पहुरा
२२ माघ २०७८, शनिबार
कुछ बरस आघक बात हो । जब मै मुगुक सदरमुकाम गमगढीम बैसु । शिक्षण पेशाके सिलसिलाम रनहुँ । आफन घर पर्यार, इष्टमित्रसे दूर, फरक भूगोल, फरक संस्कृति, फरक भाषाके रनहुँ । एक दिनके बात हो मै स्कुल ओहर जैटी रनहुँ तब एकठो गोह्रर गोह्रर बठिन्या