सागर कुश्मीधनगढी, १० फागुन । छठुवा राष्ट्रिय थारु साहित्य सम्मेलन २०७८ कंचनपुर जिल्लाके कृश्नपुर ६ सिंहपुर गाउँमे हुइ जैटी बा । थारू भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति प्रवद्र्धनमे सहयोग पुगैना उद्देश्य सहित फागुन १२, १३ ओ १४ गते तीन दिनसम
कुछ बरस आघक बात हो । जब मै मुगुक सदरमुकाम गमगढीम बैसु । शिक्षण पेशाके सिलसिलाम रनहुँ । आफन घर पर्यार, इष्टमित्रसे दूर, फरक भूगोल, फरक संस्कृति, फरक भाषाके रनहुँ । एक दिनके बात हो मै स्कुल ओहर जैटी रनहुँ तब एकठो गोह्रर गोह्रर बठिन्या
पहुरा समाचारदाताधनगढी, १६ माघ । थारू लेखक संघ नेपाल धनगढी कैलाली ‘थारू साहित्य पुरस्कार २०७८’ से मौलिक तथा सांस्कृतिक गीत संगीत विधामे एकजाने स्रष्टाहे सम्मान कैना हुइल बा । धनगढीमे बैठल कार्यसमितिके बैठकसे अइना फागुन ११ ओ १२ गते
१. भरल माघेम घर फोरम सोचल आटो की का।।एक्के परिवारमे तीन चार डल आटो की का।। बसल घर उखर्ना सहजे बा उखरल बसैना कर्रा ।डाडा भैयान बिलल्वाके छोरल आटो की का।। २. असौं माघेम मेला घुमे लैजैम प्यारी।।जत्रा पेटेम अटाई सब खवैम प्यारी।। यी सपना