स्कुल, कलेज बन्द रहल । डोसर शैक्षिक सत्र अइटि रहलबेला बल्ले स्कुल सुचारु हुइल बा । मने ढेर दिन पह्राइ छुटल कारन पोस्टा हेरक मन नैलग्ना विद्यार्थीन पह्राइमे कसिक आकर्षित कर्ना मस्टरवन लग